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2019 के चुनाव पर काग्रेस के बारे में ये क्या कह बैठे प्रणव मुखर्जी

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कांग्रेस के रूप अभी सब लोग अच्छी तरह से जानते है.कांग्रेस की इन हरकत पर पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता रहे प्रणब मुखर्जी ने एक बड़ा बयान दिया है और कहा है की कांग्रेस का सर्वनाश अब तय हो चूका है, उन्होने कहा है की कांग्रेस की छवि अब गद्दार संगठन की हो चुकी है और अब जनता कांग्रेस पर भरोसा नही कर सकती.

२०१४ के चुनाव में कांग्रेस को मिली हुई हर का कारण प्रणव मुखार्जीने भ्रष्टाचार बताया है.पर अभी कांग्रेस की छवि उससे भी ख़राब हो चुकी है और अब लोगों के मन में कांग्रेस एक देशद्रोही संगठन की जगह ले चूका है.और कांग्रेस सरकर को २०१९ में तबाह होने से कोई रोक नहीं सकता.२०१४ में हुए चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ ४४ सीटों पर हर मनानी पड़ी थी.उसके २ बड़े कारण थे.एक तो पहले कांग्रेस के द्वारा हिन्दूओं का दमन और दूसरा कांग्रेस और उनके साथियों के द्वारा किये गए बहुत सरे बड़े घोटाले.जिसे देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लोग जानती है.कांग्रेस सरकर ने इतने घोटाले कर चुके है की उनका एक नया रिकॉर्ड बन चूका है.इसलिए २०१४ के चुनाव में जनता ने कांग्रेस सरकर को ४४ सीटों पर लिपट ही लिया.

२०१४ के चुनाव के बाद कांग्रेस अपने हरकतों से बाज नहीं आए.सेना प्रमुख को गलत बोलना,चीन की दलाली करना, ये काफी नहीं था की कांग्रेस पार्टी इतनी गिरी की उन्होंने पाकिस्तान से भारत की चुनी सरकार हटाने के लिए मदद मांगी, पत्थरबाजों को भाई बताना और सैनिको के सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी बताना, चीन और पाकिस्तान के अधिकारीयों से गुपचुप तरीके से मिलना, देश में जातिवाद का जहर घोलना, हिंसा और दंगे करवाना, कांग्रेस की अब यही पहचान बन गयी है.२०१९ साल में होने वाले चुनाव में कांग्रेस का पत्ता अब सारे राज्य में साफ हो गया है.और इससे २०१९ में उनका सर्वनाश तय है ये साबित हो गया है.कुछ सोशल मीडिया पर बात फ़ैल रही है जिसमे ये कहा जाता है कि सोनिया गाँधी हिन्दू के खिलाफ है.सोनिया गाँधी  ने हिन्दू के खिलाफ बहुत गलत काम भी किये है.पर उन सभी मामलों को ख़ारिज किया गया क्यूंकि उन बातों का कोई सबुत ही नहीं था.

ये सब बातें प्रणव मुखर्जी के किताब ”The coalition years” वजह से सामने आई है.पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी ने अपनी पुस्तक में कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी की देखरेख के शासन के बारे में खुलासा किया है, जो कि सभी हिंदू विरोधी थे.यूपीए सरकार ने सहिष्णु हिंदुओं को आतंकवादियों और बलात्कारियों के रूप में साबित करने के खिलाफ बहुत कुछ किया है.ईसाई मिशनरियों और इस्लामी कसाई बढ़ावा दिया जा रहा था और हिंदुओं को लक्षित किया गया था.ये सब योजना कांग्रेस की रानी सोनिया गांधीने की थी.पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की पुस्तक ने देश से पहले एक बड़ा सवाल उठाया है.सवाल यह है कि कंचरी कामकोटी पीठा के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती और उनके खिलाफ किए गए बेईमान आरोपों की गिरफ्तारी के पीछे कौन था?अब तक, यह व्यापक रूप से माना जाता है कि जयललिता ने उस समय शशिकला के आदेश पर मुख्यमंत्री की कुर्सी बनाई थी जब कांची पीठा के शंकराचार्य की साजिश झूठी मामले में मिली थी और गिरफ्तार किया गया था.

उस समय, इस घटना के बाद, जमीन समझौते के बारे में विवाद हुआ था, लेकिन अब मुखर्जी के खुलासे के बाद यह स्पष्ट है कि गिरफ्तारी न केवल जयललिता की इच्छा पर बल्कि सोनिया गांधी के इशारे पर भी की गई थी.दरअसल, वह समय था जब सोनिया और जयललिता के बीच घनिष्ठ संबंध थे.२००४ और २०१४ के बीच, सोनिया गांधी दस वर्षों तक शीर्ष शक्ति संभालने वाली थीं, तब से उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक-सांस्कृतिक मान्यताओं को कुचलने शुरू कर दिया था.शंकरचार्य की गिरफ्तारी केवल भारत के हिंदू समाज के महान संत को अपमानित करने के लिए की गई थी. यह स्पष्ट है कि हिंदू धर्म के इस तरह के एक महान संत को गिरफ्तार करके मीडिया का मज़ाक उड़ाते हुए ईसाई साजिश का हिस्सा था.मुखर्जी ने खुलासा किया है कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में, हिंदुओं को लक्ष्य में फंसाया गया है.

नवंबर २००४ में सत्ता में आने के कुछ महीनों के भीतर, शंकरचार्य जयेंद्र सरस्वती को दिवाली के अवसर पर हत्या के झूठे मामले में गिरफ्तार किया गया था.उनकी गिरफ्तारी के समय, वह त्रिकल के लिए २५०० साल की तीर्थ यात्रा की तैयारी कर रहा था. गिरफ्तारी के बाद, उन्हें अश्लील सीडी और छेड़छाड़ जैसे अपमानजनक आरोप भी दिखाए गए। हालांकि, यह आरोप कभी साबित नहीं हुआ है.प्रणव मुखर्जी ने इस पुस्तक का उल्लेख अपनी पुस्तक ‘The caolition years’ १९९६-२०१२ ‘ में किया है.उन्होंने लिखा कि “मैं इस गिरफ्तारी से बहुत नाराज था और कैबिनेट की बैठक में मैंने इस मुद्दे को भी उठाया. मैंने सवाल पूछा, क्या देश में धर्मनिरपेक्षता का स्तर केवल हिंदू संतों तक ही सीमित है? क्या एक राज्य पुलिस ईद के अवसर पर एक मुस्लिम क्लर्क को गिरफ्तार करने का साहस दिखा सकती है? “