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सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से, हिन्दुओं को मिला ये अबतक का सबसे बड़ा तोफहा

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आजादी के बाद से ही इंडिया में कोंग्रेस की सरकार बनी कोंग्रेस सत्ता में बनाये रहने के लिए और वोट बैंक को पाने के लिए हर एक गंदा काम करती हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी उठाई पड़ी हैं. साथ ही कोंग्रेस हर बार धर्म का खिलवाड़ करता आ रहा हैं धर्म की राजनीती के साथ ही जातीय राजनीती भी करता आ रहा हैं, क्यूंकि कोंग्रेस को इन अन्य धर्म के वोट मिल सके जैसे की मुस्लिम समुदाय. मुस्लिम धर्म को कोंग्रेस ने हमेशा इस्तिमाल कर लिया हैं. हर ओ कोशिश करता आ रहा हैं की जिससे कोंग्रेस को इनके वोट मिलते रहे.

मुसलिम लोगों के वोट पाने के लिए कोंग्रेस ने तरह तरह के शासकीय छुट भी दे रखे हैं जैसे की अल्पसंख्यांक दर्जा. कोंग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंग ने तो आपने बयान में यहाँ तक कह डाला था की पृथी के प्राकृतिक संसाधनों पर पहिला अधिकार मुस्लिम जनसमुदाय का हैं. लेकिन अब सत्ता में कोंग्रेस नहीं हैं. पीएम नरेन्द्र मोदी की बीजेपी सरकार हैं. नरेन्द्र मोदी जीने सरकार में आने से पूर्व ही सबका साथ सबका विकास का नारा लगाया था जिसका ओ पूरी तरीकेसे पालन करते नजर आते दिख रहे हैं. भारत का जम्मू कश्मीर एक ऐसा इलाका हैं जहा पाक उसे अपना घोषित करने में लगा हुआ हैं और पाक ने नापाक हरकते कर अपने मंसूबों अंजाम देता हैं. इससे पूरा इंडिया समेत सरकार तंग आ चूकी हैं.

पाकिस्तान अपने काले करतूतों को अंजाम देने के लिए आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर भेज देती हैं और उन्हें अलगाववादियों के संग मिलाकर अपनके गंदे कामों के लिए अंजाम देने के लिए कहती हैं. देखा जाये तो कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को कश्मीर में पाकिस्तान का समर्थन करने की छुट भी हैं. जम्मू कश्मीर में सिर्फ शांति बनाये रखने में सरकार के करोडो रुपये हर साल खर्च होते हैं. जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए सरकार ने अल्पसंख्यांक जैसे कई अनेक बड़ी सुविधा बनाये राखी हैं. यहाँ पर जीतनी भी सरकारी सुविधाए हैं ओ सिर्फ मुस्लिम समुदाय को देखते हुए उनके हित में ही लागु की गई थी. इसी सिलसिले में जम्मू के अंकुश शर्मा नाम के एक लड़के ने हिंदुओंके लिए आवाज उठाई थी. हिन्दुओं पर हो रहे दुरव्यवहार के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज करवा दी गई.

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मुद्दे पर जल्द से जल्द सुनवाई करते हुए बड़े आदेश जारी कर दिए हैं. सुप्रीम ने आदेश देकर कहा की केंद्र और राज्य सरकार इस मुद्दे को लेकर जल्द ही बैठक करे और इसका तुरंत ही हल निकला जाये. साथ ही इसकी रिपोर्ट तैयार की जाये की राज्य में कोण बहुसंख्यांक हैं और कोण लोग अल्पसंख्यांक इसी पड़ताल के बाद उन्हें सरकारी योजनओंका उपभोग दिया जायेगा. इस याचिका में दर्ज किया हैं की पिछले बहोत साल में अल्पसंख्यांक लोगों की गिनती की नहीं हैं पिछले ५० साल पाहिले इसकी गिनती हुई थी उस वक्त मुस्लिम अल्पसंख्यांक थे जो की अब नहीं हैं, उस वक्त उन्हें ये सरकारी फायदे दिए गए थे जो की आज तक चले आ रहे हैं, इन्हें अब क़ानूनी तौर पर बंद करना जरुरी हैं.

अब के दिन में कश्मीर में मुस्लिमों के संख्या बढ़ गई हैं और हिन्दुओं की घट गई हैं, अब हिन्दू लोग कश्मीर में अल्पसंख्यांक बन गए हैं. इसिलए अन सभी को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का बंटवारा करना चाहिए अब फिरसे कानून परखे चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार अब कश्मीर में एक अलग अल्पसंख्यांक कमिटी बनाई जाये उनके अंदर ही ये काम किये जायंगे साथ ही इसमे कश्मीर के अल्पसंख्या कमिटी सचिव को भी शामिल किया जायेगा. ये कमिटी ही तय करेगी की किसे अल्प संख्यांक और किसे बहु संख्यांक कहा जायेगा और बाद में सुविधा प्राप्त कर दी जायेगी. सरकार ने सूत्रों से बात कर कहा हैं की कमिटी ३१ जुलाई तक कमिटी इसपर अपनी रिपोर्ट तैयार कर लेगी. उसके बाद ही नए कानून जारी कर लेगी.