Home देश प्रधान मंत्री मोदी जी ने भारतीय उद्योग जगत को आयुर्वेद में और...

प्रधान मंत्री मोदी जी ने भारतीय उद्योग जगत को आयुर्वेद में और अधिक निवेश करने का आग्रह किया.

SHARE

नई दिल्ली: मंगलवार: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कहा की कम लागत, सुलभ और सरल पद्यति द्वारा स्वास्थ्य देखभाल के लिए आयुर्वेद के माध्यम से “स्वास्थ्य क्रांति” का समय आ गया है और कॉर्पोरेट क्षेत्र तथा उद्योग जगत को अधिक शोध के जरिए रोग निदान की इस परंपरागत धारा को मजबूत करने के लिए बड़ा और लगातार निवेश करना चाहिए.
मोदी जी ने कहा, “हमने पिछले 30 सालों में आईटी क्रांति को देखा है। अब, आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य क्रांति के लिए समय आ गया है. आइये अब आयुर्वेद को पुनर्जीवित और मजबूत करने के लिए हम आगे बढ़ें”. आयुष मंत्रालय के तहत, देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की “१० एकड़ से अधिक परिसर क्षेत्र पर १५७ करोड़ रुपये के लागत के साथ बनाया गया यह संस्थान देश का एक शीर्ष संस्थान होगा”.
आयुर्वेद के महत्व पर जोर देते हुए, मोदी जी ने कहा कि “दुनिया स्वस्थ रहने हेतु “प्रकृति की ओर” वापिस जा रही है” और इसलिए निजी उद्यमियों का आवाहन करते हुये कहा “इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अपने सीएसआर निधि का अधिकाधिक इस्तेमाल” करने का आग्रह किया.
उन्होंने औषिधि क्षेत्र के विशेषज्ञों से भी ऐसी औषधियां को खोजने के लिए कहा, “जो एलोपैथी की तरह लोगों को तत्काल राहत दे सके, लेकिन बिना दुष्प्रभावों के”. प्रधान मंत्री ने कहा कि “सरकार देश के हर जिले में एक आयुर्वेद अस्पताल बनाने की दिशा में काम कर रही है”.
मोदीजी ने यह भी बताया की “पिछले तीन वर्षों में ६५ से भी ज्यादा “आयुष अस्पताल” विकसित किए जा चुके हैं, क्योकि हम पहले से इस कार्य मे लगे हुये है”.
एआईआईएएस (एम्स) की तर्ज पर बनाया गया यह आयुर्वेद संसथान (एआईआईए), एनएबीएच से मान्यता प्राप्त अस्पताल और शैशणिक संस्था है। अस्पताल “आउट पेशेंट या OPD” सेवाएं और मुफ्त दवाइयां प्रदान करेगा.
वर्तमान में, यह न्यूरोलॉजिकल और डिजनरेटिव बीमारियों, रुमेटोलॉजी और मस्कुलोस्केलटल केयर, मधुमेह और चयापचय संबंधी विकार और योग के क्षेत्र में निदानकारी सेवाएं प्रदान करेगा.
यहां पंचकर्म क्लिनिक, क्रिया कल्प, मधुमेह के रेटिनोपैथी क्लिनिक, क्षार एवं अनुशास्त्र कर्म और बांझपन क्लिनिक भी होगा। इसके अलावा, संस्थान में रोग विज्ञान, जैव रसायन, सूक्ष्म जीव विज्ञान और रेडियोलॉजी प्रयोगशालाएं और निदानकारी सुविधाएं भी रहेंगी. इनडोर रोगी विभाग में 200 बिस्तरों के लिए प्रावधान है.

17 अक्तूबर को ‘आयुर्वेद दिवस’ मनाया जाया करेगा ऐसी उद्घोषणा करते हुए मोदी जी कहा की “आयुर्वेदिक औषधि प्रणाली को भारत की ताकत हैं और इस क्षेत्र में काम करने वाले इसे पुनर्जीवित एवम रूपांतरित करें’.
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के पाठ्यक्रम को संशोधित करने की जरूरत है और उपचार के लिए चिकित्सा प्रणाली में मानक दिशानिर्देशों की संवर्धन करने की महती आवश्यकता हैं ताकि आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली एलोपैथी द्वारा निष्प्रभ न लगे.

उन्होंने यह भी कहा कि “आयुष और कृषि मंत्रालय किसानों को अपने क्षेत्रों में औषधीय पौधे बोने के लिए मार्गदर्शन कर सकते हैं”। उन्होंने आगे कहा कि “2022 तक किसानो की आय को दोगुना करने की सरकार की योजना के अनुरूप किसानों की आय को बढ़ावा देने मैं औषधीय फसलें महत्तवपूर्ण योगदान दे सकती हैं. मेरा विश्वास हैं की भारत की आज़ादी की ७५वी वर्षगांठ पर यानि २०२२ तक किसानो की आय दोगुना होने मे औषधीय फसलों का बहुत बड़ा योगदान होगा”.