Home विदेश अचानक ही ट्रम्प ने रूस पर ले लिया ये हाहाकारी फैसला

अचानक ही ट्रम्प ने रूस पर ले लिया ये हाहाकारी फैसला

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अमेरिका और रूस के सम्बन्ध कई वर्षो से अच्छे नहीं रहे है. दोनों देश कभी भी युधड में नहीं उल्ज़े है किन्तु इन दोनों की एक दुसरे के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्यवाही जारी रहती है. अमेरिका और रूस के बिच एक अरह का शीतयुध्द जारी है. कभी अमेरिका रूस पर तो कभी रूस अमेरिका पर कोई न कोई कदम उठता रहत है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर उठीं दोनों ही आक्रामक नेता के रूप में दुनियाभर में जाने जाते है. इन दोनों के बिच की तनातनी एक बार फिर से दुनिया की नजरो में आ गयी है.

अमेरिका ने रूस के सात प्रभावशाली व्यापारियों और रईसों पर प्रतिबंध लगा दिया है. ये प्रतिबंध रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद के अलावा १२ कंपनियों, १७ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और हथियारों का निर्यात करने वाली एक रुसी सरकारी कंपनी पर लगाए गए हैं. पुर्व रुसी जासूस सरगई स्क्रिपल को जहर देने के मामले से रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक संकट पैदा हो गया है. वैश्विक स्तर पर अमेरिका आैर रूस के कूटनीतिक संबंधों में खटास लगातार बढ़ती ही जा रही है. अमेरिका के सात कुलीनों पर अमेरिका की आेर से प्रतिबंध लगाये जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप आैर व्लादिमीर पुतिन के बीच तनातनी बढ़ गयी है. रूस के सात सबसे प्रभावशाली कुलीनों पर अमेरिका द्वारा नये प्रतिबंध लगाये जाने के निर्णय पर पर रूस ने करारा जवाब देने की चेतावनी दी है.

अमेरिका की तरफ से रूस के खिलाफ की गयी यह एक महीने में यह लगातार दूसरी बड़ी कार्यवाही है. इससे पहले अमेरिका ने रूस के ६० रुसी राजदूतों को अपने देश से निकाल दिया था. इसके बाद से ही दुनिया की २ बड़ी महाशक्तियों के बिच की स्थिति तनावपूर्ण बन गयी है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद समेत कई व्यापारियों और उद्योगकर्मियो पर कीस कार्यवाही के पीछे ट्रम्प प्रशासन ने वजह ये बताई है की ये सभी रूस की सरकार के पश्चिमी देशो को नजरंदाज करने के प्रयास से लाभ उठा रहे थे. अमेरिकी ट्रेज़री विभाग ने रूस के १७ सरकारी अधिकारियो पर भी नेर्बंध लगाया है. हथियारों क्र कारोबार से जुडी रूस की सरकारी कंपनी रोसोबोरोनेक्स्पोर्ट का सीरिया के साथ लम्बे समय से सम्बन्ध बनाये हुए है.

इस कंपनी के सहायक रुसी फाइनेंशीयल कारपोरेशन बैंक पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया गया है. अमेरिकी ट्रेज़री के सेक्रेटरी स्टेवन टी. मनुचिन ने ने रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है. उन्होंने कहा है की रूस की सरकार व्यापारियों और सरकारी उद्यमों के असीमत लाभ के लिए काम करती है. इस करवाई के निशाने पर रूस के बड़े उद्योगपति किरिल शामालोव भी शामिल है. वे व्लादिमीर पुतिन क्र दामाद है. पुतिन की बेटी से साल २०१३ में शादी करने के बाद उन्होंने बहुत ज्यादा दौलत हासिल की है.अमेरिका के इन प्रतिबंधों को लेकर रूस ने कड़ा जवाब देने का ऐलान किया है. रूस ने कहा है कि पहले ५० चरणों के प्रतिबंधों से कुछ हासिल न होने के बाद अमेरिका वीजा जारी न करके डर फैला रहा है.

रूस के उद्योगों की कंपनियों की संपत्ति जब्त करने की धमकी दे रहा है, जबकि अमेरिका यह बात भूल गया है कि निजी संपत्ति और अन्य लोगों के धन को अधिग्रहण करना चोरी मानी जाता है. रूस के मंत्रालय ने आगे कहा है कि ऐसे प्रतिबंध अमेरिका को बाजार अर्थव्यवस्था और स्वतंत्र प्रतियोगिता के दुश्मनों की श्रेणी में रखते हैं. तो वही दूसरी तरह रूस की इस चेतावनी पर व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन रूस के साथ सकारात्मक संबंध चाहता है. लेकिन इसके लिये रूस को अपने बर्ताव में उल्लेखनीय बदलाव लाने की आवश्यकता होगी. अमेरिकी प्रशासन द्वारा रूस के सात कुलीनों, १२ कंपनियों और १७ सरकारी अधिकारियों और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाये जाने के कुछ ही घंटे बाद व्हाइट हाउस द्वारा यह बयान सामने आया है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कल अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा की ‘रूसी सरकार के साथ हम सकारात्मक संबंध चाहते हैं लेकिन इसके लिये उन्हें निश्चित रूप से अपने बर्ताव में उल्लेखनीय बदलाव लाने की आवश्यकता है’ साराह ने आगे कहा की ‘अमेरिकी कांग्रेस की इच्छा को ध्यान में रखते हुए ये प्रतिबंध एवंपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई यह साबित करती है कि राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रम्प) का यह कहना बिल्कुल सही है कि कोई भी रूस पर सख्त नहीं रहा है.’ उन्होंने कहा कि अब गेंद रूसी अदालत के पाले में है क्योंकि उनकी कार्रवाई ही यह फैसला करेगी कि निकट भविष्य में रूस के साथ अमेरिकी संबंध का स्वरूप क्या होगा. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा कि वह रूस के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं लेकिन यह रूस की कुछ कार्रवाइयों पर निर्भर करने वाला है.’

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कल अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा की ‘रूसी सरकार के साथ हम सकारात्मक संबंध चाहते हैं लेकिन इसके लिये उन्हें निश्चित रूप से अपने बर्ताव में उल्लेखनीय बदलाव लाने की आवश्यकता है’ साराह ने आगे कहा की ‘अमेरिकी कांग्रेस की इच्छा को ध्यान में रखते हुए ये प्रतिबंध एवंपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई यह साबित करती है कि राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रम्प) का यह कहना बिल्कुल सही है कि कोई भी रूस पर सख्त नहीं रहा है.’ उन्होंने कहा कि अब गेंद रूसी अदालत के पाले में है क्योंकि उनकी कार्रवाई ही यह फैसला करेगी कि निकट भविष्य में रूस के साथ अमेरिकी संबंध का स्वरूप क्या होगा. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा कि वह रूस के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं लेकिन यह रूस की कुछ कार्रवाइयों पर निर्भर करने वाला है.’