Home देश चीन ने रक्ष्यामंत्री निर्मला सीतारमण के समर्थन में दिया ये बड़ा बयान

चीन ने रक्ष्यामंत्री निर्मला सीतारमण के समर्थन में दिया ये बड़ा बयान

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हाल ही में, देश के रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने चीन के नजदीक नाथुला क्षेत्र का दौरा किया। उनके बीच भारतीय रक्षा मंत्री को न केवल भारतीय सैनिकों को देखते हुए, बल्कि चीनी सैनिक भी बहुत उत्साहित थे.सीतारमण ने चीन सेनाओं को हाथ जोड़ के नमस्कर किया.पर जब उन्हें इसका मतलब नहीं समजा तो उन्होंने उहने ये भारतीय परंपरा से अवगद करवा दिया.

भारत के रक्षा मंत्री ने चीनी सैनिकों से सद्भावना की अप्रत्याशित लहर का अनुभव किया जब वह शनिवार को देशों के बीच सीमा पर तैनात सैनिकों का दौरा किया.चीनी पर्यवेक्षकों ने इसे सद्भावना के रूप में वर्णित किया, जबकि विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि बीजिंग भारत के साथ अपनी सीमा के साथ शांति बनाए रखने के इच्छुक था.रक्षा मंत्री के दौरे की और नमस्ते कौशल्य की चीन मीडिया में बहोत चर्चा है.और एक चीन मीडिया के चैनल पर एक ने कहा की भारत के रक्षा मंत्री ने चीनी सेना का सीमा पर इस तरह से अभिवादन किया.काफी दिनों से डोकलम से दोनों देशों के बिच तनाव है ऐसे में निर्मला सीतारमण के दौरे के प्रशंसा की है.हुआ ने कहा, सीमा क्षेत्र में शांति बनाये रखने के लिए हमें अपने ऐतिहासिक समझौतों का पालन करना चाहिए और इसके साथ ही भारत-चीन संबंधों की रक्षा करनी चाहिए.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने मंगलवार को यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, विशेष प्रतिनिधियों की यह बैठक न केवल सीमा मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए, बल्कि रणनीतिक संवाद के लिए एक मंच भी होगी. उन्होंने कहा कि बैठक में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा.डोकलाम गतिरोध के वार्ता पर पड़े प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विदेश मंत्री वांग यी की हाल में नयी दिल्ली की यात्रा के दौरान भी उठाया गया था. 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) जम्मू कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक है. इसमें से 220 किलोमीटर सीमा सिक्किम में पड़ती है. दोनों पक्ष विवाद को सुलझाने के लिए अब तक विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत के 19 दौर आयोजित कर चुके हैं.चीन ने मंगलवार को कहा कि डोकलाम की घटना द्विपक्षीय समझौतों के लिए एक बड़ी परीक्षा थी और भविष्य में इस तरह की किसी स्थिति से बचने के लिए इससे सबक सीखा जाना चाहिए.