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कोरिया के तानाशाह ने लिया वो फैसला जिसका पूरी दुनिया को था इतंजार

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उत्तर कोरिया के परमाणु परिक्षण के कारन चीन के कुछ इलांखो का आतंरिक तौर पर बड़ा नुक्सान हुआ है.उसीके साथ साथ उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने परमाणु और लम्बी दुरी तक मार करने वाले मिसाइलों पर रोक लगाने की घोषणा की .जिससे अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी ख़ुशी जताई है.

उत्तर कोरिया हमेशा परमाणु मिसाइलों का परिक्षण करते ही जा रहा है.लेकिन अब उत्तर कोरिया अपने परमाणु पर रोक लगाने की रह पर है.परमाणु पर रोक लगाने की यह घोषणा दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन ने सोमवार २३ अप्रैल को की .दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन ने अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष किम जोंग उन की परमाणु और लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम मिसाइलों के परीक्षण पर रोक लगाने की घोषणा की .यह घोषणा दोनों नेताओं के बीच होने वाली शिखर बैठक से कुछ दिन पहले की गई है.मून ने सहायकों के साथ एक बैठक में कहा कि प्योंगयांग का कदम ‘ कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला है. किम ने घोषणा की कि प्योंगयांग को और परमाणु परीक्षण या अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण करने की कोई आवश्यकता नहीं है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ माना जा रहा है की साईट के ध्वस्त होने से उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन अपने परमाणु परिक्षण की घोषणा कर रहे है. उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने पिछले हफ्ते अपने देश के परमाणु और लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षणों पर रोक की घोषणा की थी।उसके साथ उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने यह भी घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया पुंगये-री शहर में मौजूद परमाणु साइट को भी बंद कर देगा.इस फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तत्काल स्वागत किया.अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्फ को किम के साथ शीघ्र शिखर बैठक करने की उम्मीद है.हालाकि, विश्लेशोकों ने चेतावनी दी है की प्योंगयंग ने अपने परमाणु हथियारों को त्यागने का कोई वादा नहीं किया है. उत्तर कोरिया ने लिए इस फैसले का स्वागत दुनिया भर में हो रहा है.

उत्तर कोरिया की साइट के ध्वस्त होने के कारण उत्तरी कोरियाई नेता किम जोंग-अन ने पिछले हफ्ते अपने देश के परमाणु और लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षणों पर रोक की घोषणा की थी। किम ने यह भी घोषणा की थी कि उत्तर कोरिया पुंगये-री शहर में मौजूद परमाणु साइट को भी बंद कर देगा। उत्तर कोरिया कर रही परमाणु परिक्षण का चीन को कुछ इलांको को आतंरिक नुक्सान पहुँच है. चीनी विशेषज्ञों के दो अलग-अलग अध्ययनों में पाया गया साढ़े आठ मिनट तक 4.1 की तीव्रता का भूकंप आने के बाद आए आफ्टरशॉक्स से पहाड़ को आतंरिक नुकसान पहुंचा है और वो ढह गया। वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक अध्ययन के सारांश में चीन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने कहा, ‘पहाड़ों के ध्वस्त होने के कारण रेडियोधर्मी पदार्थों के संभावित रिसावों की निगरानी जारी रखना जरूरी है।’

उत्तर कोरिया को अब अमेरिकी फौजों से अब कोई दिक्कत नहीं है. उत्तर कोरिया के परमाणु पर रोक लगाने की रोक पर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ख़ुशी जताई हुई है और इसे उत्तर कोरिया के साथ बड़ी प्रगति का करार कहा. दक्षिण कोरिया की मानें तो उत्‍तर कोरिया को अब कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिकी फौजों की मौजूदगी से कोई परेशानी नहीं है। उत्‍तर कोरिया के रुख में यह नरमी किम जोंग-उन की आगामाी दिनों में दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे-इन और अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से होने वाली मुलाकातों से पहले आई है। दक्षिण कोरियाई राष्‍ट्रपति का कहना है कि उत्‍तर कोरिया अब अपने परमाणु कार्यक्रमों को छोड़ने के लिए पूर्व शर्त के तौर पर कोरियाई प्रायद्वीप से अमेरिकी फौजों की वापसी की अपनी पुरानी मांग पर अड़ा नहीं है।

मून ने सोमवार को कहा कि , ‘‘ अगर उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों के परीक्षण पर रोक से शुरू करके परमाणु हथियार मुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाता है तो यह बेहतर भविष्य की गारंटी हो सकता है.’’ उत्तर कोरिया की परमाणु रोक से अब अंकल सं बहुत खुश है. कोरिया ने 3 सितंबर को छठा परमाणु परीक्षण किया था। यह परमाणु परीक्षण इतना शक्तिशाली था कि यहां कि धरती में दरारें आ गई जिससे यह काफी कमजोर हो गई थी। किम जोंग ने बिना इसकी परवाह किए हुए ही यहां एक अंडरग्राउंड सुरंग बनाने का आदेश दिया। धरती पहले से ही कमजोर थी और सुरंग के लिए हुए खनन ने उसे और कमजोर बना दिया, जिसका नतीजा 200 कोरियाई उत्तर कोरियाई नागरिकों की मौत के रूप में सामने आया था।

रिपोर्ट के मुताबिक़ आपको बता दे की 21 अप्रैल को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने परमाणु परीक्षण और साथ ही अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण पर विराम लगाने की घोषणा की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया ने इस घोषणा का स्वागत किया है. उत्तर कोरिया के इस कदम को कोरियाई प्रायद्वीप और इसके इर्दगिर्द घूम रही कूटनीति के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रायद्वीप को विभाजित करने वाले ‘असैन्यकृत क्षेत्र’ में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई – इन के साथ जोंग उन की प्रस्तावित मुलाकात से महज एक हफ्ता पहले यह घोषणा अत्यंत अहम मानी जा रही है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोंग उन की मुलाकात होने वाली है. इसके बाद जोंग उन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी मई या जून माह में मुलाकात कर सकते हैं.