Home विदेश वीजा को लेकर दुबई आया एक्शन में, ले लिया ये बड़ा फैसला

वीजा को लेकर दुबई आया एक्शन में, ले लिया ये बड़ा फैसला

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बहुत से भारतीय लोग सऊदी अरब में काम के लिए जा चुके है. लेकिन अब भारत से सऊदी अरब जाना और भी आसान हो चूका है. सऊदी अरब में काम के लिए जाने के लिए वीजा पाना अब असं बन गया है. इस देश ने भारत से आम के लिए अपने देश में आने वाले लोगों के लिए नियम कुछ शिथिल कर दिए है. संयुक्त अरब अमीरात ने कामकाजी वीजा के लिए अच्छे आचरण के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को फिलहाल खत्म कर दिया है. इससे उन हजारों भारतीय कामगारों को लाभ हो सकता है, जो हर साल वहां जाते हैं.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) मानव संसाधन मंत्रालय ने रविवार को एलान किया कि कार्य वीजा के लिए अच्छे आचरण के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. यह १ अप्रैल से प्रभावी होगा. इस प्रमाणपत्र को ‘पुलिस अनुमति प्रमाणपत्र’ भी कहा जाता है. इसे 4 फरवरी से अनिवार्य बनाया गया था.संयुक्त अरब अमीरात सरकार के द्वारा काम के सिलसिले में वहां जाने वाले भारतीयों को राहत दी गई है. पहले ४ फरवरी को सऊदी अरब जाने वाले भारतीयों को आचरण प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया था. नई दिल्ली में सऊदी अरब के राजदूत ने इस बात की पुष्टि की है. वर्क वीजा पर सऊदी अरब जाने वाले भारतीयों को अपने नजदीकी पुलिस थाने से अचारण प्रमाण पत्र या पुलिस अनुमति प्रमाण पत्र लेना होता था जिसमें इस बात की तस्दीक होती है कि उस शख्स के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है और न ही वह दोषी है.

यूएई के भारत में दिल्ली, मुंबई और तिरुवनंतपुरम कुल तीन वीजा केंद्र हैं. केवल दिल्ली स्थित केंद्र ने पिछले साल करीब ५० हजार वीजा जारी किए थे. जबकि पिछले साल कुल १६ लाख भारतीय यूएई गए थे. जानकारी के मुताबिक, कार्य वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशियों को यह अस्थायी राहत देने का फैसला यूएई कैबिनेट का है. हालांकि कैबिनेट ने इस छूट को खत्म करने की कोई समयसीमा तय नहीं की है. यूएई के अधिकारियों ने कहा, अतीत में, कार्य वीजा के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों की यूएई में जांच की जाती थी. आवेदकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए फरवरी में एक बदलाव किया गया था, ताकि वे जल्द से जल्द यूएई पहुंचकर काम शुरू कर सकें. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस अनुमति प्रमाणपत्र ने कई देशों में काफी भ्रम पैदा किया.

भारत से बड़ी संख्या में लोग काम करने के लिए सऊदी अरब जाते हैं. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) मानव संसाधन मंत्रालय ने ऐलान किया है कि कार्य वीजा के लिए अच्छे आचरण के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है. यह १ अप्रैल से प्रभावी होगा. इस प्रमाणपत्र को ‘पुलिस अनुमति प्रमाणपत्र’ भी कहा जाता है. इसे ४ फरवरी से अनिवार्य बनाया गया था. यूएई दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि नए नियम भारत और पाकिस्तान समेत कुछ सार्क देशों के नागरिकों के लिए लागू होंगे. ‘गल्फ न्यूज’ के मुताबिक, कार्य वीजा के लिए आवेदन करने वाले विदेशियों को यह अस्थायी राहत देने का फैसला यूएई कैबिनेट का है. कैबिनेट ने है की इस छूट को खत्म करने की कोई समयसीमा तय नहीं की है.

काम करने के लिए यूएई जाने वाले किसी भारतीय को नजदीकी पुलिस थाने से लिया गया यह प्रमाणपत्र पेश करना जरूरी था. इसमें यह दिखलाया जाता था कि प्रमाणपत्र धारक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और यह ऐसे किसी मामले में दोषी नहीं रहा है. नई दिल्ली स्थित यूएई वीजा केंद्र के निदेशक रेहाब अली अल-मंसूरी ने एक बयान जारी कर यूएई कौंसुलर सेक्शन के तमाम अधिकृत एजेंटों को बताया कि २ अप्रैल से कार्य वीजा के लिए अस्थायी रूप से पुलिस अनुमति प्रमाणपत्र की जरूरत खत्म कर दी गई है. यूएई दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि नए नियम भारत और पाकिस्तान समेत कुछ सार्क देशों के नागरिकों के लिए लागू होंगे. यूएई के अधिकारियों ने कहा है कि कार्य वीजा के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों की यूएई में जांच की जाती थी.

आवेदकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए फरवरी में एक बदलाव किया गया था ताकि वे जल्द से जल्द यूएई पहुंचकर काम शुरू कर सकें. सऊदी अरब में नौकरियों को बड़ी मात्रा में खोलने पर सऊदी अरब ने प्रवासियों के लिए देश में लगभग २१०,००० पदों को खोलने की योजना बनायीं है. सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टेटिस्टिक्स के मुताबिक “सऊदी अरब भविष्य में ३,५०,००० नई नौकरियों का निर्माण करेगा, जिसमे सऊदी नागरिकों को १४०,००० नौकरियां प्रदान की जाएँगी, जबकि रेस्तरां,ट्रेड एंड कंस्ट्रक्शन सेक्टर्स और हॉस्पिटैलिटी में प्रवासी श्रमिकों को रखा जायेगा.प्रवासियों को सोशल वर्क, साइंटिफिक, वोकेशनल, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री सेक्टर में भी नौकरियां दी जा सकती हैं. इस योजना से सऊदी नागरिकों और सऊदी में रह रहे प्रवासियों को नौकरी से काफी उम्मीदें हैं, इस योजना में सऊदी महिलाओं के लिए भी रोजगार शामिल है.

देश में ६७०,००० लोगों की रोजगार की मांग है. वर्तमान समय में सऊदी अरब में लगभग ५० प्रतिशत बेरोजगार सऊदी अरब में ग्रेजुएट हैं, जो की देश में प्रवासी कर्मचारियों की संख्या के खिलाफ नाराजगी पैदा कर रही है. एक्सपैंट श्रमिकों के मालिकों के लिए सेक्टर प्रतिबंध और नई फीस से उम्मीद की जाती है कि वे सऊदी नागरिकों को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करें, इस प्रकार अनुमान लगाया जा सकता है की ११ मिलियन एक्सपैक्ट श्रमिकों पर राज्य की निर्भरता कम हो सकती है. सऊदी नौकरी तलाशने वालों में से करीब ३४ प्रतिशत लोग २५ से २९ साल की उम्र के बीच हैं. इसी बीच बुधवार को अरबी अखबार अल हयात ने डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पासपोर्ट का हवाला देते हुए कहा की “पिछले १८ महीनों में ८११,००० प्रवासियों ने सऊदी अरब फाइनल एग्जिट वीजा पर छोड़ दिया है.”