Home देश इस देश पर हुआ अबतक का सबसे बड़ा केमिकल हमला, मचा मातम

इस देश पर हुआ अबतक का सबसे बड़ा केमिकल हमला, मचा मातम

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सीरिया में साल २०११ में शुरू हुआ गृहयुध्द अभी तक जारी है. इस गृहयुध्द ने इस देश को लगभग तबाह कर के रख दिया है. यह देश हर रोज हमलों को झेल रहा है. यहाँ के लोगों के लिए हर पर मूत का खतरा रहता है. पिछले साल साल में यहाँ लाखो लोग मारे गए है, तो कई अपाहिज बन गए. कई लोग बेघर हो चुके है तो कई देश छोड़ कर च्चाले जा चुके है. लेकिन इस सब के बाद भी यहाँ शांति की कोई भी आस नहीं है. यहाँ के लोग हर लम्हा मौत के मौत के साए में जी रहे है. यहाँ के हालातों का फायदे दुसरे देश उठा रहे है.

सीरिया के पूर्वी घोउटा में विद्रोहियों के कब्जे वाले अंतिम शहर डौमा में हुए संदिग्ध रासायनिक हमले में ८० लोगों की मौत हुई है. १००० से ज्यादा लोग घायल हैं. स्थानीय स्वयंसेवी संस्था ह्वाइट हेलमेट्स ने हमले के बाद की तस्वीरें प्रसारित कीं हैं. इस घटना में शनिवार को बेसमेंट में पड़े कई शव नजर आ रहे हैं. लोगों को अब भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है. कई स्थानीय वैद्यकीय और निगरानी समूहों ने भी रासायनिक हमले के बारे में जानकारी दी है. हालांकि इनके मौत के आंकड़ों में अंतर है. अमेरिकी चैरिटी संस्था यूनियन मेडिकल रिलीफ ने बताया कि दमिश्क रूरल स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने ७० लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के मुंह से झाग निकला हुआ दिखाई दे रहा है.

ऐसा नर्व या मिक्स नर्व और क्लोरीन गैस की अधिकता की वजह से हुआ है और इन लोगों की मौत हो गयी. सीरियाई सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है. चिकित्सकों और बचाव कर्मियों ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी है. बीबीसी के मुताबिक, स्वयंसेवी बचाव दल वॉइट हैलमेट्स ने ग्राफिक तस्वीरें पोस्ट कीं है, जिसमें शनिवार को हुए हमले के बाद बेसमेंट में पड़े कई शव नजर आ रहे हैं. इसमें कहा गया है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. विपक्ष समर्थक गोता मीडिया सेंटर ने कहा है कि ७५ से अधिक लोगों का दम घुट गया, जबकि हजारों लोगों को सांस लेने में तकलीफ से जूझना पड़ रहा है. इसने आरोप लगाया कि हेलिकॉप्टर से विषाक्त नर्व एजेंट सरीन से युक्त बैरल बम गिराया गया था.

विपक्ष समर्थक गोता मीडिया सेंटर ने कहा था कि हेलिकॉप्टर से जहरीला नर्व एजेंट सरीन से युक्त बैरल बम गिराया गया था. हमले में ७५ से ज्यादा लोगों का दम घुट गया, हजारों लोगों को सांस लेने में तकलीफ है. हमले के बारे में सीरिया सरकार और रूस का कहना है कि केमिकल अटैक की खबर झूठी है. सरकरी एजेंसी सना ने एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया कि आतंकवादियों के गढ़ में उनसे निपटने के लिए आगे बढ़ रही सेना के अभियान में बड़ी बाधा डालने की खबरें मिली हैं. सना ने कहा है कि सीरियाई अरब सेना को किसी रासायनिक चीज का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है, जैसा कि आतंकवादियों के माध्यमो द्वारा दावा किया गया है. कथित हमलों पर प्रतिक्रिया में अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘हमने कई परेशान कर देने वाली रिपोर्ट देखी है.

सीरियाई सरकार का अपने लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों को इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है.’ सरीन नर्व एजेंट का इस्तेमाल सीरिया में पहले भी हो चुका है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि सीरिया में रासायनिक हमला बिना सोचे-समझे किया गया. इसमें कई महिलाओं और बच्चों की मौत हुई. रूस और ईरान सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को समर्थन देने के लिए जिम्मेदार हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट करते हुए इस हमले के लिए सीरिया की सरकार, रूस और इरान को जिमीदार ठहराया है. ट्रंप ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘सीरिया में हुए विवेकहीन हमले में महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग मारे गए.

अत्याचार के इलाके को सीरिया सेना ने घेर लिया है, जिस वजह से इसका दुनिया से संपर्क मुश्किल हो गया है. राष्ट्रपति पुतिन, रूस और ईरान जानवर बशर अल असद को समर्थन करने के लिए जिम्मेदार हैं. इसके लिए उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी. स्वास्थ्य मदद के लिए इलाके को खोलें.’ समाचार एजेंसी सना ने पहले तैफूर एयर बेस पर हुए हमले में अमेरिका के हाथ होने की आशंका जताई थी. हालांकि बाद में उन्होंने यह दावा वापस ले लिया गया. डोमा में सीरिया का आख़िरी शहर बचा था जिस पर विद्रोहियों का क़ब्ज़ा रह चूका था.अब यहां सारे विद्रोहियों ने सरेंडर कर दिया है. रविवार को अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डोमा में रासायनिक हमले को लेकर कड़ी चेतावनी दी थी.

पेंटागन ने सीरिया पर हो रहे हमले पर साफ करते हुए कहा है कि इस समय हम हमला नहीं कर रहे हैं और हम लोग सीरिया के इन हमलों पर नज़र रखे हुए है. पेंटागन अमेरीका के प्रतिरक्षा विभाग का मुख्यालय है, इसे दुनिया की सबसे बड़ी इमारत भी कहा जाता है. सीरिया पर ये हमले उस समय हो रहे है, जब शनिवार को पूर्वी घोउटा में विद्रोहियों के गढ़ पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहस शुरू हो गई है. यूरोपीय संघ ने कहा है कि हमें कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिन्हें देखने पर लग रहा है कि सीरिया प्रशासन ने दोउमा में रासायनिक हमले किए है. साथ ही उसने सीरिया के सहयोगी रूस और ईरान से इन हमलों को रोकने के लिए मदद मांगी है.