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अचानक ही इस देश के 3 लड़ाकू हेलीकाप्टर हुए भारतीय सीमा पर तैनात

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भारत और चीन विवाद में चीन अपनी खुरापाती से बाज़ नहीं आ रहा है. चीन एक तरफ तो कहता है की वह भारत के साथ शांतिपूर्ण सम्बन्ध रखना चाहता है लेकीन वही दूसरी तरफ वह भारत के खिलाफ अपनी चाले चलता रहता है. चीन ने पिछले हफ्ते ही कहा था की वह भारत के साथ अपने सम्बन्ध बिगाड़ना नहीं चाहता, लेकिन एक बार फिर चीन ने भारतीय सीमा में घुसपैट की है. चीन के हेलिकॉप्टर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को पार कर भारत की सीमा के अंदर घुस गए हैं. पिछले एक महीने में ऐसा चौथी बार हुआ है जब चीन के हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में घुसे हों.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, १० मार्च को चीन के तीन हेलीकॉप्टर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल में घुस गए थे. यह तीनों हेलीकॉप्टर बराहोती में ४ किलों मीटर अंदर तक घुस गए थे. करीब 5 मिनट तक वह इस क्षेत्र में उड़ते रहे. इसके बाद भारतीय एजेंसियां एलर्ट हो गई हैं. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के बराहोती, लद्दाख के ट्रिग हाईट, लद्दाख के बुर्तसे और डेपसांग में चीनी सेना के हेलीकॉप्टर घुसे. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि तीन चीनी हेलीकॉप्टर बराहोती में भारतीय सीमा के अंदर करीब ४ किलो मीटर तक आए. ८ मार्च २०१८ को चीन ने लद्दाख के ट्रैक जंक्शन में ३ हेलीकॉप्टर से सुबह ८ बजकर ५५ मिनट पर घुसपैठ की. इस दौरान करीब १८ किलोमीटर अंदर तक भारत के एयर स्पेस में यह तीनो चीनी हेलीकॉप्टर मंडराते रहे.

एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि २७ फरवरी को भी चीन ने लद्दाख के डेपसांग और ट्रिग हाईट में १९ किलो मीटर तक घुसपैठ की थी. इस इलाके में 2 चीनी हेलीकॉप्टर से PLA ने भारतीय सुरक्षा बलों की निगरानी की. ट्रिग हाइट और डेपसांग का यह इलाका भारत के लिए स्ट्रैटिजिक महत्व की जगह है. और इसी कारन चीन यहां अपना प्रभुत्व बनाये रखने की कोशिश में रहता हैं. इसी इलाके में भारत का महत्वपूर्ण दौलत बेग ओल्डी एयरफील्ड है जिस पर चीन घुसपैठ के जरिए नज़र रखने की कोशिश में रहता है. साल २०१८ में चीन ने करीब ४५ बार भारत में घुसपैट की है. चीन ने जम्मू कश्मीर के लद्दाख, अरुणाचल, उत्तराखंड के बराहोती और हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों में अब तक घुसपैठ की है.

भारतीय सीमा के पास चीन अपने लिए सड़कों का निर्माण कर रहा है. चीन ने शक्सगम घाटी से सियाचिन के पास ३६ किलो मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया है. इस सड़क पर चीन द्वारा दो पोस्ट भी बनाई गई हैं. एक पोस्ट पाक अधिकृत कश्मीर के शक्सगम घाटी में और दूसरी 20 किलोमीटर दूर बनाई गयी है. रक्षा सूत्रों से जानकारी मिली है. जिसके मुताबिक भारत ने इस ताजा निर्माण पर चीनी सरकार को अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है. डोकलाम विवाद के बाद भारत ने कड़ा विरोध जताया था. जिससे ऐसा लग रहा था कि चीन अब शांत हो गया है. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सैटलाइट से हासिल तस्वीरों में सड़क निर्माण का काम देखा जा सकता है. जिससे यह साफ़ है की चीन अपनी हरकतों पर रोक नहीं लगा रहा है.

सूत्रों द्वारा चीन की इस घुसपैट को भारतीय राजदूत गौतम बंबावाले के बयान से जोड़ा जा रहा है. चीन विवादित जगह से थोड़ी ही दुरी पर सड़क बना रहा है. और उसी क्षेत्र में चीन घुसपैट भी कर रहा है. लाइन ऑफ़ कंट्रोल के अन्दर चीन ने ३६ किलो मीटर की सड़क भी बना ली है. चीन की इन हरकतों से यह स्पष्ट होता है की चीन बिना कुछ कहे अपनी हरकतों को जारी रखे हुए है. और भारत के साथ दोस्ती का उसका बयान सिर्फ एक दिखावा है. चीन भविष्य का नियोजन कर अपनी गतिविधियों को आगे बढा रहा है. चीन ने जहा सड़क बनायीं है वह से थोड़ी ही दुरी पर सियाचिन है. सियाचिन में पकिस्तानी सैन्य तैनात है. इसका मतलब, यदि भारत और पकिस्तान में युध्द होता है, तो चीन आसानी से पकिस्तान की मदत कर पायेगा.

चीन कुछ ऐसी हरकते कर रहा है जिससे यह लगता है की वह भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. चीन भारत पर लगातार दबाव डाल रहा है जिससे भारत जल्द से जल्द सीमा विवा पर कोई निर्णय करे. जीस तरह चीन अपनी घुसपैट की हरकतों को जारी रखे हुए है, भविष्य में भारत और चीन आमने सामने आने की संभावनाए बढ़ रही है. चीन यदि इसी तरह भारतीय सीमा में प्रवेश करता रहा, तो निश्चित ही भारत को भी कोई कड़े कदम उठाने की जरुरत होगी. चीन ने हमेशा ही भारत के खिलाफ रणनिति जारी रखी है. चीन पकिस्तान को भी मदत कर रहा है और अब वह नेपाल को भी अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगा हुआ है. यदि जल्द ही चीन अपनी गतिविधियों पर रोक नहो लगत, तो भारत के लिए यह चिंता का विषय बन सकता है.