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अमेरिका के सीरिया हमले के बाद, रूस ने जारी किया ये हाहाकारी बयान

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सीरिया में हुए हमलों की वजह से अब पूरी दुनिया की राजनीती को उथल पुथल कर दिया है. सीरिया में बीते शनिवार को रासायनिक हमले किये गए. जिसपर अमेरिका ने सीरिया के बशर अल असद और उनके सहयोगी रूस और ईरान पर तंज कसा है. अमेरिका ने इन देशों को चेतावनी दी थी की इन हमलों के जिम्मेदार लोगों को इसी बड़ी किमत चुकानी होगी. अमेरिका के राष्ट्रपति ने इन हमलों के जवाब में सीरिया पर सैन्य कार्यवाही करने के आदेश अपने सैन्य को दे दिए थे जिसके तहत अमेरिकी सैन्य ने सीरिया पर मिसाइल से हमला कर दिया है.

अमेरिका द्वारा किये गए इस हमले पर अब रूस ने अपना गुस्सा व्यक्त किया है. रूस का कहना है की अमेरिका ने सीरिया पर उस वक़्त हमले किये है जब यहाँ शांति की आशा की जा रही थी. रूस के एक टीव्ही चैनेल ने रविवार को रूस के लोगो से कहा है की वे तीसरे विश्वयुध्द के लिए तैयार रहे. सीरिया में चल रहे वर्तमान संकट को ध्यान में लेते हुए रूस के सरकारी टीवी ने दर्शकों से तीसरे विश्व युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है. एक विशेषज्ञ अलेक्जेंडर गोल्ट्स ने कहा है कि एक साल पहले मैंने कहा था कि हम नए शीत युद्ध में प्रवेश कर रहे हैं, लेकिन कोई भी उस वक़्त मुझसे सहमत नहीं था. अब हर कोई सहमत है. लेकिन यह भी साफ हो चुका है कि दूसरे विश्व युद्ध में हालात तेजी से बदल रहे थे.

इसकी अभी बस शुरुआत भर हुई है. अमेरिका में रूस के इस आकलन की जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है. अमेरिका में कहा जा रहा है कि रूसी ऐसी बेकार की बातों में विश्वास कर रहे हैं. ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से अमेरिकी बम शेल्टर प्रोड्यूसर्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है. अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरियाई सेना और केमिकल रिसर्च सेंटर को निशाना बनाते हुए १०० मिसाइलें दाग दी हैं. इस बीच रूस, सीरिया के समर्थन में उतर आया है. रूसी कर्नल जनरल सर्गेई रुडस्कोई ने शनिवार को बताया कि रूस सीरिया और अन्‍य देशों को एस-३०० मिसाइल सिस्‍टम की आपूर्ति करा सकता है. रुडस्‍कोई ने इसके साथ ही ये भी कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सीरिया पर जो मिसाइल दागी हैं, उनसे वहां की स्थिति और खराब हो चुकी है.

उन्‍होंने बताया कि सीरिया के ज्‍यादातर शहरों में अब स्थिति शांत है. सीरिया के पूर्वी गोता के डौमा में हुए रासायनिक हमले का अमेरिका ने बदला लिया है. अमेरिका ने अपने सहयोगी फ्रांस और ब्रिटेन के साथ मिलकर सीरिया पर सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिका और उसके सहयोगी देशो ने सीरियाइ सेना और ‘केमिकल रिसर्च सेंटर’ को निशाना बनाया. रूस के टीवी चैनल ‘रोसिया-२४’ ने तीसरे विश्‍वयुद्ध की संभावना जताई है. टीवी चैनल ने अपने दर्शकों से युद्ध के लिए बंकरों में खाने पीने का सामन रखने की बात कही है. चैनल ने लोगों को पर्याप्‍त मात्रा में आयोडीन का बंदोबस्‍त भी करने की सलाह दी है. ये इस लिए ताकि रेडिएशन के खतरों से बचा जा सके. सीरिया पर हमले को लेकर अमेरिका और रूस के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है.

