Home देश इजराइल का टुटा कहर, इस मुस्लिम देश के मस्जिदों में लगाईं आग

इजराइल का टुटा कहर, इस मुस्लिम देश के मस्जिदों में लगाईं आग

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इस्रायेल और फिलीस्तीन के बीच संघर्ष अब भी जारी ही. गाजा सीमा पार फिलीस्तानी नाग्रीको द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन ने अब हिंसा का रूप ले लिया है. इसरायली सेना द्वारा विरोधकर्ताओं पर बल का प्रयोग किया जा रहा है. इसमें अब तक कई लोगों की मौत भी हो चुकी और सैंकड़ो लोग घायल है. फिलिस्तीनियों का अपने हक़ के लिए गाज़ा सीमा पर प्रदर्शन जारी है. हजारों फिलिस्तीनियों ने “ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न” के हिस्से के रूप में तीसरे शुक्रवार को प्रदर्शन किया है. जिसमें इजराइली सैनिकों ने फिलिस्तीनियों पर घातक हमले किये. जिसके बाद जख्मी फिलिस्तीनियों को अस्पताल ले जाया गया.

इजरायली समूह ने फिलिस्तीन के उत्तरी नबलस के अकरबा गाँव की शेख सादेह मस्जिद में आग लगा दी . इजराइली लोगों ने आज सुबह इस वारदात को अंजाम दिया. मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, स्थानीय कार्यकर्ता यूसुफ देयरीय ने कहा कि निगरानी कैमरों ने २ लोगों को शेख सादेह मस्जिद में दाखिल होते हुए देखा. स्थानीय समय के मुताबिक सुबह के २ बजे के आस-पास यह दो लोग मस्जिद पर हमला करने लगे और बाद में उन्होंने मस्जिद में आग लगा दी. मिडिल ईस्ट मॉनिटर से मिली जानकारी के मुताबिक, हमला करते वक़्त की पूरी वारदात कैमरे में कैद हो गयी है. जिसमें यह दोनों शख्स पहले मस्जिद में तोड़ फोड़ करते है फिर अपनी जेब से कुछ आग लगाने वाला सामान निकालते है और मस्जिद में आग लगा देते है.

इसके कुछ देर बाद मस्जिद के सामने आग और धुआं निकलने लगा तब स्थानीय लोगों ने मस्जिद की ओर बढे और देखा कि मस्जिद के दरवाज़े में आग लगी हुई थी साथ ही मस्जिद की बाहरी दीवारों पर “मौत” लफ्ज़ लिखे हुए थे. अच्छी बात यह रही की हमले के दौरान किसी भी जीवित हानि या किसीके घायल होने की खबर नहीं है. फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इजरायल को इसकी कीमत चुकानी होगी. फिलिस्तीनी क्षेत्रों में बार-बार मस्जिदों और चर्चों को आग लगाई जा रहीं है और उन्होंने कहा है कि “इस तरह के गंभीर अपराध इजरायल बलों द्वारा किये जा रहे है.” मिडिल ईस्ट मॉनिटर की जानकारी के मुताबिक, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके कार्यालय सभी प्रासंगिक अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों को यह सुनिश्चित करने के लिए पहुंचेंगे कि इन आतंकवादियों को दंडित किया गया है.

और फिलिस्तीनी लोगों और धार्मिक स्थलों को सुरक्षा प्रदान की गई है.” एन्डॉवमेंट और धार्मिक मामलों के फिलीस्तीनी मंत्री, शेख यूसुफ ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि “ऐसे काम आतंकवादी करते हैं.” इजराइल फिलिस्तीनी लोगों को नुक्सान पहुँचाने के लिए इस तरह के कामों को अंजाम देता है. साथ ही इजराइल और फिलिस्तीन के बिच गाजा सीमा पर भी संघर्ष जारी है. फिलिस्तीनियों का अपने हक़ के लिए गाज़ा सीमा पर प्रदर्शन जारी है. हजारों फिलिस्तीनियों ने “ग्रेट मार्च ऑफ रिटर्न” के हिस्से के रूप में तीसरे शुक्रवार को प्रदर्शन किया है. जिसमें इजराइली सैनिकों ने फिलिस्तीनियों पर घातक हमले किये. जिसके बाद सैंकड़ो लोग घायल हो गए जिन्हें असपता में भरती किया गया है. मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, शाम के स्थानीय समय ४ बजे यह घटना हुई.

जिसमें करीब ३५० लोग घायल हो गए हैं, जो पिछले दो हफ्तों में घायल हो गए ३००० से अधिक फिलीस्तीनियों को जोड़ते हैं. इजराइल इन हमलों में बहुत खतरनाक गैस का इस्तेमाल कर रहा है. इजराइल की तरफ से हो रहे हमलों में अब तक कई लोगों के साथ पत्रकारों ने भी अपनी जान गवाई है. फिलिस्तीनी पत्रकार अहमद अबू हुसैन और फोटोग्राफर मोहम्मद अल-हजर को भी गोली मार दी गई है. विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करते वक़्त इजराइली सैनिकों ने पत्रकारों को गोली मार दी. कई प्रदर्शनकारियों ने इज़राइली सैनिकों से खुद को छिपाने के प्रयास में टायर जला दिए हैं दक्षिण में खान युनीस के पास, प्रदर्शनकारियों ने इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की तस्वीरों को भी जलाया.

फिलिस्तीनियों का कहना है कि बिन सलमान इजराइल का सहयोग कर रहे है. इसराइल का कहना है कि जब गाज़ा सीमा के पास बाड़ में, घुसपैठ की प्रयास किए जाते हैं जाए, तब गोलीबारी की जाती है, और यह सारा खेल हमास का है, इस्लामी आंदोलन जो गाजा पट्टी चलाता है और जिसके साथ साल २००८ के बाद से तीन युद्धों से लड़ाई लड़ी गई है. इजराइली सेना ने ने अपने सोमवार के बयान में कहा है की “आईडीएफ (इजराइली डिफेंस फोर्सेज) बहुत ही गंभीरता से विचार करता है कि हमास आतंकवादी संगठन सुरक्षा और सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने के प्रयास में सुरक्षा बाड़ पैरामीटर को मुकाबला क्षेत्र में बदलने की कोशिश करता है.” अधिकार समूहों ने इजरायल के सैनिकों के कार्यों की कड़ी आलोचना की है.

और फिलीस्तीनियों का कहना है कि सैनिकों के लिए कोई खतरा नहीं होते हुए भी प्रदर्शनकारियों को गोली मार दिया जा रहा है. पिछले कई सालो में इज़राइली सेना की फिलिस्तीनी नागरिको के प्रति क्रूरता सामने आई है. इज़राइली सेना के हमले में असंख्य लोगो की मौत हो चुकी है. हाल ही में फिलिस्तीनी नागरिको ने लांग मार्च शुरू किया था जिसपर निशाना बनाते हुए इज़राइली सेना ने करीब १० लोगो को मौत के घाट उतार दिया, इसमें एक पत्रकार भी शामिल है. बताया जा रहा है कि ‘प्रभात दिवस’ पर बच्चों और महिलाओं सहित हजारों शरणार्थियों ने अपने वापसी अभियान के तहत इज़राइली सीमा की ओर लंबा सफर तय किया हैं. यह मार्च ३० मार्च से शुरू था जो १५ मई तक चलेगा. फिलिस्तीनी नागरिको द्वारा किए जा रहे लॉन्ग मार्च पर लगातार इज़राइली सेना प्रदर्शनकारियों पर निशाना बना रही है.