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जम्मू कश्मीर पर PM मोदी ने लिया ये हाहाकारी फैसला, बंद करवाया ये काम

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जम्मू कश्मीर की स्थिति दिनबदिन ख़राब होते जा रही हैं, आतंकवादियों का हमला और अलगाववादियों का हिंसा से कश्मीर के लोगों के साथ सरकार भी परेशान हो गई हैं, आतंकवाद ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा पाक से कई आतंकी कश्मीर में घुसकर अलगाववादियों को मिलकर उन्हें इंडिया के खिलाप भड़काने का काम करती हैं. उनसे हर रोज पत्थरबाजी पेट्रोल के बम पोलिस कर्मियों के ऊपर और आम जनता के ऊपर फेंक कर हिंसा फैलाने के लिए उकसाती हैं साथ ही दफा ३७० का जिक्र करके सरकार और सुप्रीम को निशाना बनाने में मदत करती आ रहे हैं.

पिछली वाली सरकार जनता के पैसों का उपयोग सिर्फ अपने खर्चे निकालने के लिए करती थी उन्होंने कश्मीर मुद्दों पर कोई ठोस कारवाही नहीं की सिर्फ कश्मीर के नाम पर जनता से पैसा वसूल ने का काम ही किया हैं, अब ऐसे ही ऐशो आराम पर प्रतिबन्ध लगने वाला हैं और ओ भी कश्मीर में ये फैसला बीजेपी और पीडीपी सरकार ने मिलकर लिया हैं. ये बड़ा फैसला बाकि सरकारों के लिए भी एक बढ़िया मिसाल हैं. सरकार ने कश्मीर में होने वाला जरुरत से जादा खर्चे को ध्यान में रखते हुए ये खर्चा कम करने के लिए अलग अलग तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं, इसके लिए पेहला बढ़ा कदम ये लिया हैं की अब से फाइवस्टार होटल में होने वाली अधिकारीयों की बैठके बंद की जाने वाली हैं.

अब तक बड़े अधिकारीयों की कई बड़े निर्णय लेने के लिए जो बैठके ली जाती थी ओ फाइवस्टार में होती थी जिसका खर्चा भी बहोत जादा होता था, उन्हें अब बंद करने की बीजेपी और पीडीपी सरकार ने सोच राखी हैं. इस प्रतिबन्ध का लोगों ने अच्छे तरीकेसे स्वागत भी किया हैं और इस मुद्दे को अपना पाठिंबा भी सरकार को दे दिया हैं. सरकार का कहना हैं की इन अधिकारीयों को मंत्रियों के जनता चुन कर लाती हैं, ये लोग जनता के काम अपेक्षा जानने और उन्हें पूरा करने के लिए चुना जाता हैं, ऐसे लोग जनता के सेवक होते हैं. उन्हें आराम करने के लिए नहीं चुना जाता उन्हें लोगों के समस्या का हल निकालने के लिए जनता द्वारा चुना जाता हैं. सरकारी प्रमाणपत्र जारी करते हुए कहा की ऐसे सरकारी सम्मेलन, सेमिनार तथा कार्यशाला का आयोजन में होने वाले खर्चों पर ध्यान रखा जायेगा.

ऐसे कई राजकीय कार्यकालों के आगाज ऐसे कम से कम खर्चे में राजकीय सिभागों में होने चाहिए न की फाइवस्टार होटल में. अब से होने वाली राजकीय निजी बैठके फाइवस्टार में नहीं की जाएँगी. साथ ही ऐसे कामकाजों के लिए सरकारी भवन तथा सरकारी कोई परिसर हो उसका ही उपयोग किया जायेगा. ये निर्णय आज की सरकार बीजेपी और पीडीपी ने मिलकर लिया हैं इससे पहले इस और कोई भी सरकार का ध्यान नहीं गया था कोंग्रेस सरकार सिर्फ अपने मजे करने में डूब गई थी. इससे पहिले की सरकारे सिर्फ कश्मीर और पाकिस्तान के मुद्दे में ही घिरी रहती थी, उन्हें इस चीज का ध्यान तक नहीं रहता था. आजतक सबसे जादा खर्चा कश्मीर का होता आ रहा हैं. आये दिन होने वाले दंगे और आतंक के लिए जनता का पैसा काफी मात्रा में खर्च हो रहा हैं.