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अरब देशों का ये बदलता रंग देख, मोदी समवेत ट्रम्प भी गुस्से में

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इस बात से सभी वाकिब है की भारत और कई देशोंको यु ए ई, सौदी और अन्य कई ओपेक देशोंसे तेल खरीदना पड़ता है. भारत में पेट्रोल, डिजेल के बढ़ते भाव को ध्यान में रख कर भारत के पंतप्रधान मोदी जी ने दिल्ली में हाल ही में एक बैठक आयोजीत की थी.

१० दिन पहेले भारत में हुई एक बैठक में भारत के पंतप्रधान नरेन्द्र मोदी ने सभी तेल उत्पादन करने वाले देशो से बातचीत की थी. इस बैठक में यु ए ई, सौदी से लेकर और भी ओपेक देश शामिल हुए थे. मोदी जी ने उनसे कहा था की वो तेल की कीमते जानबुच कर बढाने की हरकत से बाज़ आए. बैठक में तेल उत्पादन करने वाले देशोने मोदी के हा से हा मिलाई लेकिन अपने अपने देश लोटने के बाद ऐसी चाल चली की पूरी वर्ल्ड इकोनोमी को झटका लगा. दुनिया में सबसे ज्यादा तेल उत्पादन करने वाले देश सौदी अरब ने हाल ही में बैठक बुलाई इस बैठक में तेल उत्पादन करने वाले देशो के साथ रूस भी शामिल था इसमें तेल उत्पादन घटाने का फैसला लेने के वजह से मार्केट में तेल के दाम बढ़ने लगे उस वजह से कच्चे तेल की किमत ७३ डॉलर प्रति बैरेल से ऊपर आई.

ओपेक देश में तेल की उत्पादन कम करने से दुनिया में तेल की कीमत तेजी से बढ़ जाती है. ओपेक देशोने अपनी कमाई बढाने के लिए कई देशोपर बोज़ डाल दिया है. मोदी जी ने ओपेक देशोको तेल खरीदने वाले देशो का ध्यान रखने की बात कही लेकिन इससे उलटा सौदी के उर्जा मंत्री खलीद अल फलिह ने कहा के विश्व बज़ार में तेल की बढ़ी किमतोंको झेलने की ताकत है आगे उन्होंने कहा की प्रमुख देश ८० से १०० डॉलर झेलने की क्षमता रखते है इस वजह से ओपेक ने तेल उत्पादन कम करने का फैसला लिया है. उनके इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्विट करके कहा की पेट्रोल की कीमते कृत्रिम तरीके से बहोत ऊँची कर दी है ये अच्छा नहीं और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा. भारत में भी इसका असर भारतीय बाज़ार पर पड़ रहा है जिससे पेट्रोल और डीज़ेल के दाम रिकॉर्ड कर गए है.