Home देश PM मोदी ने सेना को दिया ये ताकतवर हाथियार, पूरी तरह से...

PM मोदी ने सेना को दिया ये ताकतवर हाथियार, पूरी तरह से डर गया पाकिस्तान

SHARE

पाकिस्तान जो हमेशा सीजफायर का उलंघन करता है उसकी अक्ल ठिकाने लगाने के लिए पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी हुई है. सेना भी हर हमले का बखूबी जवाब दे रही है, जिससे पाक फ़ौज में आतंक फैला हुआ है. अपने आतंकी साथियों को मरता देख कश्मीर में अब पाकिस्तान खौफजदा है.

मगर अब सेना से जुडी एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिसने पाक की नींदें हराम कर दी हैं.नैसेना के लिए डीआरडीओ द्वारा रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने डिजायन किए गए नाग मिसाइल प्रणाली और १२७ एमएम कैलीबर बंदूक समेत ३६८७ करोड़ रुपये अधिक की पूंजी अधिग्रहण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. देश में ही विकसित तीसरी पीढ़ी की नाग मिसाइल एक गाइडेड एंटीटैंक मिसाइल है, जो बिलकुल सटीक वार करती है. इस लिए उसे दागो और भूल जाओ’ कहते है.ये मिसाइल एडवांस्‍ड इमेजिंग इंफ्रारेड रडार से लैस है, ये सुविधा बहुत कम देशों के पास है.नाग मिसाइल वजह काफी हल्का होता है.देखा जाये तो सिर्फ ४२ किलो तक वजन इसका होता है.इस मिसाइल को 10 साल तक बगैर रखरखाव के इस्तेमाल किया जा सकता है. नाग मिसाइल की गति २३० मीटर प्रति सेकंड है.

इसकी एक खास बात ये है की जब इस मिसाइल को एक बार दाग दी गयी तो इसे कोई रोक नहीं सकता.रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्क्षयता में डीएसी ने नाग मिसाइल प्रणाली (एनएएमआईएस) के खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी लागत ५२४ करोड़ रूपए है. संगठन डीआरडीओ ने इसका डिजायन और विकास रक्षा शोध व विकास किया है.यह भारत की बढ़ती तकनीकी शक्ति का प्रतिबिंब होने के अलावा स्वदेशीकरण को भी बढ़ावा देगा.अधिकारों का ये कहना है की नाग मिसाइल तीसरी पीढ़ी का टैंकरोधी गाइडेड मिसाइल है, जिसमें हमले की अचूक क्षमता है और यह दिन हो या रात दुश्मन के सभी प्रकार के टैंक को नष्ट कर सकती है. डीएसी ने इसके अलावा १२७ कैलीबर की बंदूकों को नौसेना के लिए खरीद करने को मंजूरी दी, जिसे नए युद्धपोतों में लगाया जाएगा.

३००० करोड़ रुपए से अधिक अमेरिका की बीएई सिस्टम्स से यह खरीद लागत में की जाएगी.बीते साल 8 सितंबर को रक्षा विकास अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) ने भारत में निर्मित तीसरी पीढ़ी की एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (एटीजीएम) ‘नाग’ का राजस्थान में सफल परीक्षण किया था. उस दौरान मिसाइल ने सशस्त्र सेना की इच्छा के अनुसार अलग-अलग दूरी पर रखे गए अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा.दोनों मिसाइल के सफलतापूर्वक परीक्षण और इससे पहले जून (२०१७) में किए गए. परीक्षण के बाद एटीजीएम ‘नाग’ के साथ एनएएमआईसी प्रक्षेपण प्रणाली पूरी तरह स्थापित हो गई थी.साफ़ जाहिर है कि देश की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार सभी तरह के जरूरी कदम उठा रही है. नाग मिसाइल के अलावा अमेरिका के प्रतिबंधों की परवाह ना करते हुए पीएम मोदी ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला भी कर लिया है. पाक-चीन दोनों को पछाड़ने के लिए भारतीय सेना की ताकत लगातार बधाई जा रही है.