Home देश अरूण जेटली ने कांग्रेस पर दिया ये बयान, कांग्रेस परेशान

अरूण जेटली ने कांग्रेस पर दिया ये बयान, कांग्रेस परेशान

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केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने बार फिर अपने ब्‍लॉग के जरिए कांग्रेस पार्टी पर हमला बोल दिया है. उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने सालों तक सिर्फ ग्रामीण भारत का नारा दिया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसाधन उपलब्‍ध कराए. इसी का नतीजा है कि भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में लगातार सुधार हो रहा है और विश्‍व बैंक ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है.

अरुण जेटली ने लिखा, ‘हाल ही में जारी विश्व बैंक के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत अब छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जिसकी वजह से फ्रांस सातवें स्थान पर खिसक गया है. हालांकि, आबादी के आकार में असमानता के कारण, दोनों देशों की प्रति व्यक्ति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंतर होगा. लेकिन हम अनुमानित दर से बढ़ते रहते हैं, तो संभव है कि अगले वर्ष हम ब्रिटेन से पहले पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.

पिछले चार वर्षों से सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के नाते, हम अगले दशक को आर्थिक विस्तार के रूप में देख सकते हैं. दरअसल, हमने व्यवसाय करने में आसानी और एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में भारत की रैंकिंग में पहले से ही एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और व्यापार युद्ध के कारण आज हम वैश्विक चुनौती के बीच में परीक्षण करने के लिए खड़े हैं.

‘उन्‍होंने बताया, ‘जाहिर तौर पर हमें तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कई फायदें देखने को मिल रहे हैं. इसमें अधिक खपत, अधिक उत्पादन, अधिक उद्योग, सेवा क्षेत्र का विस्तार, अधिक शहरीकरण, अधिक नौकरियां, अधिक आर्थिक गतिविधि और निश्चित रूप से अधिक राजस्व शामि है. जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्‍ता संभाली है, तब से प्रदर्शन में लगातार सुझार हुआ है. हम देश के लोगों के एक वर्ग के गरीबी के स्तर को कम करने में कितनी जल्दी सक्षम होते हैं, अब सरकार के सामने यह एक बड़ी चुनौती है?’

केंद्रीय मंत्री ने बताया, ‘इस संबंध में मोदी सरकार का दृष्टिकोण बिल्‍कुल स्‍पष्‍ट है. हम कांग्रेस पार्टी की १९७० और १९८० की नीति को नहीं अपनाएंगे. इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ लुभावने नारे दिए थे. तब ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया गया, लेकिन धरातल पर इस भ्रमित दृष्टिकोण का कोई लाभ देखने को नहीं मिला. लेकिन इसके विपरीत, वर्तमान प्रधानमंत्री नारे देने में नहीं काम करने में यकीन रखते हैं.