Home राज्य चीन के दबाव के कारन अब पाकिस्तान में भी बोली जाएगी चीनी...

चीन के दबाव के कारन अब पाकिस्तान में भी बोली जाएगी चीनी भाषा

SHARE

पाकिस्तान चारों तरह से टूट चूका है. भारत ने पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाब दे दिया है. अमेरिका ने उससे मुह फेर लिया है. बाकि देश भी पाकिस्तान की सहयता करने से कतरा रहे है.

Related image

अमेरिका ने पाकिस्तान की आर्थिक रूप से मदत होने वाली रक्कम को रोक दिया. इसीलिए पाकिस्तान की अर्थ व्यस्था अब गंभीर है. जबसे अमेरिका ने पाकिस्तान को पैसे देने से इनकार किया तबसे चीन अपनी कूटनीति खेलने आ गया है. चीन अब पाकिस्तान का दोस्त बन रहा है. चीन के अपने फायदे छुपे है इसमें. चीन ने पाकिस्तान की और दोस्ती का हाथ बढाया है. चीनी अब पाकिस्तान पर दबाव डाल रहे है या फिर उनकी दोस्ती है यह किसीको नहीं पता. कित्नु चीन हर मामले में पाकिस्तान की मदत कर रहा है. पाकिस्तान ने चीनी भाषा को अधिकारिक रूप से स्वीकार है. चीनी भाषा को अधिकारिक भाषा का दर्जा  पाकिस्तान ने दिया. पर पाकिस्तान में चीनी भाषा बोलने वालों की तादाद ना के बराबर है. यह चीज़ पाकिस्तान को समझनी चाहिए थी.

Related image

पाकिस्तान के सिनित ने सोमवार को इस चीनी प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. अब चीनी भाषा मद्रिन को अंग्रेजी और उर्दू के साथ पाकिस्तान की एक अधिकारिक भाषा बनाने की बात शामिल है. मिडिया में खभर आई की पाकिस्तान के कुछ अधिकारीओं ने कहा की ” यह प्रस्ताव जो पाकिस्तान ने स्वीकार किया है यह एक बड़ा कदम है चीन और पाकिस्तान के रिश्तों को गहरा करने का.” इस फैसले के बाद अब सवाल भी उठ रहे है की क्या पाकिस्तान अब चीनी उपनिवेश बनता जा रहा है? पाकिस्तान के अबतक न्यूज़ रिपोर्ट में कहा की ” इससे इस्लामाबाद और बीजिंग के समंध मजबूत होंगे.” मद्रिन को पाकिस्तान के अधिकारिक भाषा बनाने से चीन पाकिस्तान के आर्थिक गल्लियारी लोगो को एक दुसरे साथ सवाध स्थापित करने में मदत मलेगी. इस बात से पाकिस्तान के लोग नाखुश है. और कुछ लोगो का कहना है की ” पाकिस्तान ने उस भाषा को बढ़ावा दिया है जहा लोगो की चीनी ज़ुबानी है ही नहीं.”