मोदी पर उँगली उठाने वालो के गाल पर पड़ा तमाचा – जरुर देखे

एक टीवी रिपोर्टर के अनुसार- एक खुशखबरी आई  है मोदी सरकार के आर्थिक सुधारों को वर्ल्ड बैंक ने सलाम किया है, कारोबार करने में आसानी के मामले में भारत ने 30 स्थान की बड़ी छलांग लगाई है

वित् मंत्री अरुण जेटली ने इसको किसी भी देश की सबसे लम्बी  बताया, अब भारत ने टॉप 100 देशों में अपनी जगह पहली बात बनाई है. इसका सीधा असर अब देश में विदेशी निवेश पहले से ज्यादा बढ़ सकता है. मोदी सरकार के सुधारों पर दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक सुधार संस्था विश्व बैंक ने मोहर लगा दी है. इज ऑफ़ डूइंग बिज़नस यानी कारोबार के हिसाब से आसानी की जाने की रैंकिंग विश्व बैंक ने जारी कर दी है.

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इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की स्तीथी पहले से बेहतर हुई है, 190 देशों की लिस्ट में भारत अब 100 वें नो. पर आ गया है. 2017 की रैंकिंग में भारत 130 वें नो. पर था, रिपोर्ट में कहा गया है की 2003 से ले कर अब तक देश में सुधर को ले कर 37 बड़े कार्यक्रम किये गये हैं. इसमें से आधे से ज्यादा पिछले 4 साल के दौरान हुए.

तजा रैंकिंग में २ जून 2016 से ले कर 1 जून 2017 के बीच सुधर कार्यक्रमों को जारी किया गया क्यूंकि जीएसटी पहली जुलाई 2017 को लागू हुआ इसीलिए ताजा रैंकिंग में इसे शामिल  नही किया गया. विश्व बैंक का मन्ना है की जीएसटी का असर अगले 3 से 5 सालों में देखने को मिलेगा . एक प्रेस वार्ता को सम्भोदित करते हुए अरुण जेटली ने कहा की – इस साल जो रैंकिंग दी गयी हैं उसमे भारत 130 से 100 नंबर पर आया है.

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उन्होंने कुछ देशों के नाम लिए हैं, जहाँ स्ट्रक्चरल रिफार्म ऐसे 10 देशों के नाम लिए हैं. बाकी देश बहुत छोटे हैं. उनमें मेजर बड़े देशों में बस उन लोगों ने हिंदुस्तान का नाम लिया है. विश्व बैंक की वाइस प्रेसिडेंट एनेट डिक्सन ने पत्रकार वार्ता को सम्भोदित करते हुए कहा की-” ये नतीजे बताते हैं की भारत ने पूरी दुनिया को सन्देश दिया है की यहां ग्लोबल बिज़नस करना आसन है.

किसी देश में कारोबार करना कितना आसन हुआ है इस बारे में विश्वबैंक 10 पैमानों का आधार बनाकर हर साल रैंकिंग जारी करता है , 10 में से 8 पैमानों में भारत की स्तिथि बेहतर हुई है. छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा कर्ज पाने, कंस्ट्रक्शन परमिट हासिल करना , ठेकों को लागू करने और दिवालिया प्रक्रिया पूरा करने जैसे मामलों में स्थिति सुधारी है.

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हालाँकि कारोबार शुरू करने में लगने वाले वक़्त जैसे मामलों में स्थिति अब भी बेहतर नही है, 15 साल पहले कारोबार शुरू करने में 127 दिन का वक़्त लगता था, अब 30 दिन का समय, पहले समय 26 दिन का था और यही वजह है की कारोबार शुरू करने के पैमाने पर भारत की रैंकिंग 190 देशों में 115 वें स्थान से खिसक कर 156 पर पहुँच गयी थी .

वित् मंत्री अरुण जेटली के अनुसार भाजपा ने कम्पनीज एक्ट के तहत प्रावधान की आपको नयी कंपनी बनानी है उसका नाम चुनना है, कंपनी रजिस्टर करनी है, ये सब काम ऑनलाइन एक दिन में होता है. ब्रिक्स देशों यानी ब्राज़ील, रूस, इंडिया और चाइनीज़ और दक्षिण अफ्रीका में सिर्फ भारत की रैंकिंग ही सुधारी है.पुरे दक्षिण एशिया की बात करे तो यहां पर भूटान 75 वें नो. पर सबसे आगे है, भारत 100वें पायदान के साथ दुसरे नो. पर नेपाल 105वें स्थान के साथ तीसरे स्थान पर, पाकिस्तान की रैंकिंग 147 वीं है.

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भारत के सुधर कार्यक्रमों में प्रौविदेंत फण्ड के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की सुविधा और कॉर्पोरेट टैक्स की दर में कमी के साथ नीतियों को लागू करने का ख़ास तौर पर जिक्र किया गया है. विश्व बैंक से ये भी पूछा गया की क्या नोटबंदी के फैसले को रैंकिंग में शामिल किया गया या नही , उस पर उसका जवाब नही में था इसके पीछे दलील ये दी गयी की नोटबंदी एक देश का एक खास फैसला था और इस तरह की निति दुसरे देशों में नही अपनाई गयी.

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बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के मामले में अब भी कई परमिट लेने पड़ते हैं, उनमें कमी आये तो भारत की रैंकिंग और भी सुधरेगी. साथ ही प्रॉपर्टी के रजिस्टर होने वाली प्रक्रिया को आसन बनाना होगा. बड़ी बात ये है की भारत विश्व रैंकिंग में पहली बार टॉप 100 में आया है.दिल्ली और मुंबई में भारत जितना अच्छा करेगा, दुनिया में उसकी रैंकिंग उतनी ही अच्छी होगी.’