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इस देश में चल रही शादी की बारात पर सऊदी अरब ने छोड़ी मिसाइल

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People search for survivors under the rubble of houses destroyed by Saudi airstrikes near Sanaa Airport, Yemen, Thursday, March 26, 2015. Saudi Arabia launched airstrikes Thursday targeting military installations in Yemen held by Shiite rebels who were taking over a key port city in the country's south and had driven the embattled president to flee by sea, security officials said. (AP Photo/Hani Mohammed)

सऊदी अरब और यमन के बिच हमलों का सिलसिला अभी जारी है. इन हमलो में आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है. सऊदी अरब और यमन बरी बरी से एक दुसरे पर मिसाइल और बम का लगातार प्रयोग किये जा रहे है. हुती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए सऊदी अरब की तरफ से आम लोग भी मारे जा रहे है.

 

साल २०१५ से सऊदी अरब यमन पर लगातार हमले कर रहा है और साथ ही यमन का हवाई, जमीनी और समुद्री परिवेष्टन भी कर रखा है. इस हफ्ते एक बार फिर सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशो ने रविवार २२ अप्रैल को देर शाम यमन के उत्तर पश्चिमी प्रांत में मिसाइल से हमला किया है. खबर मिली है कि इस हमले २० लोगो की मौत हो गयी है. यह हमला एक शादी समारोह पर किया गया था.यमन के प्रसार माध्यमों के अनुसार एक शादी समारोह पर हुए इस हमले में २० लोगो की मौत की पुष्टि हुई और हमले में दुल्हन समेत ४० लोग घायल हुए है. यहाँ के स्थानिक अस्पताल के प्रमुख मोहम्मद अल-सोमाली ने कहा कि हमले के बाद कुल ४५ लोगों को अस्पताल लाया गया, जिसमें एक दुल्हा भी शामिल था.

यमन के हाजा प्रांत के स्वास्थ्य अधिकारी खालिद अल-नाधरी का कहना है कि इस हमले में मरने वालो में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं शामिल है.यमन के स्वास्थ्य मंत्री अब्देल-हकिम अल काहलान ने कहा कि इस घटना के तुरंत बाद एंबुलैंस नहीं पहुंच पाई और हमले के बाद एयरक्राफ्ट ऊपर उड़ रहे थे. पिछले तीन वर्षो से यमन में हुति विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब लगातार जंग लड़ रहा है। इस जंग में अबतक करीब १० हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है तो वही लाखों लोग घायल हुए. और करीब ३० लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़ कर जा चुके है. इस जंग से यहाँ की संपत्ति का भारी नुक्सान हुआ है. इन हमलो पर विश्व के ३५० से अधिक नेताओं, कूटनयिकों, कलाकारों और महान हस्तियों ने यमन के हालात पर सऊदी से हमले रोकने की मांग की है

यमन में शांति स्थापना की मांग करने वाली इन हस्तियों में नोबल पुरस्कार प्राप्त ६ गणमान्य लोग भी शामिल हैं.वही इन हमलो पर संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव अंटोनियो गुटेरस का कहना है कि यहाँ के कई लाख यमनी बच्चे, महिलाएं और पुरुष, इस देश पर हमले जारी रहने और इस देश के घेराव के कारण भुखमरी, बीमारी और मौत के ख़तरे से जूझ रहे हैं. कुछ महीने पहले जर्मनी के विदेशमंत्री ज़िग्मार गैब्रियल ने कहा था कि अमेरिका और यूरोपीय संघ से चाहते है वे कि यमन की त्रासदीपूर्ण स्थिति को समाप्त करने के लिए प्रयास करें. उन्होंने आगे कहा कि यमन के लोगों को मानवता प्रेमी सहायता पहुंचाना, यूरोपीय संघ और अमेरिका के मध्य वार्ता का विषय है. हूथी विद्रोहियों ने इस हमले का आरोप सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन पर लगाया है.

सऊदी गठबंधन यमन की निर्वासित सरकार के समर्थन में हूथियों पर हमले कर रहा है. वहीं सऊदी गठबंधन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि हमले की रिपोर्टों की जांच की जा रही है. यमन की निजी न्यूज़ वेबसाइट अल मसदर ऑनलाइन के मुताबिक ये हमला बनी क़िस इलाक़े के अल रक़ा गांव में हुआ है. हमले के बाद हज्जा इलाक़े के रिपब्लिकन अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है और लोगों से रक्तदान करने की अपील की गई है. यमन में हूथी विद्रोहियों पर हमले कर रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन पर नागरिकों पर हमले करने के आरोप लगते रहे हैं. साल २०१७ में शादा प्रांत में एक बाज़ार पर हमले के आरोप भी गठबंधन पर लगे थे किंतु गठबंधन ने कहा था कि हमला हूथी विद्रोहियों को निशाना बनाकर किया गया था.

उत्तरी यमन के अधिकतर इलाकों पर नियंत्रण रखने वाले हुथी विद्रोहियों ने हमले के लिए सऊदी नीत अरब गठबंधन पर आरोप लगाया जो कि देश की सरकार का समर्थन करता है. बचाव दलों ने बताया कि जेट विमानों ने सना के उत्तर हजाह प्रांत में हुथी नियंत्रण वाले बानी कैस इलाके में हो रहे विवाह स्थल पर हवाई हमला किया. यमन में तीन साल से चल रहे गृहयुद्ध में अब तक दस हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं. इस गृह युद्ध की वजह से यमन में भुखमरी के हालात हो गए हैं और दसियों लाख लोग बेहद मुश्किल में जीवन जी रहे हैं. कुछ सालो में उत्तरी यमन में बसने वाले हूती विद्रोहियों ने मुल्क के दूसरे हिस्सों पर हमला कर दिया, राजधानी सना पर क़ब्ज़ा कर लिया, राष्ट्रपति को देश छोड़ने पर मजबूर किया और दक्षिणी बंदरगाह अदन को क़बज़े में ले लिया है.

हूती शिया मुसलमान हैं, जिन्हें ईरान का समर्थन हासिल हुआ है. यमन के बाक़ी हिस्सों में बहुतायत सुन्नी मुसलमानों की है और हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ बमबारी करने का नेतृत्व सऊदी अरब ने शुरू किया था. हूती विद्रोहियों ने मौजूदा नेतृत्व के ख़िलाफ़ पूर्व राष्ट्रपति सालेह से हाथ मिलाया है. यमन में साल २०११ की क्रांति के बाद सालेह को हटा दिया गया था. अरब देशों में सबसे गरीब देशों में गिने जाने वाले यमन में क़रीब तिन साल से संघर्ष का दौर चल रहा है. यहां अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त, राष्ट्रपति अब्दरब्बू मंसूर हादी की सरकार और उनके प्रति वफ़ादार सैनिकों और शिया हूती विद्रोहियों के बीच मुख्य लड़ाई है. इस अस्थिरता का लाभ उठाकर अल क़ायदा की यमनी शाखा और इस्लामिक स्टेट भी यमन में ख़ुद को मज़बूत करने में लगे हैं.