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इजराइल ने लिया अपना बदला, फिर एक बार रातोरात बर्खास्त किया ये देश

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गाजा इसराइल की सेना को निशाना बनाता ही जा रहा है.गाजा ने इसराइल कि सेना के अड्डे और हथियारों के ठिकाने किये गए हमले के कारण इसराइल सेना ने भी  कड़े जवाब में  रात को  गाजा पर हवाई हमला किया.दोनों तरफ से हमले बढ़ते ही जा रहे है.इसमें अभी तक किसी घायल होने की खबर नहीं मिली.

हाल ही मिले रिपोर्ट के मुताबिक़ इसराइल ने कहा है की उसने गाजा के हमास शहर में रात में हवाई हमले को अंजाम दिया है.इसराइल का कहना है की   इस्राइली सेना ने हमला तब किया है जब वहा से गाजा की तरफ से इस्राइली बलों को निशाना बनाया जा रहा था.जिसमे एक इमारत ध्वस्त  की खबर आई है.इस्राइली सेना का कहना है की गाजा ने उत्तरी पट्टे में हवास में हवाई हमला शुरू किया. जिसमें आतंकी   हमले और हथियारों के ठिकानो को निशाना बनाया गया था.फलस्तीन सुरक्षा सूत्रों ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि हमास को हमले का निशाना बनाया गया था जिसमें अभी तक किसी के घायल होने की कोई तत्काल सूचना नहीं है. कल इजरायली टैंकों ने हमास के तीन ठिकानों को निशाना बनाया था.

इन तिन ठिकानों को निशाना बनाने के बाद ये हमला किया गया जब इसके पहले गाजा की तरफ से खतरनाक बंदूकी गोलियों से इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया गया था. जिसमें एक इमारत ध्वस्त हो गया था.अब अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन से फलस्तीनी भड़के हुए है.येरुशलम में अमेरिकी दूतावास के उद्घाटन से भड़के फलस्तीन के नागरिकों ने सोमवार को गाजा सीमा पर उग्र विरोध प्रदर्शन किया.इजरायली फाइटर विमान के एक प्रवक्ता ने कहा कि इज़राइली स्ट्राइक विमान ने बुधवार की रात देर रात उत्तरी गाजा में हमास के ठिकानों पर हमला किया” उसके बाद तेल अवीव ने सिडरोट के सीमावर्ती शहर के पास हमास उत्तेजनाओं के चार टार्गेटों पर हमले किये.वो चार लक्ष्य में “सैन्य परिसर में इमारतों और हमास के बुनियादी ढांचे थे,” जबकि तीन हमलों ने एक हथियार उत्पादन सुविधा को लक्षित किया.

ईडीएफ ने ट्विटर पर घोषणा की “आईडीएफ इजरायली नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने के लिए अपने मिशन को पूरा करने के लिए तैयार है.”इससे पहले दिन में, एक आईडीएफ टैंक ने गाजा पट्टी के दक्षिणी भाग में हमास की स्थिति पर हमले किये थे. फिर, आईडीएफ ने दावा किया कि घातक बल का उपयोग “गाजा से आईडीएफ सैनिकों की ओर जवाबी कार्रवाई था.हाल के हफ्तों में, इजरायल के शार्पशूटरों ने गाजा की सीमा बाड़ के पास हजारों प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी, हजारों घायल होकर 100 से ज्यादा की हत्या कर दी है. आईडीएफ ने कई प्रदर्शनकारियों को “हमास के आतंकवादी” कहा है, हालांकि बच्चों, पत्रकारों और चिकित्सा कर्मी पीड़ितों में से एक है .गाजा में विरोधियों ने नकाबा.

इसी आपदा को चिन्हित किया है – 1948 के इजरायल द्वारा उनकी भूमि और गांवों की जब्त की गयी थी उसी की याद में सालगिरह मनाया जा रहा था, वे घरों और भूमि पर लौटने का अधिकार मांग रहे हैं.यरूशलम: इजराइल लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी गाजा पट्टी पर एक ठिकाने को अपना निशाना बनाया. सेना ने यह जानकारी दी है.सेना ने यह भी बताया है कि फलस्तीनी इन्क्लेव और यहूदी राज्य के बीच सामान की आवाजाही के लिये इस्तेमाल होने वाली एक सड़क को भी बंद कर दिया गया है. सेना ने एक बयान में बताया कि इजराइल ने मिस्र गाजा पट्टी सरहद के नजदीक दक्षिणी राफह क्षेत्र में जंगी विमानों के जरिए आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया है.इसका सीधा असर तुर्की और इसराइल के राजनयिकों पर होने के कारण राजनीति में बवाल मचा है.

तुर्की ने गाजा सीमा पर हुई हिंसा पर नाराजगी जताते हुए इजरायल के राजनयिक को देश से चले जाने को कहा है. यरुशलम में अमेरिकी दूतावास खोले जाने के विरोध में सोमवार को गाजा सीमा पर फलस्तीन के हजारों नागरिकों ने उग्र प्रदर्शन किया था.तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी ऐनडोलु के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने इजरायल के वाणिज्यदूत को कुछ समय के लिए देश से चले जाने को कहा है. तुर्की तेल अवीव से अपने राजदूत को पहले ही बुला चुका है. जवाब में इजरायल ने भी तुर्की के वाणिज्यदूत को यरुशलम से चले जाने का आदेश दिया है. उन्हें खदेड़ने के लिए इजरायल की सेना ने गोलीबारी की थी. इसमें 60 लोग मारे गए थे.गाजा हिंसा को लेकर ट्विटर पर तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच जुबानी जंग भी हुई. इसके चलते दोनों देशों के संबंधों को सामान्य करने के लिए 2016 में हुआ समझौता खतरे में पड़ गया है.

फलस्तीनी नागरिकों ने रविवार को गाजा में सबसे बड़े इजरायल विरोधी प्रदर्शन का आह्वान किया. सोमवार को गाजा पट्टी के पश्चिमी किनारे पर फलस्तीनी नागरिकों ने इजरायल विरोधी प्रदर्शन का आयोजन करने का निर्णय लिया है.सोमवार को इजरायल का 70वां स्वतंत्रता दिवस है. इसी अवसर पर फलस्तीनियों ने इस प्रदर्शन का आयोजन किया है. ये दिन फलस्तीन के नकबा दिवस के एक दिन पहले आता है. बताया जा रहा है कि ये विरोध प्रदर्शन अमेरिका के द्वारा इजरायल का दूतावास स्थानांतरित करने के विरोध में भी किया जा रहा है.गाजा सीमा पर दोनों तरफ से ये हमला बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के एक सप्ताह के बाद हुए हैं. विरोध प्रदर्शन का ये कार्यक्रम गाजा सीमा पर इजरायली सेना-आतंकियों के बीच संघर्ष के बाद आयोजित किये गए थे.जिसमेंं इजरायली बलों ने कुछ 60 फिलिस्तीनी मार गिराए थे. गाजा में इज़राइल और आतंकवादियों के बीच 2008 से तीन युद्ध हो चुके हैं.