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ये वजह आयी सामने जिसके कारन PM मोदी इस देश में दोबारा नहीं जाना चाहते

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पिछले सालो से भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया कई देशो की यात्रा पर गए और उनसे गहरे सम्बन्ध बनाये. लेकिन एक ऐसा देश है जिससे आमंत्रित किये जाएं पर भी वे उस देश नहीं गए.

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भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दुनिया के कई देशो को भारत से अच्छे संबंधो की पहेल की गयी है. वे स्वयं अनेक देशो की यात्रा पर गए और उन्होंने कई देशो के नेताओ को भारत में अमंत्रीत भी किया. उनके द्वारा बढ़ाये गए दोस्ती के हाथ को ज्यादातर देशो ने स्वीकार किया है. आज अधिकतर देश भारत से जुड़ना चाहते है, उससे अच्छे रिश्ते बनाये रखना चाहते है. शायद ही कोई ऐसा देश है जिसने भारत की दोस्ती को स्वीकार नहीं किया है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया से जोड़ने के लिए इतने प्रयास किये है किन्तु फिलिस्तीन की यात्रा पर जाना उन्होंने टाला है. उनके ऐसा करने की वजह भी ऐसी ही है. उन्होंने यह निर्णय भी देश के हित में ही लिया है.

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इजराइल और भारत की दोस्ती पिछले कुछ दशको से चलती आ रही है. इजराइल ने साफ़ शब्दों में यह बयान किया है की इजराइल पकिस्तान को कभी समर्थन करेगा. इजराइल ने हमेशा ही भारत का साथ दिया है और आगे भी देगा. कश्मीर की हालत चाहे जैसी भी हो वे भारत का ही पक्ष लेंगे. जब से भारत और इजराइल के कुटनैतिक संबंधो की शुरुवात हुई है, वे कश्मीर को भारत का ही एक हिस्सा मानते आये है. इजराइल के साथ भारत के कुत्नैतिक संबंधो की शुरुवात १९९० के दशक से हुई थी. तभी से इजराइल ने भारत का समर्थन किया है और कश्मीर को भारत का हिस्सा कहा है. इजराइल के मुताबिक कश्मीर भारत और पाक की सीमा है. और आतंकवाद के खिलाफ चल रही भारत की इस जंग में इजराइल हमेशा ही भारत के कंधे से कंधे मिला कर साथ देगा.

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प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी हाल ही में इजराइल की यात्रा पर गए थे. उन्होंने वहां द्विपक्षीय चर्चा की. लेकिन यहाँ से केवल १२० किलो मीटर की दुरी पर फिलिस्तीन स्थित है. पी एम मोदी फिलिस्तीन नहीं गए. उन्हें इससे पहले भी ४ बार फिलिस्तीन से अधिकारिक तौर पर निमंत्रण आ चूका है. उनके इस ना जाने के फैसले से दुनिया में कई तरह की बातें बनी. कुछ लोगो ने कहा की भारत की यह कोई नयी कुटनैतिक चाल है. लेकिन इसके पीछे की वजह अब सामने आ चुकी है. फिलिस्तीन और भारत अंतरराष्ट्रिय स्तर पर बहुत अच्छे दोस्त है लेकिन फिर भी मोदीजी ने फिलिस्तीन के बुलवे पर अनुमति नहीं जताई. फिलिस्तीन और इजराइल के बिच कई सालो से खुनी विवाद जारी है जीस वजह से इन दो देशो में दरार बनी हुई है.

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नरेन्द्र मोदी भारत के पहले ऐसे प्रधान मंत्री है जो इजराइल की यात्रा पर गए. इजराइल ने भारत को पकिस्तान के खिलाफ मदत करने की तैयारी दर्शाई है. यदि पी एम मोदी फिलिस्तीन की यात्रा पर चले जाते तो शायद इजराइल भारत से नाराज हो जाता. इसरेल से बढ़ रही नजदीकियों को कायम रखने के लिए नरेन्द्र मोदी ने फिलिस्तान से दुरी बांये रखने का निर्णय किया है. साथ की भारत ने यह भी स्पष्ट किया है की इन दोनों ही देशो से भारत के सम्बन्ध अच्छे है और इस यात्रा पर ना जाने में भारत का कोई स्वार्थ नहीं है. भारत के लिए इजराइल से भविष्य में मिलने वाली मदत बहुत ज्यादा महत्त्व रखती है. इसलिए भारत इजराइल को नाराज नहीं करना चाहता. लेकिन अब फिलिस्तान के साथ भारत के रिश्ते भविष्य में क्या मोड़ लेंगे ये तो वक़्त ही बता पायेगा.