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इस देश ने किया भारत पे हमला, हिंदी महासागर में हुई घुसपैठ

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VIDEO: Watch Russia, China Joint Massive Military Exercises in South China Sea

भारत और चीन के बिच संबंध पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहे है. चीन भारत की जमीन पर घुसपैट करने की हर मुमकिन कोशिश करता रहता है. चीन की तरफ से डोकलाम सीमा पर कब्ज़ा बनाने की कोशिशे अभी तक जारी है. चीन ने इसके साथ ही भारत के सहयोगी देशों को अपनी तरफ करने की चाल चलना भी शुरू कर दिया है. चीन ने पहले ही मालदीव को अपनी ओर कर लिया है. पाकिस्तान को हर मुमकिन मदत की आपूर्ति चीन करता रहता है. अब चीन ने नेपाल पर भी यही प्रणाली अपनाता नजर आ रहा है.

अब चीन समंदर के रास्ते भारत के खिलाफ प्रदर्शन करता नजर आया है. खबर आ रही है की हिन्द महासागर में चीन के तिन युध्दपोत देखे गए है. लेकिन भारत की सक्षम वायु सेना ने इन युध्दपोतों की मौजूदगी का अपने अलग ही अंदाज में स्वागत किया है. भारतीय नौसेना ने अपने अधिकारिक ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट किया है, ‘पीएलए-नेवी की २९वीं ऐंटी-पाइरेसी एस्कॉर्ट फोर्स का हिंद महासागर क्षेत्र में स्वागत है. हैपी हंटिंग.’ सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी की नौसेना के तीन युद्धपोत हिन्द महासागर में नजर आए थे. हालांकि चीन ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि उसने अपने युद्धपोतों को पाइरेसी को देखते हुए वहां तैनात किया था. इसका मुख्य लक्ष्य हिंद महासागर क्षेत्र में रिसर्च के लिए बेस तैयार करना है.

भारतीय नौसेना ने इसके अलावा एक और ट्वीट किया है जिसमे बताया कि हम २४ घंटे सजग और तैयार हैं. इसी के साथ भारतीय नौसेना ने युद्धपोतों की तैनाती का नक्शा भी जारी किया है. भारतीय नौसेना ने ट्वीट किया की ‘फारस की खाड़ी से मलक्का स्ट्रेट और उत्तर में बंगाल की खाड़ी से दक्षिणी हिंद महासागर तक और अफ्रीका के पूर्वी छोर तक हम २४ घंटे निगरानी कर रहे हैं. अपने क्षेत्र को हर समय, हर तरह से सुरक्षित रखने के लिए हम सक्षम हैं. भारतीय नौसेना का यह ट्वीट एक सामान्य ट्वीट ही था लेकिन मजाक ही मजाक में उन्होंने चीन को एक बड़ा संदेश दिया है. कि भारतीय नौसेना अपनी सीमा में पूरी तरह से सजग है और हर तरह से अपने क्षेत्र की सुरक्षा करने के लिए सक्षम है.

दरअसल पिछले कुछ समय से चीन लगातर हिंद महासागर में अपनी स्थिति मजबूत बनाने और मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करता नजर आ रहा है. भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए अपने इंटरव्यू में कहा था कि हाल के दिनों में हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों एवं युद्धपोतों की गतिविधियों में तेजी देखी गई है. लांबा ने कहा कि हिंद महासागर में चीनी नौसेना की गतिविधियों पर हम बारीकी से नजर रख रहे हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के किसी भी खतरे से निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं.चीन के अनुसार यह जहाज २९वे एंटी पाइरेसी एस्कॉर्ट फोर्स का एक हिस्सा हैं. चीन की नौसेना की भाषा में हैप्पी हंटिंग का मतलब होता है किसी जहाज या फिर पनडुब्बी का पीछा करना.

