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मुसलमानों के इस देश में नोट पर छपती है, हिन्दू भगवान की फोटो

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दुनिया में पैसे या नोटों पर भगवान् की प्रतिमा होना बहुत ही अनूठी बात है. लेकीन एक ऐसा मुस्लिम देश है जिसकी नोट पर भगवान् गणेश की तस्वीर छपी है.दुनिया में हिन्दू और मुसलमानों के बिच की टकराव की बात तो सभी जानते है. किन्तु कुछ ऐसे भी देश है जहा हिन्दू और मुसलमान एक साथ शांति से रहते है. एक ऐसा भी देश है जहा अधिकतर मुस्लिम जनसंख्या होने के बावजूद भी हिन्दुओ के साथ पुरे आदर से व्यवहार किया जाता है. यहाँ कोई भी जातीय राजनीती नहीं की जाती. यहाँ पर रामायण और महाभारत की कथाए बहुत ही लोकप्रिय है. इस देश की कुल जनसँख्या के ८७.५% लोह मुसलमान है और केवल ३% लोग हिन्दू है. फिर भी यहाँ हिन्दुओ को बड़ा की ख़ास स्थान दिया गया है. इस देश का नाम है इंडोनेशिया. एशिया खंड में स्थित यह देश एकता का एक बेहतरीन उदहारण है. इस देश ने अपने आप में ही कई आदर्श निर्माण किये हुए है.

साल २०१० के जुलाई में जब लालकृष्ण अडवानी एक सिंधी सम्मलेन के मौके पर इंडोनेशिया के जकार्ता की यात्रा पर गए, तो वहा हिन्दुओ को मिलने वाले आदर और प्यार को देख कर वह भी चौंक गए. यहाँ पर मौजूद हिन्दू वातावरण की भी उन्होंने विशेष तारीफ़ की थी. जकार्ता में एक जगह कृष्ण और अर्जुन की मूर्ति भी बनायीं गयी है. इंडोनेशिया के सैन्य दल में हनुमान को शुभंकर प्रतिक माना गया है. बाली, जो की पर्यटकों का ख़ास आकर्षण है, उसका पर्यटक चिन्ह हिन्दू पौराणिक कथाओ से प्रेरित है. बन्दुन्द इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी जो की यहाँ का एक सन्मानित विद्यालय है, उसका प्रतिक चिन्ह भी भगवान् गणेश से ही प्रेरित है. यहाँ की मुसलमान जनसँख्या के मुकाबले, हिन्दूओ की संख्या बहुत हु कम है, लेकिन यहाँ पर हिन्दुओ पूरा सम्मान मिलता है.

हिन्दू संस्कृति के अनुसार, भगवान् गणेश को बुध्दी की देवता माना गया है. किसी भी शुभ कार्य की शुरुवात करने से पहले भगवान् गणेश की आराधना की जाती है. उन्हें विघ्नहर्ता कहा गया है, जिसका मतलब है किसी भी विघ्न या संकट का हरण करने वाले. इसके साथ ही वह हमारी रक्षा करेंगे. उन्हें ज्ञान और कला की देवता भी कहा जाता है. आज तक भारत में भी किसी चलन पर किसी हिन्दू भगवान् की तस्वीर का समावेश नहीं किया गया है. लेकिन एक मुस्लिम राष्ट्र के चलन पर गणेश की प्रतिमा होना अकल्पनीय है. इंडोनेशिया ने अपने देश की २०,००० रूपए की नोट पर गणेश जी तस्वीर छपाई है. इस नोट पर गणेश जी की तस्वीर होने के दो कारन यहाँ के लोगो में बताये जाते है. कोई नहीं जानता की इसमें से ठोस वजह कौनसी है.

पहली कहानी यह है की इंडोनेशिया पर डच लोगो की हुकूमत थी. तभी स्वतंत्र सेनानी की हजार देवान्तरा ने देश को आज़ादी दिलाई थी. वे अध्ययन का कार्य करते थे. वे चाहते थे की यहाँ के लोह भी उनकी तरह ही शिक्षित बने जिससे देश की उन्नति हो. कहा जाता है वे अपने साथ गणेश की मूर्ति रखते थे, जिसे वे साहित्य और विजय का प्रतिक मानते थे. और इस वजह से नोट के एक तरफ भगवान् गणेश और की हजार देवंतारा की तस्वीर छपी है और दूसरी तरफ पाठशाला में पढ़ रहे बच्चों की. दूसरी कहानी यह बतायी जाती है की डच शासन से आज़ादी मिलने के बाद, इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था बहुत ही बुरे हालात में थी. अंतरराष्ट्रिय बाजार में इंडोनेशिया के चलन की कीमत कम होती जा रही थी. उन्होंने कई कोशिह्से की, लेकिन कोई सुधार नहीं आये.

उस वक़्त देश के कुछ नेताओ ने नोट पर भगवान् गणेश की तस्वीर छापने के बारे में सुझाव रखा और की हजार देवान्तर के गणेश मूर्ति साथ रखने की बात भी की.इसके बाद देश के अर्थ मंत्री ने नोट पर गणेश जी की तस्वीर छापने के आदेश दिए. और तभी से देश की आर्थिक परिस्थितियो में बहुत सुधार आये है. इन दोनों कहानियो का सारांश करीब करीब एक ही है. की हजार देवान्तरा शिक्षा और छात्रो से बहुत लगाव रखते थे. उन्होंने देश में शिक्षा का महत्त्व बताया. और इसीलिए नोट की दूसरी तरफ पाठशाला में पठान कर रहे छात्रो का चित्र मौजूद है. यह भारत और हिन्दुओ के लिए भी गर्व की बात है की दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश में हिन्दू संस्कृति और भगवान् गणेश का इतना सम्मान किया गया है.