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अलकायदा ने इस अरब देश के प्रिंस को दी ये बड़ी धमकी,मचा हाहाकार

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अरब प्रायद्वीप के चमरपंथ समूह अलकायदा ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस को चेतावनी दी है.अलकायदा के इस चेतावनी का कारण है की सऊदी अरब में किये जाने वाली नयी परियोजनाए जो की उनके धर्म के विरुद्ध माना जाता है.शुक्रवार को एक बुलेटिन के माध्यम से अलकायदा ने चेतावनी दी.

सऊदी अरब के प्रिंस सलमान ने रूढ़िवादिता विचारों को हटाकर एक नए निति के  तरफ अपना कदम बढाया है.जिसके तहत महिलाओं को कई पुराने तरीकों से छुटकारा मिला है.अब इसके कारण सऊदी महिलाओं को नए निति से जिंदगी शुरू करने को मिली है.क्राउन प्रिंस की वजह से वहा के सिनेमाघर भी शुरू हुए और उसके साथ महिलाओं को सड़क पर ड्राइव करने की अनुमति भी मिली. सऊदी अरब के इस नए शासन के अनुसार अब मस्जिदों की जगह सिनेमाघरों का निर्माण होने लगा है.यमन के जिहादी समूह ने ये बात न्यूज़ बुलेटिन के माध्यम से कही.इस बुलेटिन की पहचान एक साईट के खुफिया ने की है.अलकायदा ने इस बयान में बताया गया है है की धर्मनिर्पेक्षता के नाम पर मोहम्मद बिन सलमान बेतुकापन के  साथ भ्रष्टाचार  और नैतिक आक्रमण के दरवाजे खोल रहे है.

 

सऊदी के प्रिंस की महत्वाकांक्षा देखकर कई सारे सऊदी के अधिकारी एवं विदेशी अधिकारियों को शक होने लगा है.उन्हें इस बात की शक है की कई सऊदी की गद्दी हासिल करने के लिए ये सब न हो.सलमान के चचेरे भाई सऊदी के नए सुलतान बनेंगे.अगर सलमान उनसे आगे बढ़ सुलतान बन जाते हो तो वे सबसे युवा सुलतान बन जायेंगे.इसके कारण कई दशक तक भी गद्दी पर रह पाएंगे.सलमान के चचरे भाई के अमेरिका के साथ रिश्ते अछे है साथ ही घर के सारे बुजुर्गों का उनको समर्थन भी है.कई लोगों का मानना है की सलमान के चचेरे भाई नाएफ़ को कमजोर करने की भी कोशिश् चल रही है.ऐसे में तय करना मुश्किल है.इसलिए ऐसे ही पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अमेरिका भी दोनों के साथ अच्छे सम्बन्ध रखती है.

 

अलकायदा ने अपने बयान में बताया की सुन्नी जिहादी समूह एक्यूएपी ने मक्का में पवित्र स्थल पर डब्लुडब्लुइ जैसे समारोह का आयोजन किया था और इसकी इन्होने निंदा भी की.साथ ही विदेशी पहलवानों ने जो कॉस्ट्यूम्स पहने थे उसकी भी निंदा की.एसआईटी ने भी बयानों का उल्लेख करते हुए कहा की उनका समारोह इतने तक नहीं रुका तो साथ ही गीत सगीत और रंगारंग का भी कार्यक्रम आयोजित किया था जो धर्म के विरुद्ध माना जाता है.आतंकी संघटन ने सऊदी अरब के शहजादे के कदमों को पाप भरे परियोजनायो का करार दिया है.जेहादी विचारों को बढ़ावा देनेवाले साईट पर लिखा गया है की सऊदी में होनेवाली रात के पार्टियों को रोका नहीं गया है और फिल्मों के शोज को रोकने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाये गए.सऊदी अरब के इस नए रूप को लेकर अलकायदा सऊदी किंग को चेतावनी दे रहा है.

सऊदी अरब के प्रिंस एक्सेलेंसी टर्की अल शेख और डब्ल्यूडब्ल्यूई के चेयरमैन और के बिच समझौता हुआ था की वे डब्लुडब्लूइ का आयोजन किया जाये.यमन स्थित जिहादी संघटन ने मदाद बुलेटिन में कहा है की बिन सलमान के नए दौर में मस्जिदों की जगह सिनेमाघरों ने ली है.उन्होंने इमामों सबंधित पुस्तकों के स्थान पूर्व और पश्चिम के नास्तिकों और धर्मनिरपेक्षवादियों के बेतुकी बातों को जगह दी है.साथ ही भ्रष्टाचार और नैतिक पतन के लिए भी दरवाजे खुले कर दिए है.जिहादी संघटन पर नजर रखनेवाली साईट इंटेलिजेंस ग्रुप ने यह खबर उठाई है.आतंकी संघटन का कहना है की इस नीतियों से इस्लाम को ठेस पहुँच रही है.सऊदी अरब के ये नए प्रिंस सऊदी के अब तक के सबसे ज्यादा लोकप्रिय में से एक है.जिन्हें कुछ कट्टरवादियों से छोड़ पूरी सऊदी से प्यार मिल रहा है.

३१ साल के सऊदी के प्रिंस अब तक के सबसे प्रभावशाली युवा है.उन्होंने पारंपरिक रीतिरिवाजों से हटकर अपना स्थान मजबूत कर अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनायीं है. २ साल में ही सबसे ताकदवान चेहरे के रूप से सामने आये है.इसीके कारण सऊदी के गद्दी के पहले दावेदार न रहते हुए भी उनका स्थान कायम रहा है.इसमें यमन में सऊदी द्वारा किया जा रहा हमला हो,या फिर पारंपरिक तौर पर पर नियंत्रित करनेवाली फिज़ुल्खुर्ची हो,हर जगह पर प्रिंस सलमान ने बदलाव लाये है.सऊदी में लगी सख्त पाबदियों को भी कम कर दिया.इससे सऊदी के शाही परिवार की परम्परा भी बदलती हुई दिख रही है.इस तरह उनके हाथ में सारी शक्ति केन्द्रित होती जा रही है और साथ ही इसके कारण रिश्तेदार भी नाराज हो रहे है. सऊदी के प्रिंस ने महिलाओं के लिए भी नया युग खड़ा किया है.

सऊदी के सलमान के चचेरे भाई को डायबीटीज है और उन्हें २००९ में जिहादी ने मरने की भी कोशिश की थी.इस साल की शुरुवात में लम्बे समय तक उन्होंने अपना सारा समय अपने परिवार के साथ अल्जीरिया में बिताया.इस समय में उन्होंने किसी से भी बात नहीं की यहाँ तक की सऊदी के अधिकारी और अमेरिका के अपने सहयोगियों के साथ भी नहीं की.अमेरिका के अधिकारियों ने कयास लगाया है की वेह सलमान की गद्दी छीन जाने के संभावना से डरे हुए है.अब सुलतान भी नाएफ को कमजोर कर प्रिंस को प्रमुख दावेदार बनाना चाहते है .उन्होंने नाएफ के दरबार को विघटित कर अपने कोर्ट में शामिल किया है.इसके कारण भी प्रिंस की शक्तिया भी काफी बढती है.नाएफ पहले आतंकवाद के साथ लड़ने की वकालत करते थे लेकिन जब सलमान ने इस्लामिक देशों के साथ आतंकवाद से लड़ने की घोषणा की गयी तो इस बात पर कोई भूमिका नहीं ले रहे.