चीन की नौसेना समुद्री डकैतों के खिलाफ हिंद महासागर में एंटी पायरेसी पैट्रोल मतलब गश्त करती रहती है. कुछ दिनों पहले इंडोनेशिया के करीब मलक्का स्ट्रेट में भी चीन के तीन युद्धपोत एंटी पायरेसी ड्रिल के लिए आए हुए थे. मगर चीनी मीडिया ने यह प्रचारित करना शुरू कर दिया कि मालदीव में भारत की किसी भी सैन्य कारवाई को रोकने के लिए चीन के जंगी जहाज मालदीव के करीब पहुंच गए थे. जबकि असल में हकीकत यह थी कि चीनी जहाज मालदीव से करीब ढाई हजार किलोमीटर दूरी पर खड़े थे. यही वजह है कि अब चीनी नौसेना की एंटी पायरेसी एस्कॉर्ट फोर्स के जहाज एक बार फिर हिंद महासागर में पहुंचें तो भारतीय नौसेना ने ट्वीट कर पूरी दुनिया को बता दिया कि चीन के युद्धपोतों पर भारतीय सेना पूरी तरह नजर रखे हुए है.

अपने एक और ट्वीट में भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने एक नक्शा प्रकाशित किया है. जिसमें बताया गया कि किस-किस क्षेत्र की जिम्मेदारी नौसेना के कंधों पर है. इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए नौसेना के ५० जहाज तैनात रहते हैं. भारत इस ट्वीट के जरिए चीन को बताना चाहता था कि हिंद महासागर में भारतीय नौसेना मजबूत स्थिति में है और उसके पास विशाल समुद्र को सँभालने की क्षमता मौजूद है. इस समय हिंद महासागर में बीजिंग के युद्धपोत अपनी उपस्थिति बढ़ाते नजर आ रहे है. इससे पहले मार्च महीने में चीन के लड़ाकू हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में घुस आये थे. १० मार्च को चीन के तीन हेलीकॉप्टर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल में घुस गए थे. यह तीनों हेलीकॉप्टर बराहोती में ४ किलो मीटर अंदर तक घुस गए थे.

करीब ५ मिनट तक वह इस क्षेत्र में उड़ते रहे. इसके बाद भारतीय एजेंसियां एलर्ट हो गई हैं. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के बराहोती, लद्दाख के ट्रिग हाईट, लद्दाख के बुर्तसे और डेपसांग में चीनी सेना के हेलीकॉप्टर घुसे. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि तीन चीनी हेलीकॉप्टर बराहोती में भारतीय सीमा के अंदर करीब ४ किलो मीटर तक आए. ८ मार्च २०१८ को भी चीन ने लद्दाख के ट्रैक जंक्शन में ३ हेलीकॉप्टर से सुबह ८ बजकर ५५ मिनट पर घुसपैठ की. इस दौरान करीब १८ किलोमीटर अंदर तक भारत के एयर स्पेस में यह तीनो चीनी हेलीकॉप्टर मंडराते रहे. एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि २७ फरवरी को भी चीन ने लद्दाख के डेपसांग और ट्रिग हाईट में १९ किलो मीटर तक घुसपैठ की थी.

इस इलाके में २ चीनी हेलीकॉप्टर से PLA ने भारतीय सुरक्षा बलों की निगरानी की. ट्रिग हाइट और डेपसांग का यह इलाका भारत के लिए स्ट्रैटिजिक महत्व की जगह है. और इसी कारन चीन यहां अपना प्रभुत्व बनाये रखने की कोशिश में रहता हैं. इसी इलाके में भारत का महत्वपूर्ण दौलत बेग ओल्डी एयरफील्ड है जिस पर चीन घुसपैठ के जरिए नज़र रखने की कोशिश में रहता है. साल २०१८ में चीन ने करीब ४५ बार भारत में घुसपैट की है. चीन ने जम्मू कश्मीर के लद्दाख, अरुणाचल, उत्तराखंड के बराहोती और हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों में अब तक घुसपैठ की है. चीन की इन हरकतों से यह स्पष्ट होता है की चीन बिना कुछ कहे अपनी हरकतों को जारी रखे हुए है. और भारत के साथ दोस्ती का उसका बयान सिर्फ एक दिखावा है. चीन भविष्य का नियोजन कर अपनी गतिविधियों को आगे बढा रहा है.