Home देश इस देश ने गुस्से में आकर की पाक पुलिस अधिकारों की पिटाई

इस देश ने गुस्से में आकर की पाक पुलिस अधिकारों की पिटाई

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चीन और पकिस्तान की दोस्ती अब दुनियाभर की सुर्खियों में है. दोनों देशो में सामरिक. आर्थिक लें दें बड़ी मात्रा में हो रही है. चीन हर मुमकिन तरीके से पकिस्तान की मदत कर रहा है. चीन की तरफ से हो रहे भारी निवेश की वजह से पकिस्तान में कई नए प्रकल्पों की शुरुवात हो चुकी है. चीन जितना निवेश पाकिस्तान में कर रहा है, उससे पकिस्तान उसके नियंत्रण में आने की सम्भावना साफ़ है. लेकिन चीन ने मुहय्या किये इस कर्ज से पकिस्तान में जिन परियोजनाओं की शुरुवात की गयी है, उसमे काम करने  वाली कंपनियों से लेकर मजदूर तक चीन से मंगाए जा रहे हैं.

चीन इन दिनों पाकिस्‍तान में चीन-पाकिस्‍तान आर्थिक कॉरीडोर (सीपीईसी) के काम में लगा हुआ है. सीपीईसी की वजह से चीन के इंजीनियर्स और दूसरा स्‍टाफ इस समय पाकिस्‍तान में ही काम कर रहे है. बुधवार को प्रसार माध्यमो से एक वीडियो सामने आया है. इस विडियो से यह बिलकुल साफ होता है कि कैसे चीन अब पाकिस्‍तान को अपने काबू में कर चुका है और धीरे-धीरे यहां पर अपने कदम जमा रहा है. इस वीडियो में चीन के इंजीनियर्स और दूसरे स्‍टाफ कर्मी पाकिस्‍तान पुलिस के जवानों को पीटते नजर आ रहे हैं. हैरानी की बात है कि पाकिस्‍तान पुलिस की जब पिटाई हो रही थी तो उस समय आस-पास खड़े लोगों की भीड़ तमाशा देख रही थी. यह वीडियो पाकिस्‍तान के फैसलाबाद का है और डॉन न्‍यूज की ओर से सबसे पहले इस बारे में जानकारी दी गई है.

इन दिनों चीन बड़े पैमाने पर चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर में निवेश कर रहा है. परियोजना के तहत रेल लाइन्स, हाईवेज, बिजली घर आदि बनाए जा रहे हैं. इन पर करीब ६० बिलियन डॉलर की लागत आएगी. पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि इस परियोजना की वजह से पाकिस्तान की बदहाली दूर हो जाएगी. इन परियोजनाओ में काम करने वाली कंपनियों से लेकर मजदूर तक चीन से मंगाए जा रहे हैं. यही वजह है कि अब पाकिस्तान में भी इस परियोजना के विरोध में आवाज उठने शुरू हो गए हैं. कई स्थानों पर पाकिस्तानी लोग और चीनी कर्मचारियों के बीच झड़प की घटनाएं देखने को मिली हैं. डॉन न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर से फैसलाबाद तक बन रहे M4 मोटरवे के कंस्ट्रक्शन में लगे चीनी इन्जीनियरों और अन्य कर्मचारियों ने पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों के साथ मारपीट की.

सुरक्षा की वजह से बहावलपुर से फैसलाबाद तक जाने वाले M4 मोटरवे के निर्माण के काम में लगे चीनी इंजीनियर्स को बिना सिक्‍योरिटी के उनका कैंपस छोड़ने की मनाही है. इसी बात को लेकर चीनी इंजीनियर्स कापाकिस्तानी पुलिस से विवाद हो गया था. मोबाइल फोन पर चित्रित किये गए कई विडियो माध्यमो द्वारा फ़ैल रहा है. इन विडियो में नजर आ रहा है कि चीनी इंजीनियर्स काफी आक्रामक हैं और वह पुलिस वालों पर हमला कर देते हैं. एक वीडियो क्लिप में नजर आ रहा है कि चीनी नागरिक पुलिस वैन के बोनट पर खड़ा है. एक और विडियो में दिखाइ दे रहा है कि चीनी नागरिक पुलिस वालों और साधारण कपड़ों में मौजूद आम लोगों को धक्‍का दे रहे हैं. पुलिस अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि चीनी इंजीनियर्स और दूसरे अधिकारियों को खानेवाल में स्थित उनका कैंपस छोड़ने से मना किया गया था.

पाकिस्तानी पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इन कर्मचारियों को बिना सुरक्षाकर्मियों के कैम्प से बाहर निकलने से मना किया गया था, इससे वे गुस्से में आ गए और सादे ड्रेस में तैनात पुलिसबल के जवानों पर हमला कर दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चीनी इंजीनियर व अन्य कर्मचारी मंगलवार की रात को खानेवाल इलाके के एक रेडलाइट इलाके में जाना चाहते थे. उन्हें कैम्प छोड़ने की इजाजत नहीं दी गई थी. इस वजह से वे नाराज हो गए. बाद में उन्होंने स्थानीय पुलिस कैम्प की बिजली काट दी. चीनी इंजीनियर्स और दूसरे अधिकारी मंगलवार रात को एक रेड लाइट एरिया में जाना चाहते थे. लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उन्‍हें बिना सिक्‍योरिटी के जाने से मना कर दिया. इस बात का इंजीनियर्स विरोध कर रहे थे. इसके बाद चीनी इंजीनियर्स ने कंस्‍ट्रक्‍शन कैंप में मौजूद पुलिस कैंप की बिजली को बंद कर दिया.

बुधवार की सुबह जब चीनी इंजीनियर्स अपने काम के लिए निकले तो उन्‍होंने भारी मशीने और गाड़‍ियां सड़क पर ही छोड़ दीं. इसके बाद मार-पीट शुरू हो गई और उन्‍होंने पुलिस कैंप पर हमला कर दिया. विरोध कर रहे इंजीनियर्स ने पंजाब के मुख्‍यमंत्री शाहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में उन्‍होंने दावा किया है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्‍हें उनकी ड्यूटी करने से रोका और उन पर हमला किया. यह पहली बार नहीं है जब चीनी नागरिकों ओर स्‍थानीय पुलिस के बीच झगड़ा हुआ है. इससे पहले भी साल २०१६ में पुलिस और चीनी मजदूरों के बीच झगड़ा हुआ था. चीनी मजदूर उस समय कंस्‍ट्रक्‍शन साइट पर ही रुकने की बात कर रहे थे लेकिन पुलिस सुरक्षा की वजह से पुलिस उन्‍हें ऐसा करने से रोक रही थी.

चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) बनाने की तैयारी में जुटा है. इस कॉरिडोर पर भारत के विरोध के बावजूद भी चीन पीछे हटने को तैयार नहीं है.इस कॉरिडोर से कई बिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट की उम्मीद है. सीपीईसी के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए ४६ अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है. इस प्रोजेक्ट की शुरूआत साल २०१५ में हुई थी. अगर ये पूरा होता है तो इसके जरिए तीन हजार किलोमीटर के सड़क तैयार करने के साथ-साथ रेलवे और पाइपलाइन लिंक भी पश्चिमी चीन से दक्षिणी पाकिस्तान को जोड़ेगा. सीपीईसी, चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग के सिल्क रोड इकोनॉमिक बेल्ट और २१वे मेरीटाइम सिल्क रोड प्रोजेक्ट का हिस्सा है. चीन की योजना इन दोनों विकास योजनाओं को एशिया और यूरोप के देशों के साथ मिलकर आगे बढ़ाने की है.