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किम जोंग ने लिया ये फैसला, PM मोदी के चलते भारत को हुआ बड़ा फायदा

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हाल ही में उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं की मुलाकात हुई है. शुक्रवार २७ अप्रैल को उत्तर और दक्षिण कोरिया के नेताओं के बीच को शिखर वार्ता हुई है. इसमें उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन ने आपस में दोनों देशो के संबंध में बातचीत की है.

सूत्रों की माने इस मुलाकात में दोनों देशो के नेताओ ने कुछ ऐसे निर्णय लिए है जिससे भारत को फायदा हो सकता है. मुलाकात के बाद उत्तर कोरिया के तानाशाह किम ने परमाणु परीक्षण साइट को बंद करने का ऐलान किया है. आपको ये बता दे की परमाणु कार्यक्रम बहोत देर से कोरिया की परेशानी रहा है. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन के साथ मुलाकात के दौरान किम ने कहा उनका देश मई में परमामु परीक्षण को बंद कर देगा. उनका यह ऐलान परमाणु कार्यक्रम के संकट की वजह से काफी महत्वपूर्ण है और इस वार्ता के नतीजे दुनिया को दिखाई देने शुरू हो गए हैं. दोनों देशो में कई सालों से दुश्मनी चली आ रही है ऐसे में अब इनके आपस में अच्छे संबंध और दोस्ती की वजह से भारत पर क्या असर होता है ये देखना महत्वपूर्ण साबित होगा.

उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण ना करने का निर्णय लिया भी हो तो हाला की इस घटनाओं का असर भारत पर किसी भी तरह से नहीं पड़ेगा ऐसी जानकारी सूत्रों ने दी है. भारत की भूराजनैतिक स्थिति और एशिया प्रशांत क्षेत्र में उसकी शक्ति संतुलन पर आधार भूतरूप से कोई भीं प्रभाव नहीं पड़गा. खबरों की माने भारत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ चार देशों का नेटवर्क बना है और ये नेटवर्क आने वाले कई सालों में ऐसा ही रहेगा ऐसा मानना है. उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण हो या ना हो लेकिन इसका असर इस नेटवर्क पर नहीं होगा और चीन के साथ संबंधो पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. भारत एक उभरती हुई शक्ति है और उत्तर कोरिया के निरस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढे ऐसा भारत चाहता है ऐसी जानकारी मिली है.

हाला की भारत के लिए ऐसी स्थिति बिलकुल ही मनचाही नहीं है. भारत क्षेत्र में स्थिरता और शांति बने रहने की इच्छा व्यक्त करता है. आने वाले दशकों में भारत को अपनी राजनैतिक और रणनीति स्थिति का विकास करना है जिस वजह से भारत का ये मानना है की क्षेत्र में शांति बने रहे. अगर ऐसा होता है तो भारत को क्षेत्रीय राजनीति में काफी हद तक महत्त्व मिलेगा और एहम दर्जा और भूमिका मिलेगी इसमें कोई आशंका नहीं है. लेकिन अगर कोरियाइ क्षेत्र में किसी तरह की अस्थिरता या फिर व्यवधान की स्थिति बनती है तो उसका सीधा असर भारत के राजनैतिक और रणनैतिक हितों पर बहोत ख़राब तरह से पड़ेगा. देखा जाए तो आज के दिन भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से बढ़ रही है और इस वजह से क्षेत्र में स्थिरता और शांति बने रहना महत्वपूर्ण है जिस वजह से भारत मौजूदा ट्रेंड का फायदा ले सकेगा.