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इन 5 कारणों के चलते चाहकर भी चीन कभी नहीं कर पायेगा भारत से युद्ध

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चीन कई सालो ऐसी हरकते करता आ रहा है जिससे भारत के साथ उसके रिश्ते टूटते जा रहे है. चीन ने हमेशा ही सीमा पर कब्ज़ा करने की कोशिश की है.

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चीन दुनिया का काफी शक्तिशाली देश है. उसकी जनसँख्या दुनिया में सबसे अधिक है. चीन क्षेत्रफल अनुसार दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है. इतने बड़े क्षेत्रफल की वजह से चीन के पडोसी देश भी सबसे अधिक है. लेकिन चीन के किसी भी देश के साथ अच्छे रिश्ते नहीं है. चीन ने सभी देशो की सीमाओ पर अपना सैन्य तैनात कर दिया है. चीन ने खुद ही अपने लिए शत्रु बना लिए है. चीन के सैन्य दल भी काफी सक्षम है. कुछ वर्षो से भारत और चीन की सीमा पर हालात कुछ ठीक नहीं है. चीन भारत की जमीन पर कब्ज़ा करना चाहता है. लेकिन इस सब के बावजूद भी कुछ ऐसे कारण है जिनकी वजह से चीन भारत से जंग नहीं कर सकता. उसे पता है की ऐसा करने से वह खुद के लिए हानिकारक साबित होगा.

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चीन और भारत की अर्थव्यवस्था १९७५-८० के आसपास लगभग एक जैसी ही थी. १९८० के बाद डेन जाऊ पिंग चीन के राष्ट्रपति बने. उनके कुशल नेतृत्व से चीन बड़े ही कम समय मैं बहुत ज्यादा तरक्की कर गया और भारत से बहुत आगे बढ़ गया. इतने कम समय और कड़ी महनत से चीन अज इस मकाम तक पहुंचा है. अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे अमीर और शक्तिशाली देश बना है. चीन को भारत से युध्द करने के लिए सौ बार सोचना होगा, क्योकि यदि चीन भारत के खिलाफ कोई कदम उठाता है तो उसके नतीजे बड़े ही हानिकारक होंगे और कई तरह से चीन पर असर करेंगे. चीन की देश को यहाँ तक पहुंचाने में लगी इतने सालो की महनत व्यर्थ साबित होगा.यह एक बड़ी वजह है की चीन भारत से उलज्ना नहीं चाहता.

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चीन की दुसरी बड़ी समस्या है उसके पडोसी देश. चीन की पुरानी आदत है पड़ोसी देशो की जमीन पर आक्रमण करना और उसपर अपना हक़ जताना. चीन का लगभग अपने सभी पडोसी देशो से सीमा संघर्ष जारी है. इस वजह से चीन की काफी ताकत उनपर खर्च हो रही है. चीन के सभी पडोसी मुल्क उसकी ऐसी हरकतों से परेशान है. चीन भारत से जंग छेड़ देता है तो यह पडोसी देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत का ही साथ देंगे. चीन इस बात से वाकिफ है. जब तक वह इन देशो पर अपना वर्चस्व साबित नहीं कर देता, वह भारत पर आक्रमण नहीं कर सकता. भारत से युध्द करने के लिए अपनी सेना को बड़ी मात्र में उपयोग करना होगा. चीन को अपनी बहुत सी संपत्ति खर्चनी होगी.

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एक और मुख्या वजह यह भी है की चीन आज लगभग पूरी दुनिया के लिए उत्पादनकर्ता बन चूका है. चीन में होने वाली चीजो का उत्पादन बहुत भरी मात्रा में है. चीन इन उत्पादनों के अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विक्रय के लिए आये दिन खरीददारो की खोज कर रहा है. चीन के उत्पादन का बहुत बड़ा हिस्सा भारत को निर्यात किया जाता है. चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साज़िदार है. भारत से युध्द होने पर भारत और चीन के बिच के यह व्यापार रुक जायेंगे जिससे चीन को भारी नुकसान सहना पड़ेगा. भारत में होने वाले निवेश और निर्यात से चीन को करोडो डॉलर का फायदा होता है. युध्द से चीन की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर होगा.

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भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है. चीन यदि भारत पर हमला कर दे, तो भारत इसे लोकतंत्र पर हुआ हमला घोषित कर सकता है. और वह सभी लोकतान्त्रिक देशो से नैतिक समर्थन की मांग करेगा. यह बात तय है की भारत को इन देशो से समर्थन मिलेगा. भारत ने अनेक देशो से अपने सम्बन्ध काफी हद तक मजबूत बना लिए है. सभी देश यह बात मानते है की चीन गैरलोकतान्त्रिक और साम्राज्य वादी देश है. चीन की हमेशा एक ही चाह रही है की वह एशिया के देशो पर अपना दबाव बनाए रखे. ऐसा करने से वह अमेरिका तथा पश्चिम देशो को चुनौती दे सकेगा. इसलिए चीन को रोकने के लिए ही क्यू ना हो पर अमेरिका और पश्चिमी देश भारत का सहयोग करेंगे. इन देशो का मुकाबला करने के लिए चीन को किसी शक्तिशाली देश का समर्थन मिलना बहुत जरुरी है.

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भारत की भौगोलिक स्थिति भी उसकी एक बहुत बड़ी ताकत है. भारत के उत्तर में खड़ी हिमालय की चोटियाँ चीन के लिए बड़ी चुनौती है. भारत तिन दिशाओ से समुद्र से घिरा हुआ है. बंगाल से गुजरात तक के इस समुद्र तट पर भारत की नौसेना शक्तिशाली ढंग से हिन्द महासागर में खड़ी है. अंदमान निकोबार द्वीप पर भारत की तीनो सेनाओ का कडा पहरा है. यहा से पास ही में मौजूद मलक्का स्ट्रेट से चीन अपने जरुरत के ७०% तेल का आयत करता है. भारत को किसी भी तरह का कोई संदेह होते ही भारत इसे बंद कर सकता है और इससे चीन को मिलने वाला तेल बंद हो जायेगा. भारत एक बहुत बड़े भूभाग और जनसँख्या वाला देश है, जिसपर कब्ज़ा कर पाना चीन के लिए लगभग मुमकिन नहीं है.

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हिन्द महासागर में अपनी स्थिति मजबूत रखने के लिए भारत ने ओमान और ईरान के बदर्गाओ का प्रयोग करने की अनुमति के लिए इन देशो से समजौते कर लिए है, जिससे अब भारत अपने नौसेना की जहाजो को इस इलाके में सैर करा सकता है. भारत अब एक परमाणु संपन्न देश है. इसकी मिसाइले चीन में कही भी हमला करने के लिए सक्षम है. भारत ने दुश्मन देशो पर निगरानी करने के लिए सक्षम ड्रोन भी बनाये है. जो सीमा भग में काफी मददगार होंगे. इन वजहों को ध्यान में रखते हुए चीन भारत पर हमला करने की हिम्मत नहीं करेगा. और यदि उसने ऐसा किया तो उसके लिए बहुत ही खतरनाक स्थिति खडी हो जाएगी. चीन को इस जंग से होने वाले नुक्सान से उभरने के लिए कई सालो का समय लग जायेगा.