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सनकी तानाशाह की ये हरकत देख, दक्षिण कोरिया ने लिया ये बड़ा फैसला

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कोरियाइ प्रायद्वीप के दोनों देश उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के नेता किम जोंग उन और मून जे की कई सालो बाद इस महीने २६ तारीख को मुलाक़ात होना तय हुआ है. इस मुलाकात पर सारी दुनिया की नजरे बनी हुई है. इस मुलाकात के बाद परमाणु हथियारों के साथ ही कई अन्य समझौतों पर फैसला होना तय है.

इस मुलाक़ात से पहले दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया की तरफ से कई अहम् फैसले किये जा रहे है. इन फैसलों से मुलाकात में होने वाली वर्ताओ पर गहरा असर होगा. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की सीमा पर दोनों देशो ने दर्जनों लाउडस्पीकर लगा रखे हैं जिनमें कोरियाई पॉप संगीत से लेकर दूसरे कोरियाई देश की आलोचना करने वाली ख़बरों तक सब कुछ चलाया जाता है. मत प्रचार फैलाने वाले ये लाउडस्पीकर ऐसे लगाए गए हैं कि सीमाई इलाक़ों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ वहां तैनात पड़ोसी देशों के जवान भी उन्हें सुन सकें. दक्षिण कोरिया ने बताया है कि उसने अपने हिस्से के लाउडस्पीकर सोमवार की सुबह बंद कर दिए है. ऐसा करने की वजह बताते हुए उत्तर कोरिया ने कहा कि इससे बातचीत के लिए सही माहौल बनाने में मदद मिलेगी.

इससे पहले उत्तर कोरिया के किम जोंग उन ने भी परमाणु हथियारों के परिक्षण पर रोक लगाने की घोषणा की थी. जिसेक बाद दुनियाभर के देशों ने इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा है की उत्तर कोरिया अब शांति की राह पर चलना चाहता है, साथ ही वह अब से परमाणु हथियारों के निर्माण पर भी विचार करेगा. दक्षिण कोरिया के प्रवक्ता चोइ होइ-युन ने कहा है की “इस कदम का मक़सद दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम करना और बातचीत के लिए शांतिपूर्ण माहौल बनाने का है. हमें उम्मीद है कि इस फ़ैसले के बाद दोनों कोरियाई देश एक-दूसरे की आलोचना और मत प्रचार फैलाना बंद कर देंगे. साथ ही शांति कायम करने और नई शुरुआत करने में योगदान करेंगे.” लेकिन अभी तक ये साफ़ नहीं है कि उत्तर कोरिया भी पड़ोसी देश की राह पर चलते हुए अपने हिस्से से होने वाले प्रचार बंद कर देगा या दक्षिण कोरिया की आलोचना करने वाली ख़बरें प्रचारित करना जारी रखेगा.

यह घटना पहली बार नहीं है जब दक्षिण कोरिया ने अपनी ओर से किए जा रहे प्रचार पर रोक लगाई है. कोरियाई युद्ध के बाद से चले आ रहे इस मत प्रचार का मक़सद है दूसरे कोरियाई देश के जवानों और लोगों को ये बताना है कि उनका देश उन्हें गुमराह कर रहा है. साल २००४ में भी दोनों देशों के बीच समझौता होने के बाद ऐसे प्रचार पर रोक लगा दी गई थी. लेकिन साल २०१५ में दक्षिण कोरिया के दो जवान उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंग की चपेट में आकर मर गए थे जिसके बाद दक्षिण कोरिया ने यह लाउडस्पीकर वापस चालू कर दिए. उसी साल एक बार फिर इन पर रोक लगाई गई, लेकिन २०१६ में उत्तर कोरिया के एक हाइड्रोजन बम का परीक्षण करने के बाद उन्हें फिर शुरू कर दिया गया है.

