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जिहादियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आया एक्शन में, दे दिए ये बड़े आदेश

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा है कि अयोध्या में विवादित ज़मीन पर केवल राम मंदिर का ही निर्माण होगा. मंदिरों के शहर उडुपी में आयोजित तीन दिवसीय धर्म संसद का उद्घाटन करते हुए मोहन भागवत ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण पर किसी को दुविधा नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा. हमलोग राम मंदिर बनाएंगे. अब राम मंदिर के साथ ही सुपरिम लव जिहाद और धर्म बदलाव के मामले पर सुनवाही करने जा रही हैं. उत्तराखंड में कड़े कानून लागु करते हुए सुप्रीम ने लव जिहाद जबरदस्ती करने वालों पर ५ साल की सजा सुने हैं.

उत्तरप्रदेश के रहिवासी कहते हैं, राममंदिर कोई राजकीय बात नहीं हैं जिसे इलेक्शन का मुद्दा बना दिया जाये हर कोई आकर राम मंदिर का मुद्दा उठाकर वोट पाने की कोशिश करता हैं, वोट बैंक अपनी और खीचने की कोशिश करता हैं. ये कोई लोकप्रिय घोषणा नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था का विषय है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा.आरएसएस प्रमुख ने कहा कि वर्षों की कोशिश और त्याग के बाद अब राम मंदिर का निर्माण सच होता प्रतीत हो रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला अभी अदालत में है. राम मंदिर का मामला कई साल से आदालत में हैं, अब बीजेपी सरकार के आने से राम मंदिर बनाने की उम्मीद फिर से जग गई हैं. लेकिन अब राम मंदिर बनाने से पाहिले ही लव जिहाद पर सरकारी आदेशा नुसार सुनवाही होने जा रही हैं.

राम मंदिर पर हमारी आस्था हैं, इसे बनाने के लिए कुछ भी करेंगे ऐसे लोगों का कहना हैं. यूपी इलेक्शन से पाहिले ही राम मंदिर का प्रश्न लोगों उपस्थित कर बड़ा मुद्दा बनाया था. जिसे सभी नेताओं ने अपने वोट का जरिया भी मान लिया था. साथ ही लव जिहाद और धर्म परिवर्तन का मुद्दा भी सामने आ रहा हैं, ये भी बड़ा मुद्दा हैं जिसे हर कोई सरकार ने राजकीय और धार्मिक मुद्दा बनाकर हर समय वोट पाने की कोशिश की हैं. भले ही अभी सुप्रीम कोर्ट की ओर से अयोध्या के विवादित स्थल को लेकर फैसला आने में वक्त लगने वाला हो लेकिन विश्व हिन्दू परिषद् ने राम मंदिर के निर्माण की तैयारी पूरी कर ली है, कारसेवकपुरम में इस मंदिर के आकार-प्रकार का पूरा मॉडल तैयार रखा है. यदि राम मंदिर के पक्ष में फैसला आया तो वीएचपी के मुताबिक राम मंदिर कैसा होगा?

बात की जाये धर्म परिवर्तन और लव जिहाद की तो इससे पहिले भी कई बड़े राज्यों में ये कानून लगाया गया हैं, जिसमे राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, उड़ीसा और मध्यप्रदेश जैसे कई राज्य आते हैं, इस कानून के चलते अगर किसी को धर्म परिवर्तन करना हो तो उसे पहिले अपने एरिया के जिल्हाधिकारी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी देनी होगी, उसके परमिशन के बाद ही आप धर्म परिवर्तन कर सकते हो अगर ऐसा नहीं किया तो जबरदस्ती धर्म परिवर्तन या पैसों के लालच को लेकर के किया धर्म परिवर्तन बताते हुए सजा दी जाएगी इसमे ५ साल के लिए सजा होगी. अगर कोई झूट बोलकर ऐसा करता हैं तो उसे ५ से अधिक साल की सजा सुनाई जाएगी. SC,ST मेसे किसी लड़की का धर्म परिवर्तन करके उससे शादी करने पर जादा से जादा ७ साल के लिए सजा हो सकती हैं.