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इन दोनों देशो में डिजिटल तरीके से हुआ जंग का एलान, इस तरीके से शुरू हुई जंग

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आज कल सभी डिजिटल होना चाहते है. कित्नु डिजिटल होना कतारनाक भी हो सकता है. सही समाय पर सही कारवाही करना अत्य्तंत जरुरी है. अब डॉ देश डिजिटल की लड़ाई खेलेंगे.

अमेरिका और रूस में एक नयी जंग का ऐलान हो चुक है. स्पष्टीकरण कर दें तोह यह कोई जंग इंसानों से नहीं बल्कि डिजिटल की सहायता से खेली जाएगी. इन दोनों देशोनो बनायी है नयी योजना. इसकी वजहसे अमेरिका और रूस तनाव में है.  इसीलिए इन दोनों देशो के बीच युद्ध शुरू हो गया है वो भी डिजिटल अंदाज़ में. इस युद्ध में इंसानों की जगह बोट्स ने ले ली है.  बोट्स मतलब यह है की इससे ट्विटर पर ट्वीट किये जा सकते है क्रितियम तरीकेसे. यह सारे ट्वीट बिलकुल ही फर्जी होते है. इनमे कोई सचाई नहीं है. यह सिर्फ किसका नुकसान ही कर सकती है और रूस इससे इस्तेमाल कर रहा है.  अमेरिका की फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन ने इस किस्से के लिए जांच लगायी. जांच में रूस के बहुत लोग सामने आये है .

२०१६ में फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़  इन्वेस्टीगेशन ने जब अमेरिकी के राष्ट्रपति के चुनाव के समय यह जांच शुरू की थी ताकि कोई परेशनिओन का सामना ना करना पड़े.  अमेरिया ने उस समय रूस के १३ नागरिकों उअर ३ कंपनीओं को आरोप लगाये है. अमेरिका ने शुक्रवार को विशेष अभियोजक रोबर्ट मुलर पर आरोप लगाये है. रोबर्ट मुलर ने अमेरिका से तकनिकी धोखा किया है. किसीके ज़रिए धोखा तथा अपनी पहचान छुपाने का धोखा और बैंक धोखा ऐसे विभिन्न आरोप लगाये है. अमेरिका ने सीधा इन्टरनेट रिसर्च एजेंसी पर निशाना बनाया है. इसको ट्रोल फॉर्म कहते है. बोट्स के ज़रिये हिलारी क्लिटन के खिलाफ और ट्रम्प के पक्ष में इन्टरनेट पर लोगो को फुसलाया है. जिससे चुनाव में मदत हो. आरोप पत्र में यह कहा है की आय आर टी ए एक संघटना है जिसका बजट लाखो डॉलर है. यह संस्था में कई सारे विभाजित किये हुए शेत्र है. इसमें सर्च ऑप्टिमाइजेशन, ग्राफ़िक्स का काम करते है.