इस बार भी दक्षिण कोरिया ने साफ़ नहीं किया है कि इस मुलाक़ात के बाद लाउडस्पीकर वापस चालू कर दिए जाएंगे या नहीं. हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु हथियारों के परीक्षणों पर रोक लगाने और एक परीक्षण केंद्र बंद करने का एलान किया था. इसे किम जोंग-उन की दक्षिण कोरिया और अमरीका के साथ होने वाली बैठकों से जोड़कर देखा जा रहा है. किम जोंग उन इस शुक्रवार को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन से मिलने वाले हैं. पनमुनजोम के शांति गांव में होने वाली ये मुलाक़ात दोनों देशों के बीच एक दशक से भी ज़्यादा समय के बाद होने वाली पहली मुलाक़ात होगी. साथ ही जून में किम के अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने की भी संभावना है. दोनों नेताओं के बीच ये पहली मुलाक़ात होगी.

कोरिया प्रायद्वीप के दोनों देशों के रिश्तों में हाल के महीनों में सुधार हुआ है. नॉर्थ कोरिया ने पिछले सप्ताह परमाणु परीक्षण या लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण नहीं करने का ऐलान किया था. उत्तर कोरिया ने अपने सभी मिसाइल परीक्षणों को स्थगित करने और परमाणु परीक्षण स्थलों को बंद करने की शनिवार को घोषणा की थी. उत्तर कोरिया ने कहा है कि परमाणु हथियारों का अनुसंधान पूरा हो चुका है और अब अपने हथियारों की क्षमता का परीक्षण करने की जरूरत नहीं है. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, उत्तर कोरियाई नेता किम जोग-उन ने कहा, “परमाणु हथियार संपन्न हो जाने के बाद हमें अब और परमाणु परीक्षणों, मध्यम दूरी या अंतर्महाद्वीपीय प्रक्षेपास्त्र परीक्षणों की आवश्यकता नहीं है. उत्तरी क्षेत्र में स्थित परमाणु परीक्षण केंद्र ने भी अपना मिशन पूरा कर लिया है.”

रिपब्‍लिक ऑफ कोरिया (दक्षिण कोरिया) ने सोमवार को घोषित कर दिया कि डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (उत्‍तर कोरिया) के साथ इस हफ्ते होने वाले अंतर कोरियाई शिखर सम्‍मेलन वार्ता को देखते हुए इसने सीमा पर ब्रॉडकास्‍ट पर रोक लगा दिया है. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा की हमे उम्‍मीद है कि इस शिखर वार्ता से सैन्‍य तनाव कम होगा और शांतिपूर्ण वार्ता के लिए माहौल का निर्माण होगा. दो साल से अधिक के समय में यह पहली बार है जब दक्षिण कोरिया में प्रसारण सेवा रोकी गयी है. १९६३ में सियोल ने सीमा पर उच्‍च डेसिबल वाले लाउडस्‍पीकर की शुरुआत की थी वहीं उत्‍तर कोरिया भी सीमा पार अपने संदेशों के प्रसार में जुटी थी. उत्‍तर कोरिया के साथ उच्‍चस्‍तरीय वार्ता में हुए समझौते के बाद साल २०१५ में दोनों ओर से प्रसारण को रोक दिया गया था.

लेकिन प्‍योंगयांग के परमाणु परीक्षण के जवाब में साल २०१६ में सियोल ने फिर से लाउडस्‍पीकर अभियान शुरू कर दिया गया. इन लाउडस्पीकरों का उपयोग दोनों देशों द्वारा ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ के नियमित उपकरण के रूप में किया जाता है, और पिछले सप्ताह तक यह उपयोग में थे. उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की योजना को लेकर दक्षिण कोरिया ने किम जोंग की तारीफ करते हुए, इस एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. मून जे ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया पूरी तरह से परमाणु निरस्त्रीकरण के मार्ग पर चलता है, तो यह उनके उज्ज्वल भविष्य का विश्वास होगा. किम और मून की मुलाकात अंतर्राष्‍ट्रीय सीमा पर पड़ने वाले पनमुनजोम गांव में होगी, जहां पहले भी दोनों देशों के अधिकारी मिल चुके हैं. इससे पहले दक्षिण कोरिया के प्‍योंगचांग शहर में आयोजित शीतकालीन ओलंपिक खेलों में उत्‍तर कोरियाई टीम के शिरकत करने को लेकर दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने यहां जनवरी में मुलाकात की थी.