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इस देश ने अप्रत्यक्ष्य रूप से भारत को दी ये धमकी, भीड़ सकता है युद्ध

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चीन में सही जिन पिंग फिर एक बार राष्ट्रपति चुने गए है. इस मौके पर अपने भाषण में उन्होंने दुनिया को जैसे एक चुनौती दी है. और अप्रत्यक्ष रूप से भारत को भी इशारा किया है. सी जिन पिंग ने कहा है की उनकी सेना खुनी जंग लड़ने के लिये हर दम तैयार है. उन्होंने अपने भाषण में कट्टर राष्ट्रवाद का नमूना बखूबी दर्शाया है. उन्होंने दूसरी बार राष्ट्रपती पद की जिम्मेदारी को स्वीकार लरते हुए द ग्रेट हॉल में भाषण किया. उन्होंने इस भाषण में कहा है की वे अपनी जमीन का एक इंच हिस्सा भी किसीको नहीं देंगे.

शी जिन पिंग ने १३वी नेशनल पीपल्स कांग्रेस में कहा की “चीन के लोगों के पास अगम्य साहस और जिद्द होती है. चीन के लोगों का सबसे बड़ा सपना है की वे अपने देश का कायाकल्प करे. हम अपने दुश्मनों के खिलाफ लड़ने के लिए हमेशा तैयार और प्रतिबध्द है. हम दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए उत्सुक है. और हम अपनी जमीन का एक इंच हिस्सा भी नहीं देंगे.” इस भाषण से अंदाजा लगाया जा रहा है की शी का इशारा दक्षिण चीन सागर में पड़ोसियों से चल रहे विवाद की तरफ था. साथ ही भारत के साथ चल रहे विवाद की तरफ भी उन्होंने यह इशारा दिया है. भारत और चीन के बिच लम्बे समय से सीमा विवाद चल रहा है. चीन ने भारत की जमीन पर घुसपैट की है.

शी जिन पिंग ने आगे कहा “हमारे पास दुनिया में अपनी उचित जगह बनाने लायक क्षमता है. हमने करीब १७० सालो से इस महान सपने के लिए संघर्ष किया है. और आज चीन के लोग ऊस सपने के सबसे ज्यादा करीब है.” उन्होंने अलगावादीयों को सख्त शब्दों में कहा है की हमे देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए. और मातृभूमि का पूर्ण एकीकरण हासिल करना चाहिए. देश में अलगावाद की कारवाईयों को सफलता नहीं मिलेगी और ऐसी कारवाईयों को चीन से ऐतिहासिक सजा मिलेगी. चीन ने इस बात से तैवान को इशारा किया है. उन्होंने कहा है की चीन का विकास किसी राष्ट्र के लिए खतरा नहीं बनेगा. चीन ने हाल ही में किये अपने कानून में संशोधन के बाद यहाँ के राष्ट्रपति आजीवन पद पर रह सकते. और इस के तहत सही जिन पिंग ने फिर से एक बार राष्ट्रपति पद का स्वीकार किया.

चीन क्षेत्रफल अनुसार दुनिया का तिसरा सबसे बड़ा देश है. और इस बड़े क्षेत्रफल की वजह से उसकी सीमा कई देशो से लगती है. दुनिया में चीन की सीमा सबसे ज्यादा देशो से लगती है. चीन की जिस भी देश से सीमा लगी हुई ऊन सभी देशो से चीन की दुश्मनी है. हर देश के साथ वाली सीमा पर चीन कब्ज़ा करने की कोशिशो में है. चीन ने सीमा विवाद या किसी अन्य कारणों से दुनिया २३ देशो से दुश्मनी मोल ली है. चीन की सीमा १४ देशो से लगी हुई है. और लगभग सभी से चीन का किसी ना किसी विषय को लेकर विवाद चल रहा है. चीन की २२००० किलो मीटर की सीमा १४ देशो से लगी हुई है. चीन का कुल २३ देशो से विवाद चल रहा है.

कज़ाकिस्तान और अफगानिस्तान में सीमा समजौता होने के बाद भी चीन सीमा पर दावा कर रहा है. भारत की ५७ किलो मीटर की सीमा चीन से लगी हुई है. भारत और चीन के बिच भी सीमा विवाद काफी गंभीर विषय है. इस सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिक तैनात है. चीन नेपाल पर १७८८ पर कब्जा जमाये बैठा है. भूटान में चीन ने अपने बन्कर्स भी बना लिए है. चीन लाओस देश पर राजवंशी बन कर दावा करता रहता है. बरमा में १२७१ से १३६८ के बिच चीनी राजवंशी अनुशासन को मान कर एक बड़े खूंखार भाग कर चीन ने दावा किया है. वियतनाम मैं १३६८ से १६४४ के बिच शासन बता कर फिर से दावा कर रहा है चीन. चीन ने नार्थ कोरिया के भी कुछ हिस्सों पर अपना दावा बताया है.

मंगोलिया में युवाम शासन काल की अपनी दावेदारी का ज़िक्र चीन अब कर रहा है और चीन मंगोलिया की उस जमीन पर कब्ज़ा करना चाहता है. किन्तु असल में उस वक़्त मंगोलिया ने चीन के कुछ भाग पर अपना कब्ज़ा बना लिया था. चीन ने रूस की सीमा पर भी अपनी दावेदारी बताई है. पाकिस्तान ने तो चीन के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. चीन एक ऐसा देश है जिसकी कभी भी किसी के साथ नहीं बनी है. चीन अपनी ताकद बढाने के लिए पडोसी देशों की जमीन पर कब्ज़ा करने की कोशिशो में है. कब्ज़ा करने के लिए वह किसी भी हद्द तक पहुँच सकता है. कुछ देशो ने चीन से हार मान ली. जो देश डट कर खड़े रहे, चीन उनके साथ काफी समय तक लढता रहा है या फिर समजौता कर लिया.