Home देश अहमदाबाद में हुआ ये बड़ा कांड, गिरफ्त में आया ये मास्टरमाइंड

अहमदाबाद में हुआ ये बड़ा कांड, गिरफ्त में आया ये मास्टरमाइंड

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गुजरात में फिरसे दंगे शुरू होने की तार्दात में है. जि हां फिर गुजरात में जाती के नाम पर हो रहा है नया तमाशा. इससे काफी नुकसान होने वाला है.

देश की एकता को तोड़ने के लिए फिर राजनीतिक खेल जा रहा है. हिन्दू एकता की वजसे मोदीजी को बड़ा फायदा हुआ है. यूपी में भी दलितों ने भरी संख्या में बीजेपी को ही वोट दिए है. इसीलिए विपक्ष नेते आपसी फूट करना चाहते है. अहमदाबाद में फिर जाती को लेकर हुआ बड़ा बवाल. पुलिस ने विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवानी को किया गिरफ्तार. जिग्नेश  ने अपने साथियों के साथ पाटन में दलित कार्यकर्त्ता भानु भाई की मौत के बारेमे विरोद प्रदर्शन करने का ऐलान किया था. इसलिए जिग्नेश ने लोगो को सारंगपुर के अमेडकर पुतले के यहाँ जमा हो जाये ऐसा कहा था. लेकिन यह कार्यक्रम होने से पहेले ही उससे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इससे काफी लोग उग्र हो गये है. और उन्होंने कुछ कार में आग आग लगा दी है.

इसकी वजहसे पुलिस को नाकाबंदी करनी पड़ी और वह बहुत सारी जगहों पे फ़ैल गए और लोगो को काबू करने की कोशिश में लग गए. जिग्नेश मेवानी ने इस बात को ध्यान में रख कर राजनीती खेलना का अच्छा बहाना ढूंड लिया है. जिग्नेश मेवानी ने कहा ” उनको पुलिस ज़बरदस्ती गिरफ्तार किया है.” पाटन में दलित समाज कार्यकर्त्ता ने खुदको कलेक्टर ऑफिस के सामने आग लगा ली थी. बादमे उसका निधन हो गया गांधीनगर के  हस्पताल में. भड़का दिया है दलित समाज के लोगो को.यह सब जिग्नेश मेवानी ने किया. जिग्नेश मेवानी ने अहमदाबाद बंद करने का ऐलान किया और कार्क्रम करने की कोशिश की. अगर भड़काऊ भाषाओँ से लोग भड़क गए तोह पुणे जैसी परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा. इसीलिए पुलिस ने पहेले ही गिरफ्तार कर लिया था .

जिनेश मेवानी ने उन्ज़ा गाव को भी बंद का एलान किया था लेकिन हाईवे पर जाने से पहेले पुलिस का बंदोबस्त हो चूका था. विरोद करने के लिए लोग गए तोह पुलिस ने लाठी चार्ज करना शुरू कर दिया.पथराव की खबर आई थी. इसी दौरान हार्दिक पटेल ने भानु भाई के परिवार से मुलाकात की. और कहा की वह पूरी मदत करेंगे. भानु भाई वडकर  एक  दलित समाज के कार्यकर्त्ता थे उन्होंने खुदको आग लगा ली क्योंकि सरकार दलित समाज की ज़मीन की मांग की थी. यह हादसा कलेक्टर ऑफिसर के यहाँ हुआ. और उनका श्रुक्वर को देहांत हो गया. उनकी परिवार की सदस्य हेमा वडकर खुद एक  खेत में काम करने वाली एक मजूर है. दलित समाज से ज़मीन विवाद में भानु भाई वडकर खुको आग लगायी क्योंकि कलेक्टर ने कोई कारवाही नहीं की थी ज़मीन विवाद में .