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ये है दुनिया के पांच ताकदवर देश

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इतिहास को देखने से हमें पता लगता है की हर देश अपनी ताकद का प्रदर्शन दिखाकर पूरी दुनिया को अपनी ताकद दिखाना चाहता है. इतिहास से लेकर आज तक दुनिया में ये दौड़ चलती आयी है.हर एक देश दूसरे से आगे बढ़ने के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है.

हर देश दुनिया की बड़ी शक्तियों में अपना स्थान हासिल कर रहा है.अमेरिका और चीन जैसे देश अपनी सेनाओं पर अरबों और खरबों डॉलर खर्च कर रहा है। उनका यह बजट देश के अर्थव्यवस्था के बराबर है.दुनिया के इस दौड़ में अब भारत और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हुए है.स्वीडन के स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक स्टार पर रक्षा खर्च का ६० प्रतिशत इन पांच देशों द्वारा ही किया जा रहा है.

पहले देश का नाम अमेरिका ही आता है.२०१७ की रिपोर्ट के अनुसार सेना पर सबसे ज्यादा खर्च करनेवालों देशो में पहले नंबर में अमेरीका है. रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति पर बाकि देशो से सबसे ज्यादा तुलना में दस गुना ज्यादा करीब ६१२ बिलियन डॉलर खर्च करता है.इसके कारन अमेरिका के पास सभी अत्याधुनिक हथियार है.

अमेरिका के पास सबसे बड़ी नेवी मतलब करीब ५०० जहाज है.अमेरिका के पास सबसे विशिष्ट प्रतीक्षित सैन्य है.चीन दुनिया में सबसे बड़ी दुरी अर्थव्यवस्था के रूप में माना जाता है.अब चीन की सेना भी सबसे ताकदवर सेना मानी जाती है. चीन दिन ही दिन अपनी सेना के बजट को बढ़ा रहा है.पिछले पंचवीस वर्षों की रिपोर्ट के अनुसार चीन ने अपने रक्षातंत्र के बजट में १० गुना का इजाफा किया है.

थल सेना की मामले में चीन ही दुनिया में शीर्ष है.वह तेजी से सैन्य सुधार और आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है.चीन दुनिया में कई देशों में मिलिट्री बेस बनाने की योजना पर काम कर रहा है.चीन के पास २३ लाख सशस्त्र सैनिक है तो पांच लाख रिजर्व के रूप में है.चीन के मुकाबले यूएस के पास १४ लाख सक्रीय सैनिक है.

सीपरी की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने सैन्य रक्षा बजट में रूस को भी पीछे छोड़ दिया है.सऊदी अरब ने पिछले वर्ष में करीब ६९ अरब डॉलर खर्च रक्षा पर किया है.२०१२ से १६ तक इसमें हथियारों का आयात पिछले पांच की तुलना से २१२ फीसदी बढ़ गया था.पश्चिमी देशों  साथ तुलना झेलते हुए रूस ने अपना सैन्य खर्च पिछले साल घटा दिया है.क्योंकि यह २०१६ के मुकाबले करीब २० प्रतिशत कम है.

हलाकि रूस ने अपने रक्षा बजट को अब तक प्रभावित होने नहीं दिया।क्योंकि रक्षा के मामले में रूस आज भी चौथे स्थान पर है.रिपोर्ट के अनुसार रूस अपना रक्षा बजट उच्च स्टार पर नहीं बना सकता इसीलिए इसे पीछे हटना पड़ा.भारत भी अब दुनिया में हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा है. इस वक्त ब्रिटैन को पीछे छोड़ते हुए भारत का रक्षा बजट पहली बार दुनिया के शीर्ष पांच बजट में शामिल हुआ है.

२०१७ की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने रक्षा बजट में ५२.५ अरब डॉलर खर्च कर दुनिया में पांचवा स्थान हासिल किया है.२०१६ की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत ने रक्षा बजट पर ५१ डीलर खर्च किया था.भारत के पास ३७ युद्धपोत १ एयरक्राफ्ट करियर और ११ विध्वंसक है. ५०० से अधिक लड़ाकू विमान है और ३३०० टैंक है.भारत के पास १६ पनडुब्बियां है और जीनमें से दो परमाणु संपन्न है.

 

 

थल सेना में भारत की सेना दूसरे स्थान की सेना है.इसकी स्थापना सं १९४७ में भारत को आजादी मिलने के तुरंत बाद हुई थी.भारत अपनी सेनाओं को मजबूती प्रकट करने के लिए ज्यादा खर्च करता है.भारत अब धीरे धीरे रक्षा उपकरणों के मामले में आत्मनिर्भर हो रहा है.भारत का रक्षा बजट इस बार कुल बजट १२.७७ फीसदी है.अब भारत ने भी पांचवा स्थान हासिल कर दुनिया में अपनी ताकद बढ़ाई है.