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इजराइल के खिलाफ एक्शन में आया ये देश, UN से मांगी ये मदद

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इजराइल और फिलिस्तीन के बिच चल रहे संघर्ष ने अब हिंसा का रूप ले लिया है. इस विवाद में फिलिस्तीनी नागरिक गाजा सीमा पर अपना प्रदर्शन कर रहे है. इस प्रदर्शन के खिलाफ इजराइल की सेना ने बल का प्रयोग शुरू कर दिया है. इसमें फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए है.

गाजा के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक हुई मौतों के साथ ही ३० मार्च से अबतक इजराइल बलों के हाथों मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर ३९ हो गई है. ३० मार्च के गाजा सीमा पर प्रदर्शन शुरू होने से अबतक सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं. मंत्रालय ने बताया कि ३००० से ज्यादा लोग आज घायल हुए हैं. इजराइल ने कहा कि जब सरहद की सुरक्षा और हिंसा रोकना जरूरी हुआ तब गोली चलाई गई है. इजराइल की तरफ से अत्यधिक सैन्य का इस्तेमाल किये जाने पर तुर्की सहित कई राष्ट्रों ने इजराइल की निंदा की है. तुर्की के विदेश मंत्रालय ने एक बयान को जारी किया है. तुर्की ने कहा है की “इजराइल को अत्यधिक सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इजराइल को यह तुरंत समाप्त कर देना चाहिए.

सैन्य बल का प्रयोग इस क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा देगा.” विदेश मंत्रालय के बयान में इजरायल के अत्यधिक सैन्य उपयोग के कारण हुई फिलिस्तीनियों की मौत पर विदेश मंत्रालय ने शोक प्रकट किया है और चिंता भी व्यक्ति की है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है की “तुर्की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इजराइल के इस आक्रामक रुख को रोकने के लिए भी कहता है.” फिलिस्तानी नागरिकों पर गोलीबारी करने के लिए इजराइल की दुनियाभर से कड़ी आलोचना की जा रही है. तुर्की ने इजराइल को एक आतंकी देश बताया है. तो वही दूसरी तरफ इजराइल के रक्षा मंत्री ने अपने सैन्य को इनाम देने की बात कही है. संयुक्त राष्ट्र और यूरोपियन यूनियन ने इजराइल की तरफ से की जा रही इस गोलीबारी की जांच की मांग की है.

इजराइल की बेंजामिन नेतान्याहू सरकार ने इस मांग को पूरा करने से इनकार कर दिया है. इजराइल के रक्षा मंत्री एविग्दोर लिबरमैन ने कहा की गाजा सीमा पर हुई घटना की कोई जांच नहीं की जाएगी. लिबरमैन ने खा की इजराइलि सेना की ओर से देखा जाये तो उन्होंने वही किया है जो उन्हें करना चाहिए था. मुझे लगता है की हमारी सेना की टुकड़ियों को इसके लिए इनाम दिया जाना चाहिए. वही इजराइल सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है की गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय हमारी गोलीबारी से घायल हुए लोगों की संख्या को बढाचढ़ा कर बता रहा है. तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप एर्दोगन ने तुर्की ने गाजा सीमा पर कार्रवाही करने के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू को आतंकी बताया है. दक्षिणी अदाना प्रान्त में सत्तारूढ़ न्याय और विकास पार्टी को वह संबोधित कर रहे थे.

अपने इस भाषण में इजराइल पर जमकर हमला बोल दिया, उन्होंने कहा है की “हम आतंकवादियों के साथ डील कर रहे है, लेकिन आप नहीं, क्योंकि आप एक आतंकवादी राज्य है.” साथ ही एर्दोगन ने ये भी कहा की बेनामीn नेतान्याहू भी एक आतंकवादी है. “इतिहास गवाह है की आपने पीड़ित फिलिस्तानी नागरिकों के साथ क्या किया है. इस पर प्रतिक्रीया में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने ट्वीट किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है की “उन्हें ऐसे लोगों से भाषण की जरुरत नहीं है जो खुद पिछले सालो से कई मासूमो पर बम बरसा रहा हो.” लगातार चौथे शुक्रवार को भी प्रदर्शन जारी रहा. इजराइल बलों ने दो फलस्तीनियों को गोली मार दी जिससे उनकी मौत हो गई. गाजा के लोगों ने इजराइल की सीमा के बाड़ों के नजदीक पतेंगे भी उड़ाईं.

कुछ पतंगों पर विस्फोटक लगा हुआ था जिस वजह से इजराइल के कई स्थानों पर आग लगने की मामूली घटनाएं भी सामने आयी है. इस गोलीबारी में कोई भी इस्राइली जख्मी नहीं हुआ है और गोली मारने का नियम जांच के दायरे में आ गया है. इजराइल की सेना के विमानों ने शुक्रवार सुबह सरहदी इलाकों में पर्चें गिराए थे जिसमें बांड़ों के पास नहीं आने की चेतावनी दी गई थी. गाजा पट्टी में चलने वाले इस्लामी आंदोलन का हवाला देते हुए पर्चों में कहा गया था ‘‘ आप दंगों में हिस्सा ले रहे हैं. आतंकी संगठन हमास आपका फायदा उठाकर आतंकी हमले कर रहा है.’’ इसमें कहा गया है ‘ बांड़ों से दूर रहे और इन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करें.’’ १३५ फिलिस्तीनियों की हालत काफी गंभीर है. आरोग्य मंत्री ने कहा है की “मारे गए फिलिस्तीनियों में तीन बच्चे भी शामिल थे.

जबकि १५३९ फिलिस्तीनी इजराइल के सैनिकों की लाइव फायरिंग से घायल हुए हैं. अन्य ३८८ फिलिस्तीनी रबर कोटेड बुल्लेट्स से घायल हुए हैं, १८७८ ऐसे लोह है जिन्होंने आंसू गैस के हमलों का सामना किया जिनमे ४५९ वह हैं जिन्हें अस्पताल में ले जाया गया और ४७८ वह हैं जिन्हें भी शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं. उन्होंने कहा की “१३४ घायल फिलीस्तीनियों को जीवन भर अपनी चोटों के साथ रहना होगा जबकि ११८३ लोग ज्यादा चोटों से प्रभावित नहीं हुए और मार दिए गए, और २९६२ हल्के रूप से घायल हुए हैं.” रिपोर्ट में कहा गया है की “१९६ फिलिस्तीनियों के गर्दन और सर पर चोटें लगी हैं, जबकि ३८४ फिलिस्तीनियों के उपरी हिस्से पर गोली लगी है और ९६ के छाती और अस्थि -मज्जा पर. उन्होंने कहा की “इसरायली सैनिक जान बुझ कर फिलिस्तीनी पत्रकारों और डॉक्टर्स को लक्ष्य बना रहे हैं.