Home विदेश दुबई पुलिस ने किया ये सबसे बड़ा कारनामा, सारी दुनिया हैरान

दुबई पुलिस ने किया ये सबसे बड़ा कारनामा, सारी दुनिया हैरान

SHARE

भारत में पुलिस के पास कोई भी केस सुलझाने में ज्यादा वक्त लगता है.अभी भारतीय पुलिस के लिए यह एक परंपरा हो गई है.जब भी भारतीय जनता पुलिस के पास किसी मदद के लिए जाती है तो हमेशा पुलिस केस को देरी करते है.लेकिन हर देश के पुलिस वैसे नहीं होते.

आज भी कुछ देश में ऐसे पुलिस है , जो हमेशा जनता के लिए जल्द ही जल्द अपनी केस सुलझने के लिए कोशिश करते है.ऐसे पुलिस जनता को ही नहीं तो पर्यटकों के लिए भी सेवाए देने की कोशिश करते है.ऐसे कुछ देशों में अब दुबई का नाम भी आता है.क्योंकि हलाखी हुए कुछ हादसे के बाद अब दुबई पुलिस ने सर ऊँचा करने जैसा काम किया है.अभी आये  रिपोर्ट के मुताबिक दुबई पुलिस ने अब भारतीय जोड़ी की की हुई मदद काबिले तारीफ है.वह भारतीय जोड़ी मुंबई की रहने वाली सिंगे मनमीत सिंह और उनकी पत्नी अमरदीप स्यां कौर है.मुंबई के रहनेवाले यह सिंगर मनमीत सिंह २३ अप्रैल को दो दिन के लिए छुट्टी मानाने के लिए अपने पत्नी के साथ दुबई में आये थे.वे दोनों हनीमून के लिए दुबई में आये थे.

मनमीत सिंह अपने पत्नी क साथ दुबई में हनीमून के लिए आये थे .लेकिन वापस भारत को आने के वक्त उन्होंने अपना फ़ोन टैक्सी में भूल गए.असल में उन्होंने अपना फ़ोन चार्जिंग के लिए टैक्सी में रखा था .उन्हों बताया की टैक्सी में रखे हुए उस फ़ोन में उनकी कई अभी की मेमोरिस थी.दो दिन की हनीमून की कई फोटोज थी.उस टैक्सी में से वो एअरपोर्ट के लिए जा रहे थे.एअरपोर्ट पर आने के बाद उन्हें समझ में आया की उनका आयफोन उसी टैक्सी में भुला है.उनकी फ्लाइट छुटने में कम से कम से कम डेढ़ घंटे ही बचे थे.उन्होंने जल्द ही दुबई पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज की,भारतीय जोड़ी को तब याद आया की उनका आयफोन की उनका फ़ोन टैक्सी में भूल आये. तभी तुरंत ही उन्होंने दुबई पुलिस के पास शिकायत दर्ज की.

मनमीत सिंह के मुताबिक़ वे वहा के दुबई पुलिस ऑफिसर अम्मार अल्सादी को मिले .उन्होंने भूले हुए फ़ोन के तक्सी की साड़ी जानकारी उनको बताई .उनके भारत के फ्लाइट को तब सिर्फ कुछ १.५ घंटे ही रह गए थे.मनमीत सिंह ने उनके टैक्सी में सी सारी जानकारी बताई.उन्होंने उनको बिल भी दिखाया.उसके साथ केस के बारे में जो कुछ भी मालूम था उसकी सारी बातें मनमीत सिंह ने दुबई पुलिस को बताई.दुबई के पुलिस ऑफिसर और उनकी टीम ने शिकायत दर्ज करते ही अपने काम की शुरवात की .उन्होंने रोड और ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पास अलर्ट भेजे.उन्होंने उस कैब ड्राईवर के पास पहुचने की कोशिश की.उसके बाद सिर्फ २० मिनट में ही उन्होंने मनमीत सिंह के इफोने का पता लगवा दिया.शिकायत दर्ज करने के बाद २० मिनट में उनका फ़ोन मिल गया जिसे देखकर मनमीत सिंह भी खुश हुए.

मनमीत सिंह ने दुबई पुलिस की प्रशंसा के लिए फेसबुक पर पोस्ट किया.मनमीत सिंह ने कहा की “हेल्लो ,दुबई पुलिस,यह मेसेज काम के प्रति योगदान और तुम्हारा कष्ट देखकर आपकी प्रशंसा के लिए किया है….जैसे मैं मुंबई के लिए फ्लाइट पकड़ने के लिए दुबई एअरपोर्ट के टर्मिनल १ पर पंहुचा तो मुझे अहसास हुआ की जिस टैक्सी में से आया उसी में मेरा फ़ोन भूल गया….तब में जल्द से जहा मुझे टैक्सी ने छोड़ा वहा भागते हुए गया लेकिन वहा टैक्सी नहीं थी.तुरंत ही उन्होंने दुबई पोली के ऑफिसर के पास गया वहा टर्मिनल १ के पास गेट के वहा के ऑफिसर अम्मर अल्सदी को मिले की जो एक डैशिंग और स्मार्ट दीखते थे.तब मनमीत ने उनको सारी जानकारी दी .वह उबेर कार न होने के कारें उस कार का नंबर भी नहीं था.

उन्होंने जल्द ही इस की काम केलिए कोशिश शुरू की .उन्होंने आरटीओ को जल्द ही वायरलेस से बात की.और उन्होंने उस टैक्सी के बारे में पता लगवा ने को शुरू किया.मनमीत सिंह कहते है की न उस कैब का नंबर था न ड्राईवर का नाम ..फिर भी दुबई पुलिस ने २० मिनट में मेरा फ़ोन वापस कर दिया.मनमीत सिंह दोबारा पोस्ट करते है की विश्वास करो की मैंने २० मिनट्स कहे.मनमीत सिंह कहते है की दुबई पुलिस प्रभावशाली और उनमे अच्छे काबिल है….मनमीत सिंह कहते है की २० मिनट मैं फ़ोन मिलने के बाद मेरा रिएक्शन देखने जैसे था .दुबई की ऑफिसर ने कहा की उनका शासन उनसे कहा की हमें हर व्यक्ति की मदद करनी चाहिये .पोस्ट में दुबई पुलिस का शुक्रुया अदा किया और उसके साथ अम्मार अलसादी का भी शुक्रिया अदा किया.

मनमीत सिंह के लम्बे हनीमून ट्रिप का यह पहला डेस्टिनेशन था . दुबई के बाद छह जगहों पर उनकी ट्रिप तय थी.दुबई के बाद मनमीत न्यूयॉर्क ,टोरंटो , लन्दन , पेरिस, अमेस्तेर्दम और स्वित्ज्र्लंद में जानेवाले है .मनमीत सिंह कहते है की टैक्सी के बारे में कोई भी जानकारी पता न होने जके बाद भी सिर्फ २० मिनट में ही उन्होंने फ़ोन का पता लगवा दिया.अगर फ़ोन का पता नहीं लगता और उसके साथ उनकी फ्लाइट भी नहीं मिलती .मनमीत सिंह और उनकी पत्नी वक्त पर इतनी जल्द मदद करने के लिए दुबई पुलिस का शुक्रिया अदा किया.खलीज टाइम से बात करते हुए कहत है कि आरटीओ से अरेबिक में भी बात करने में दुबई के ऑफिसर ने मदद की.दुबई पुलिस ने की इस मदद से अब दुबई पुलिस के प्रति सम्मान और बढ़ गया.