Home देश रेलवे क्षेत्र में मोदी सरकार ने ले लिया ये एतिहासिक फैसला

रेलवे क्षेत्र में मोदी सरकार ने ले लिया ये एतिहासिक फैसला

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भारत अब तेज़ी से हर विषय में बढ़ रहा है. आज कल सभी अपना काम हो सके उतना फ़ोन पर ही कर लेते है. आज सभी जगह “डिजिटल काम हो रहा है.”

डिजिटल काम करने से काफी चीज़े में बचत होती है. जैसे की पेपर, आज कल पेपर वर्क कम होना बहुत जरूरी है. पेपर के लिए बहुत सारी लकडियाँ इस्तेमाल में अति है. जिससे पेड़ काटने पड़ते है. अगर ज्यादा मात्रा में पेड़ काटे जाये तोह धरती को भरी नुकसान होगा. इसीलिए मोदी सरकार ने यह फैलसा लिया है की अब रेल  पर आरक्षण के कागज नहीं लगेंगे. टिकेट के चार्ट अब नहीं लगेंगे. बल्कि अब इलेक्ट्रॉनिक चार्ट होगा रेल के अन्दर. दिली, निजामुद्दीन, हर्ज़त, मुंबई सेंट्रल, सियालदाह रेलवे स्टेशनों पर चार्ट लगाना बंद कर देंगे. यह करीब १ मार्च २०१८ से से लागू होगा. ऐसा करने से २९ टन लकड़ी की बचत हो रही है. अब डिजिटल वर्ल्ड की आदत सबको डालनी होगी. इससे पर्यावरण भी अच्छा रहेगा. पेड़ होंगे तोह हवा अच्छी होगी. और कुछ दिन धरती को ओर बच्चा सकते है.

कुछ वक़्त पहेले मोदीजी ने न्यायल में हो रहे कागजों को भी रोक दिया. मतलब ऑफिस में लगने वाले कागज़ की प्रक्रिया अब बंद कर दी गयी है. फ़िज़ूल कागज बर्बाद हो रहे है. इससे काफी लकड़ियाँ बाख सकती है. कुछ ही दिनों सरकारी दफ्तरों में भी कागज का इस्तेमाल बंद किया जायेगा. इससे भी काफी बचत होगी. सरकारी दफ्फ्तारों में भी इलेक्ट्रॉनिक चीजो का इस्तेमाल किया किया जायेगा. ईसे पहेले पूर्व रेल मंत्री श्रेश प्रभु ने भी काफी अच्छे फैसले लिए थे. उन्होंने सोलर एनर्जी पर चलने वाली रेल को मंजोरी दिलाई. इस रेल का डेमु नाम है. इस रेल में ८ सोलर पैन लगे है. भारत में यह पहेला ऐसा हुआ है. इस रेल के कई फफ्यदे होंगे. इससे रेल हर साल २१००० डीसेल बच्चा पायेगी. और रेलवे १२ लाख हर साल की बचत होती रहेगी.इससे कार्बन में भी कमी आयेगी. जो ९ टन तक बछा सकती है और पर्यावरण को अच्छा बनाएगी.