Home देश अब अलगावादी नेतोओने सुप्रीम कोर्ट को ही दे डाली ये बड़ी धमकी

अब अलगावादी नेतोओने सुप्रीम कोर्ट को ही दे डाली ये बड़ी धमकी

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जम्मू और कश्मीर में अलगाववादियों ने आतंकियों संग मिलकर तूफान मचा रखा हैं, जम्मू कश्मीर के आम लोगों के ऊपर और कश्मीर में तैनात पुलिस कर्मियों के ऊपर हर दिन पत्थरबाजी कर रही हैं साथ ही लोगों को डराने और भगाने के लिए पेट्रोल के बम फेंक रही हैं. इस हरकत से अब पूरी दुनिया परेशान हो गई हैं. बीजेपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट  आदेश देकर इसका हल निकलने की मांग की थी अब इन अलगाववादियों पर सुप्रीम कारवाही करने जा रही हैं, जल्द ही इनके खुलाप कदा फैसला आने वाला हैं, इस फैसले को लेकर अलगाववादी पहिले से ही डरे हुए हैं.

आज पुरे देश के लिए बड़ा और अच्छा दिन हैं, साथ ही अलगाववादी और आतंकियों के लिए बुरा दिन हैं. सुप्रीम कोर्ट में 35A को लेकर के जो याचिका दर्ज की थी अब सुप्रीम जल्द ही इसपर अपना नतीजा सुनाने वाला हैं. जिसके लिए मोदी सरकार दिन रात काम में लगी हुई हैं. इसके पूर्व के कोर्ट के कई फैसले लोगों के लिए जरा हटकर ही आये हैं. इस धरा 35A की सुनवाई भी वाही जज कर रहे हैं जिन्होंने दिवाली पर फटाके ना जलाने के लिए बैन लगा दिया था. अलगाववादी नेताओं ने इस स्थिति को देखते हुए फिरसे जेहर उगलने का काम कर दिया हैं, अगर सरकार ने 35A बंद करवाया तो अलगाववादियों की दहशत ख़त्म हो जाएगी कश्मीरी पंडीतों पर करने वाले अत्याचार बंद करने पड़ेंगे इसी कारन अलगाववादी नेता घबरा गए हैं.

बता दें कि टेरर फंडिग के इस केस में एनआईए ने लगभग आधा दर्जन अलगाववादी नेताओं को गिरफ्तार किया है, इसमें सैयद अली शाह गिलानी का दामाद अल्ताफ अहमद शाह भी शामिल है, रिपोर्ट्स के मुताबिक नसीम गिलानी चाहता है कि यूनिवर्सिटी के जरिये समन मिलने पर वो ऐसी स्थिति पैदा कर दे ताकि एनआईए उसे पूछताछ के लिए अल्ताफ अहमद शाह के आमने-सामने ना ला सके। इस मामले में नसीम गिलानी का बड़ा भाई नईम गिलानी भी एनआईए के रडार पर है, लेकिन समन भेजे जाने के बावजूद बीमारी का बहाना बनाकर वो एनआईए के सामने पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुआ है. इस मुद्दे के ऊपर बात करने के लिए कश्मीर के नेताओं को बीजेपी सरकार ने तुरंत ही दिल्ली बुलाया था. जिसके बाद से ही सुप्रीम ने इस धरा को ख़ारिज करने का फैलसा ले लिया हैं.

बता दें कि हुर्रियत नेताओं पर आरोप है कि इन लोगों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठनों हिज्बुल मुजाहिद्दीन और लश्कर ए तैयबा के साथ मिलकर कश्मीर घाटी में हिंसा और हंगामा करने के लिए पाकिस्तान से फंड लिया, एनआईए ने इसी मामले में हुर्रियत के नेताओं को गिरफ्तार किया है, एनआईए को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान ऐसा सबूत मिलेगा जिससे सैयद अली शाह गिलानी पर भी मुकदमा चलाया जा सके. खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय से पूछताछ के दौरान इस मामले में गिरफ्तार शबीर शाह ने गिलानी की ओर इशारा किया है और कहा है कि पाकिस्तान से आने वाले फंड का बड़ा हिस्सा गिलानी के पास जाता था. जांच एजेंसियां अब इस मामले में सबूत इकट्ठा कर रही हैं. NIA ने इससे पहिले भी कई बार कोर्ट के चक्कर काटे हुए हैं. जिसके बाद से सरकार ने इसपर कारवाही तुरंन्त करने की मांग की हैं.