Home विदेश चीन पर ट्रम्प ने ले लिया ये बड़ा फैसला, जिसका पूरी दुनिया...

चीन पर ट्रम्प ने ले लिया ये बड़ा फैसला, जिसका पूरी दुनिया को था इंतज़ार

SHARE

अमेरिका और चीन के सबंध अब और भी कठिन होनेवाले है.अब अमेरिका अपने विश्वविद्यालयों में पढने वाले चीनी नागरिकों पर कुछ कड़क उपाय करने की सोच रही है.अमेरिका का कहना है की कही वही नागरिक चीन के लिए जासूसी का भी काम  करते है.इसीके कारन चीन शोध्कर्तों के लिए अब वहा सिमित पहुच होगी.

 

भले ही अमेरिका और चीन के बिच हुए व्यापार के सम्बन्ध हुए है.लेकिन इस से ऐसा कहा नहीं जा सकता की दोनों देशों के बिच संबध ठीक ठाक है.अमेरिका हमेशा चीन के मामले में सतर्क रहता है.इसलिए अब अमेरिका चीन के शोधकर्तों पर टेढ़ी नजर रखा हुआ है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन अब अमेरिकी विश्वविद्यलयों में चीनी संशोधकों को सवंदंनशील अनुसंधान को रोक लगाने से सख्त उपाय करने की तैयारी में है.क्योंकि अमेरिका का मानना है की इससे चीनी नागरिक यहाँ से बौद्धिक रहस्य प्राप्त कर सकते है.अधिकारीयों ने सोमवार को न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है की वाइट हाउस इस बात पर चर्चा कर रहा है की चीनी नागरिकों की पहुच सिमित की जाये.इसमें उनके उपलब्धित वीसा को प्रतिबंधित करना एयर शोधकर्ताओं के नियमों का विस्तार करना जो अमेरिकी कंपनियों और विश्वविद्यालयों में सैन्य या खुफिया मूल्य के साथ परियोजनाओं पर काम करते है.

रिपोर्ट के मुताबिक यह चीन पर लगाया हुआ प्रतिबंध चीन की बढ़ते राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लिए हुए कदम का एक व्यापक हिस्सा है.जिस पर अमेरिकी कंपनियों को मूल्यवान व्यापार रहस्यों को सौंपने या दबाव डालने का आरोप है. अधिकारीयों के मुताबिक़ चीन के जासूसी के डर को समझते हुए चीन के नागरिकों को प्रयोगशला तक सिमित पहुँच देनी चाहिए.इसका चीन के साथ उभरते शीत युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है.हालांकि इसे लेकर चर्चा अब भी चल रही है, जिस कारण अब तक यह साफ नहीं है कि इससे कितने लोग प्रभावित होंगे. लेकिन माना जा रहा है कि स्नातक छात्रों, शोधकर्ता (पोस्ट्डॉक्टरल) और प्रौद्योगिकी कंपनियों के कर्मचारियों पर प्रतिबंध का असर पड़ेगा. गौरतलब है कि हर साल अमेरिका में एक मिलियन से अधिक विदेशी छात्र अध्ययन के लिए आते हैं, जिनसे लगभग एक-तिहाई छात्र चीन से आते हैं.

 

जानकारों के रिपोर्ट के मुताबिक़ बताया जाता है की अब अमेरिका चाहती है की चीन उत्तर कोरिया पर दबाव बनाके रखे .अब उत्तर कोरिया और अमेरिका के बिच संबध अच्छे नहीं रहे.अमेरिका भी अब कोरिया पर दबाव बनाने की कोशिश में है.उत्तर कोरिया में विशेष दूत भेजने के चीन के फैसले के बाद व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरिया पर अधिक से अधिक दबाव बनाने में चीन के बड़ी भूमिका निभाने का समर्थन करते हैं.राष्ट्रपति शी और ट्रंप ने पिछले सप्ताह बीजिंग में हुई वार्ता में उत्तर कोरिया पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया था. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रपति निश्चित रूप से इस बात का समर्थन करते हैं कि चीन उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव बनाने में बड़ी भूमिका निभाए.

चीन के दूत ऐसे समय में उत्तर कोरिया की यात्रा कर रहे हैं जब ट्रंप ने कुछ ही दिनों पहले एशिया के पांच देशों की अपनी यात्रा पूरी की है. इस दौरे में ट्रंप ने शी से अपील की थी कि वह परमाणु हथियार कार्यक्रम बंद करने के लिए उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन पर दबाव बनाएं. चीन किसी भी तरह से कोरिया पर दबाव डाले . सारा ने कहा कि उत्तर कोरिया में परमाणु निरस्त्रीकरण के सभी प्रयासों और चीन की उसमें भागीदारी का राष्ट्रपति ट्रंप निश्चित रूप से समर्थन करते हैं. ट्रंप ने चीन के निर्णय का ट्विटर पर स्वागत किया. ट्रंप ने गुरुवार को एक ट्वीट करके कहा कि चीन भी अब उत्तर कोरिया में एक दूत और उसके साथ प्रतिनिधिमंडल भेज रहा है, जो एक बड़ा कदम है. हम देखेंगे कि क्या होता है.

रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिका के विभिन्न संस्थाओं में हर साल १ मिलियन तक छात्राए पढ़ने आते है.उनमे से एक तिहाई छात्र ये अकेले चीन के होते है .ऐसा मन जाता है की अमेरिका की और से लाये जाने वाले इस स्नातक छात्र को ,शोध्कर्तों को और प्रद्यौगिक कम्पनियों के कर्मचारियों पर भारी प्रभाव पडेगा.कुछ रिपोर्ट क मुताबिक़ अमेरिका और चीन के निवेशक अब अमेरिकी शहर ओमाहा में मिलेंगे.इसमें दोनों देश सहयोग अवसर पर चर्चा करेंगे .आपको बतादे की ओमाहा अरबपति निवेशक वारेन बफेट का होमटाउन भी है.एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार याहू फाइनेंस ,चाइना जनरल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स और एशियाई कल्चर सेण्टर युस के साथ साझेदारी में नेब्रास्का के ओमाहा में प्रथम अमेरिकी निवेशक फोरम का आयोजन कर रहा है.फोरम में दोनों देशों के बिच कारोबार और निवेश के बारे में ध्यान केन्द्रित किया जाएगा .