इस देश के खिलाफ खड़े देशों की आर्थिक मदद रोकेगा अमेरिका. PM मोदी परेशान.

हाल ही के कुछ दिनों से इजराइल की राजधानी जेरूसलम को लेकर माहौल काफी गरमाया है. अब इजराइल के इस मुद्दे में अमेरिका ने भी अपना सहभाग दिखाया है. अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने येरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित कर दी है. अमेरिका के एसे फैसले से पुरे विश्व की कूटनीति में हलचल मची है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ये कहना है की जो भी देश इजराइल की राजधानी येरुसलम को ख़ारिज करेगा उस देश की आर्थिक मदद पूरी तरह से रोक दी जाएगी. समाचार एजेंसी xinhua news का कहना है की, ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत निकी हेली के tweet के बाद ये बयान दिया है. निकी हेली ने अपने tweet में साफ़ तोर पे कहा था की, अमेरिका उन देशो  नाम लेगा जो संयुक्त राष्ट्र सभा उनके खिलाफ थे. आपकी जानकारी के लिए बतादे की येरुसलम के इस मुद्दे पर फिलिपिस्तीं ने विरोध जताया था लेकिन इसके बावजूद भी अमेरिका ने फिलिपिस्तिन के खिलाफ जाते हुए येरुसलम को इजराइल की राजधानी घोषित कर दी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ६ दिसम्बर को येरुसलम को इजराइल की राजधानी के रूप में स्वीकार करते हुए मान्यता दी थी.

अमेरिकी राट्रपति के इस फैसले के तुरंत बाद सुंयुक्त राष्ट्सभा में बैठक बुलाई गई और उसमे अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले को वापस लेने के लिए प्रस्ताव रखा गया. इसमे सभी १४ सुरक्ष्या देशो के सदस्योने अमेरिका के खिलाफ वोट दिया जबकि अमेरिका ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल किया. आपको बतादे की इजराइल के लिए जेरूसलम का ये विवाद कुछ नया नहीं है, जेरुसलम को अपनी राजधानी बनाने के लिए इजराइल ने तक़रीबन २ बार जंग लड़ी है. दरसल इसकी वजह ये है की, १९४७ में सभी अरब देशो ने एकसाथ इजराइल पर हमला चढ़ा था. इस युद्ध में इजराइल उन देशो के सामने टिक नहीं सका. इसके कारन जोर्डन ने इजराइल के पूर्वी प्रदेश जेसुसलेम पर कब्ज़ा किया. जबकि येरुसलेम का पश्चिमी प्रदेश इजराइल के पास ही रह गया. इसके बाद फिर एक बार बड़ा युद्ध हुआ और इस युद्ध में अकेले इजराइल ने पुरे अरब देशो का खात्मा करते हुए फिर एक बार लगभग पूरा जेरूसलम अपने कब्जे में ले लिया.१९८० में इजराइल ने जेरूसलम को औपचारिक तोर पे देश की राजधानी घोषित कर दी लेकिन यूनाइटेड नेशन में कुछ देशो ने इसका विरोध जताया. और तब से लेके आज तक ये विवाद चलता आ रहा है.