ये रिपोर्ट इस बात को दर्शाता है कि रूस तीसरे विश्‍वयुद्ध की तैयारियों में जुट गया है. चैनल की ओर से लोगों को बंकरों में क्‍या सामान रखना है और क्‍या नहीं इसकी पूरी जानकारी दी गई है. बताया गया कि लोग बंकरों में चावल इकट्ठा करें, क्‍योंकि ये आठ सालों तक सुरक्षित रह सकता है. अलेक्जेंडर गोल्ट्स ने मास्को में रेन टीवी से कहा की यह सिर्फ शुरुआत है, हम जाहिर तौर पर क्यूबाई मिसाइल संकट २ में दाखिल हो चुके हैं. बमरोधक शिविरों में पनाह लेने की नौबत आने पर किन-किन चीजों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए चैनल में इस बारे में भी विस्तार से बताया गया है. चैनल ने कहा की युद्ध के समय भोजन की आपूर्ति के साथ कई चीजों को रखने का सुझाव दिया गया.

लेकिन इस खास इंतजाम के पीछे की असली वजह यह है कि लोग आपातकाल के लिए मीठे की तुलना में पानी का ज्यादा से ज्यादा स्टॉक रखें. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के चुने जाने के बाद बम से बचाव के लिए शिविर बनाने वाली अमेरिकी कंपनियों के व्यवसाय में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सीरिया पर पश्चिमी देशों द्वारा यह हमले ऐसे समय में किये गए हैं जब देश के पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था. रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने फेसबुक पर लिखा, ”इन सबके पीछे जिम्मेदार लोग दुनिया में नैतिक नेतृत्व का दावा करते हैं और यह ऐलान करते हैं कि वे कुछ अलग हैं. आपको उस समय सीरिया की राजधानी पर हमले करने के लिए वास्तव में अलग होने की जरुरत है जब उसके पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रूस के उस प्रस्ताव को भारी बहुमत से अस्वीकृत कर दिया है जिसमें उसने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा सीरिया पर किये गए हमले की निंदा की गयी थी. साथ ही सीरिया के रासायनिक हथियारों के ठिकानों को लक्षित कर गठबंधन द्वारा किये जा रहे हवाई हमलों को सुरक्षा परिषद का मत भी मिल गया है. रूस की तरफ से बुलाई गई इस आपात बैठक में इस बात को लेकर निराशा भी व्यक्त की गई कि अंतरराष्ट्रीय संगठन की यह सबसे ताकतवर इकाई पिछले सात सालों से चले आ रहे सीरियाई संघर्ष से निपटने में नाकाम नजर आई है. रूस ने सुरक्षा संघटन को तत्काल बैठक बुलाने के लिए कहा था. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में रूस के प्रस्ताव पर हुई इस बैठक में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, नीदरलैंड, स्वीडन, कुवैत, पोलैंड और आईवरी कोस्ट ने रूस के प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया है.

सीरिया में ७ अप्रैल को हुए रासायनिक हमले के बाद पिछले एक सप्ताह में संयुक्त राष्ट्र संघटन में यह पांचवी बैठक थी. बैठक में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने कहा कि उन्होंने हमलो में सीरिया में रासायनिक हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया गया था, जिसे बशर-अल-असद अपने नागरिकों के खिलाफ इस्तेमाल कर रहे हैं. इस वोटिंग में रूस को सिर्फ चीन और बोलिविया का ही साथ मिला. संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत केरेन नाबेंजिया ने कहा कि सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा किया गया हमला दुनिया के लिए, संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के लिए बहुत ही दुखद दिन है, जिन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है. केरेन नाबेंजिया ने कहा कि आज से बुरा दिन कभी नहीं था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के बारे में कहा कि यह शैतान की इंसानियत के खिलाफ की गई कार्रवाई का जवाब है. तो वहीं, रूस ने इसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान बताया है. उसका कहना है कि वह इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा.