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गुस्से में आये ट्रम्प ने इस देश के खिलाफ ले लिया ये हाहाकारी फैसला

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जब से डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बने है, वे अमेरिका के हित में कई निर्णय ले रहे है. उनका मानना है की अमेरिका के विकास के लिए बाहरी देशो से आनेवाले नागरिकों को रोकना होगा. अमेरिका में बेरोजगारी की वजह ये है की यहाँ बहुत से विदेशी लोग आ कर रह रहे ई जिस कारन अमेरिकी नागरिकों को बेरोजगारी का सामना करना पड रहा है. मेक्सिको से गैरकानूनी रूप से अमेरिका आनेवाले लोगों पर उन्होंने कई बार मेक्सिको को चेतावनी दी है. किन्तु वह से आने वाले लोगों की संख्या में अभी भी कोई खास कमी देखने को नहीं मिली है.

इसी मुद्दे को उठाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा की है कि ‘ड्रीमर’ प्रवासियों की मदद के लिए अब कोई बातचीत नहीं होगी. उन्होंने मैक्सिको को धमकी दी है कि अगर उसने लोगों को अमेरिका में घुसने से नहीं रोका तो अमेरिका उसके साथ चल रहा स्वतंत्र व्यापार समझौता खत्म कर देगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने समर्थकों को ईस्टर की शुभकामनाएं दी. यह शुभकामनाए देने से पहले उन्होंने ट्वीट किया, ‘डीएसीए या ड्रीमर (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल) डील पर अब और नहीं’ बाद में चर्च जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में भी ट्रंप ने कहा कि मैक्सिको को सीमाओं पर अमेरिका की मदद करनी ही होगी. बहुत से लोग अमेरिका में आ रहे हैं क्योंकि वे डीएसीए का फायदा लेना चाहते हैं.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डीएसीए कार्यक्रम को शुरू किया था इसका उद्देश्य ये था बच्चों की उम्र में अमेरिका लाए गए और अवैध रूप से रह रहे हजारों प्रवासियों को निर्वासन से सुरक्षा प्रदान की जा सके. लेकिन मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल यह कार्यक्रम खत्म कर दिया था. साल २०१२ में ड्रीमर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में शुरू किया एक सरकारी कार्यक्रम था. इस कार्यक्रम के तहत गैरकानूनी ढंग से अमेरिका पहुंचे बच्चों को अस्थायी रूप से रहने, पढ़ने और काम करने का अधिकार दिया गया. यह नीति आप्रवासियों की कानूनी स्थिति में कोई बदलाव नहीं करती है लेकिन उन्हें निर्वासन से जरूर बचाती है. ड्रीमर इसके तहत आवेदन देते हैं उनके आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरी बातों की जांच पड़ताल की जाती है.

और यदि वे इसमें सफल हो जाते हैं, तो उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस, कॉलेज में दाखिला, वर्क परमिट की अनुमति मिल जाती है. वहीं, जो इसमें सफल नहीं हो पाते उन्हें वापस भेज दिया जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, “मेक्सिको को सीमा पर हमारी मदद करनी चाहिए. वहां से बड़ी तादाद में लोग अमेरिका आ रहे हैं, क्योंकि वे यूएस की इमिग्रेशन पॉलिसी का फायदा उठाना चाहते हैं.” व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि अवैध प्रवासियों की वजह से अमेरिका को एक साल में १०० अरब अमेरिकी डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर प्रस्तावित दीवार, करदाताओं के सैकड़ों अरब डॉलर बचाएगी. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से ही ट्रैवल वीजा और दीवार बनाने के प्रस्ताव को अमल में लाया जा रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दीवार बनाने पर कड़े निर्देश भी पहले ही जारी किये है. उन्होंने जरूरी दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं और इस काम को शुरू करने के आदेश भी दे दिए हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्पाइस ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर घुसपैठ करने वालों की हिरासत के लिए और अधिक जगह बनाए जाने के उपायों वाले दस्तावेज पर भी हस्ताक्षर किए हैं. ट्रंप ने दक्षिणी सीमा पर बैरियर बनाने का भी आदेश दिया है. स्पाइस के मुताबिक अमेरिका एक बार फिर कानून का उल्लंघन करने वाले अवैध प्रवासियों को हिरासत में लेने और उनके निर्वासन को प्राथमिकता देने की योजना बना रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान अवैध प्रवासियों के मामले को एक अहम मुद्दा बनाया था.

इस तरह के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके वह लगातार अपने चुनावी वादे पूरे करते नजर आ रहे हैं. अपने चुनावी अभियान के दौरान ही डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-मेक्सिको की ३२०० किलोमीटर की लंबी सीमा पर दीवार बनाने की बात कही थी और सत्ता में आने के बाद अब उस वादे को पूरा करते हुए उन्होंने दीवार बनाने के आदेश दे दिए हैं. अमेरिका और मेक्सिको की सीमा के कुछ हिस्से पर पहले से ही दीवार मौजूद है, लेकिन लगातार हो रही घुसपैठ को रोकने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी दीवार बनाने का फैसला किया है. प्यू की रिपोर्ट के अनुसार साल २०१४ में अमेरिका में करीब ५८ लाख अवैध मैक्सिकन प्रवासी थे. विशेषज्ञों ने इस बात पर संदेह जताया था कि दीवार से अवैध प्रवासियों पर रोक लगाई जा सकेगी.

वहीं दूसरी ओर, ट्रंप ने कहा था कि इस दीवार का खर्च मेक्सिको देगा, जबकि मेक्सिको की तरफ से पैसे दिए जाने की मांग को नामंजूर किया जा चुका है. ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस से कहा है कि वह अमेरिका-मेक्सिको सीमा को सुरक्षित करने के लिए ३३ अरब डॉलर खर्च करेगी, जिसमें से १८ अरब डॉलर सीमा की दीवार पर खर्च किए जाएंगे. ‘सीमा सुरक्षा को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण सीबीपी आवश्यकताएं’ शीर्षक से सांसदों को भेजे गए इस दस्तावेज में साफ तौर पर कहा गया है कि ‘एजेंसी ने तय कर लिया है कि २०२६ मील की सीमा की दीवार प्रणाली का क्या करना होगा. जिस प्लानिंग के तहत लगभग ८६४ मील की नई दीवार और लगभग ११६३ मील की प्रतिस्थापन या माध्यमिक दीवार का निर्माण करना होगा.’