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अमेरिका से तंग आकर इस छोटेसे देश ने दे डाली ये बड़ी धमकी

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सीरिया में पिछले हफ्ते हुए रासायनिक हमले की वजह से दुनियाभर में खलबली मची है. रासायनिक हमले को लेकर आरोप प्रत्यारोप अभी जारी ही थे की सीरिया में आठ मिसाइले दाग दि गयी. इन दो हमलो से सीरिया फिर एक बार तहस महस हो गया. लेकिन इन दो हमलों की वजह से दुनिया के बड़े देशो में आरोप प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो चूका है. सीरिया में हुए हमलों में शक की सुई सबसे पहले अमेरिका की तरह हुई थी. लेकिन अमेरिका ने इन हमलो में अपना हाथ होने से साफ़ इनकार कर दिया है साथ ही अमेरिका ने सीरिया के राष्ट्रपति, रूस और इरान पर इन अम्लों का इल्जाम लगाया है.

अमेरीका ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ ही रूस और इरान को इस हमले का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था. इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बशर अल असद को जानवर भी कहा था. अमेरिका ने कहा था की यह बिना सोचे समझे किये गए हमले है. इन हमलों के पीछे किसका हाथ है यह जल्द ही पता चल जायेगा और जो भी इन हमलों का जिम्मेदार है उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. लेकिन अब सीरिया के राष्ट्रपति ने अमेरिका की इस चेतावनी का जवाब दे दिया है. सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की राजनीतिक एवं मीडिया सलाहकार बौथेना शाबन ने बुधवार को अमेरिका पर बड़ा पलटवार कर दिया है. उन्होंने कहा कि सीरिया को अमेरिका की मिसाइल हमला करने की धमकियों से नहीं डरता है और वो इसका जवाब देने के लिए तैयार है.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, शाबन ने एक स्थानीय टेलीविजन से की गयी बातचीत में कहा कि अमेरिका की सीरिया पर हमला करने की धमकियां असल में और दबाव बनाने का हथकंडा है. उन्होंने कहा कि हम सहयोगी देशों से इस पर चर्चा कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़े शब्दों में इस हमले की निंदा की थी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि सीरिया में रासायनिक हमला बिना सोचे-समझे किया गया है. इसमें कई महिलाओं और बच्चों की मौत हुई. रूस और ईरान सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को समर्थन देने के लिए जिम्मेदार हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करते हुए इस हमले के लिए सीरिया की सरकार, रूस और इरान को जिमीदार ठहराया है.

ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘सीरिया में हुए विवेकहीन हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग मारे गए. अत्याचार के इलाके को सीरिया सेना ने घेर लिया है, जिस वजह से इसका दुनिया से संपर्क मुश्किल हो गया है. राष्ट्रपति पुतिन, रूस और ईरान जानवर बशर अल असद को समर्थन करने के लिए जिम्मेदार हैं. इसके लिए उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी. स्वास्थ्य मदद के लिए इलाके को खोलें.’ अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने दमिश्‍क पर घातक रासायनिक हमले की निंदा की है और कहा कि अगले २४ से ४८ घंटे के भीतर इसके जवाब में सीरियाई बशर अल-असद सरकार के खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई का फैसला लेंगे. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा है कि इस तरह के क्रूर और भयानक हमले करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को यह बयान दिया है. राष्ट्रपति ने कहा कि हम स्थिति पर बहुत ही करीबी नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा “जब ऐसी कोई बात होती है तो हम बहुत चिंतित हो जाते हैं. यह हमला मानवता के खिलाफ है. हम मानवता की बात कर रहे हैं और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती.” व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों से हमले में सीरिया के रासायनिक हथियारों के स्पष्ट उपयोग के मुद्दे पर अपना सहयोग जारी रखने के मुद्दे पर बातचीत की है. रूस और सीरिया ने दौमा में हुए रासायनिक हमले पर जांच की मांग की है. रूस और सीरिया की तरफ से ये बयान उस वक़्त आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि जिसने भी इस भयानक हमले को अंजाम दिया है उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

इसके साथ ही सीरिया के मसले को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया कि अगर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी आगे बढ़कर कदम उठाते, तो सीरियाई आपदा का बहुत पहले ही खात्मा हो गया होता. इस हमले से नाराज ट्रम्प ने असद को जानवर कह डाला. ट्रम्प ने कहा कि जानवर असद इतिहास में निंदनीय होगा. सीरिया के पूर्वी गोता के विद्रोहियों के कब्जे वाले अंतिम शहर डौमा में हुए संदिग्ध रासायनिक हमले में कम से कम ८० से जयादा लोग मारे गए है. स्वयंसेवी बचाव दल व्हाइट हेलमेट्स ने ग्राफिक तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें शनिवार को हुए हमले के बाद बेसमेंट में पड़े कई शव नजर आ रहे हैं. इसमें कहा गया था कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है.