Home देश अमेरिका ने अचानक ही हफीज सईद पर लिया ये ताबडतोब एक्शन

अमेरिका ने अचानक ही हफीज सईद पर लिया ये ताबडतोब एक्शन

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अमेरिका पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों पर हमेशा ही गुस्सा रहा है. अमेरिका ने कभी भी कोई कसर नहीं छोड़ी है पकिस्तान के खिलाफ कोई कार्यवाही करने की. पाकिस्तान कई सालो से आतंकवाद को पनाह दे रहा है. पकिस्तान को दुनियाभर से कई बार चेतावनी दी गयी है की वह आतंकवादियों को सहारा न दे. अमेरिका समर संयुक्त राष्ट्र संघटन ने भी पकिस्तान को मदत करने के लिए इच्छा दर्शायी थी किन्तु पकिस्तान ने इसका ठीक से स्वीकार नहीं किया. और उनसे मिली मदत का गलत उपयोग किया. अमेरिका ने अब फिर एक बार पाकिस्तान पर कड़ी कार्यवाही के कदम उठाये है.

पकिस्तान का आतंकवादी हाफिज सईद कई हमलो में शामिल रहा है. उसपर कई आरोप लगे है. दुनियाभर से पकिस्तान को चेतावनी भी दी गयी की वह हाफिज सईद पर कार्यवाही करे और उसे पनाह न दे. पाकिस्तान ने कहा था की उसने हाफिज सईद की सारी संपत्ति जप्त कर ली है और हफीज सईद पकिस्तान की नजरकैद में है. लेकिन यह सब एक ढोंग था. कुछ ही दिनों बाद ये बात सामने आई की पकिस्तान ने उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की थी. हफीज सईद पकिस्तान में खुला घूम रहा था. साथ ही उसकी संपत्ति भी जप्त नही की गयी थी. पकिस्तान में हफीज सईद के आतंकी प्रशिक्षण के शिविर खुले आम चल रहे थे. पाकिस्तान ने सिर्फ और सिर्फ अमेरिका की नजर में खुद को अच्छा साबित करने के लिए यह ढोंग किया था.

अमेरिका ने अब हाफिज सईद को कडा झटका दे दिया है. अमेरिका ने मंगलवार को राजनीतिक पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को विदेशी आतंकी संगठन की सूची में डाल दिया है. एमएमएल हफीज सईद कीराजनितिक पार्टी है. अमेरिका के विदेश मंत्रालय के अनुसार अपना नाम बदल कर यह संगठन आतंकी हमलों के लिए संसाधन इकठ्ठा करता है और अगले आतंकी हमला की योजना बनाता है.’ कहा, और हमने इसका नाम विदेशी आतंकी संघटनो की सूचि में शामिल करके कोई गलती नहीं की है. अमेरिका की ओर से ये कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब पाकिस्तान में एमएमएल को एक राजनैतिक दल के रूप में मान्यता देने की पहल चल रही थी. भारत ने अमेरिका द्वारा की गयी कार्रवाई का स्वागत किया है. साथ ही पार्टी के ७ सदस्यों को भी आतंकी घोषित कर दिया है.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका हर संभव कोशिश करेगा कि जब तक एमएमएल हिंसा का रास्ता न त्याग दे, तब तक एमएमएल को पाकिस्तान में भी राजनीतिक दर्जा हासिल न हो पाए. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसपर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. अमेरिका के इस कदम पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को आतंकवादी संगठन करार दिया जाना यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवादी पनाहगाहों को तबाह करने में विफल रहा है. भारत के इस रुख की पुष्टि करता है कि पाकिस्तान ने आतंकवादी संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘इसमें इस तथ्य को भी ध्यान में रखा गया है कि आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को अपना नाम बदलकर पाकिस्तान की जमीन पर मुक्त रूप से काम करने की अनुमति है.’’

द यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने एक संशोधन प्रस्ताव पेश किया है. जिसके तहत लश्कर-ए-तैयबा के साथ ही एमएमएल और तहरीक-ए-आजादी-ए-कश्मीर (टीएजेके) को भी आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया गया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ‘अपने यहां आतंकी संगठन और हस्तियों के नाम बदलवा कर पाकिस्तान उन्हें खुला घुमने की आजादी देता है।’ वैसे हफीज सईद आतंकी हमलों से अपना कोई भी ताल्लुक होने की बात से लगातार इन्कार करता रहा है. अक्टूबर २०१७ में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने एमएमएल को राजनीतिक पार्टी का दर्जा देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया था कि इसका संबंध आतंकी समूह से है. लेकिन अब मार्च २०१८ में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने पकिस्तान के चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि वह एमएमएल को पंजीकृत करे.

अमेरिका में हुए ९/११ हमले के बाद हंगामा मचा तो हाफिज सईद ने दुनिया को चकमा देने के लिए अपने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा का नाम बदल दिया. संघटन का नया नाम रखा जमात-उद-दावा. इसके बाद मुंबई में २६/११ का हमला हुआ, तो हाफिज सईद ने फिर वही खेल खेला. इस बार उसने जमात-उद-दावा का नाम बदल दिया और फिर एक नया नाम रख दिया तहरीक-ए-हुरमत-ए-रसूल. लेकिन इस पर भी पाबंदी लग गई. तो सईद ने एक नई राजनीतिक पार्टी खड़ी कर ली- मिल्ली मुस्लिम लीग. हाफिज का सपना था आम चुनाव जीतकर पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनना. मगर अब लश्कर के चीफ हाफिज़ सईद के चेहेरे से मुखौटा हट गया है, क्योंकि अब अमेरिका ने मिल्ली मुस्लिम लीग को भी विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर सईद को खुदा हाफिज कह दिया है.

हाफिज सईद ने पिछले हफ्ते ही २३ मार्च २०१८ को अपनी राजनितिक पार्टी एमएमएल का घोषणा पत्र जारी कर दिया था. मिल्ली मुस्लिम लीग को एक राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता देने के लिए इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी उसे मान्यता मिलने का रास्ता साफ कर दिया था. हाफिज सईद को लेकर पाकिस्तान हमेशा से ही नरमी बरतता आ रहा है. इसी नरमी का नतीजा है कि हाफिज अब मिल्ली मुस्लिम लीग नाम की पार्टी बनाकर राजनीति में प्रवेश करने की कोशिश में है. लश्कर-ए-तैयबा का गठन १९८० के दशक में हुआ था. वह २००८ में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है. इन हमलों में १६६ लोगों की मौत हो गई थी. अमेरिका ने लश्कर को २६ दिसंबर २००१ में विदेशी और वैश्विक आतंकी संगठन घोषित किया था. इसके मुखिया हाफिज सईद को भी वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था.