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इस देश की कर्तुद आयी सामने, महिलाओं के साथ करते है ये गन्दा काम

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सऊदी अरब को दुनिया के उन देशों में माना जाता है जहां पर महिलाओं पर अभी भी सदियों पुराने कड़े नियम, रूढ़िवादिता व सख्त कानून लागु हैं. सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति काफी समय से काफी ख़राब रही है.लेकिन अब धीरे-धीरे इन्हें हटाकर महिलाओं को भी आगे आने का मौका दिया जा रहा है.

सारी दुनिया में सऊदी अरब के कानूनों के बारे में खबर है.सऊदी अरब के महिलाओं को स्वतंत्रता से दूर रखा गया है.हेड ऑफ़ द प्रमोशन ऑफ़ वर्च्यु एंड द प्रिवेंशन ऑफ़ वाईस के रिपोर्ट के मुताबिक़ के रिपोर्ट के मुताबिक़ सऊदी अरब के स्कूल में पढनेवाली ४१%    लडकियां   ब्लैकमेल का शिकार हुई है.शेख अब्दुल रहमान बिन अब्दुल्लाह अल सनाद का कहना है की ब्लैकमेल के बारे में जिन  को शिकार बनाया है उनकी उम्र ज्यादातर  १६ से ३० साल   के बीच की  है.सऊदी के रिपोर्ट के मुताबिक़ सभी केस में ८५% महिलाए शिकार होती है.उनका   कहना था की अवैध रिश्ते के खिलाफ हम  हमेशा चेतावनी देते रहे है.महिलाए कई सारे अवसरों में जाकर ब्लैकमेल का शिकार  बन जाती है.शेख अब्दुल रहमान बिन अब्दुल्लाह अल सनाद ने कहा की  विवाहों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने वाली साइटों पर सतर्क रहने की जरुरत है.

शेख अब्दुल रहमान बिन अब्दुल्लाह अल सनाद ने कहा की ऐसे साइट्स में बस कुछ लोग हमारा इस्तेमाल करते है, इसलिए हमें उन व्यक्तिगत विवरणों को भेजने से बचना चाहिए जो उनके खिलाफ इस्तेमाल हो सकते है.एंटी-ब्लैकमेल यूनिट के रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, इन साइट्स द्वारा “74% मामलों में लोगों की मांग महिलाओं से सेक्स होती हैं, जिनमे महिलाओं द्वारा इस मांग को इंकार करने पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है.” शेख अब्दुल रहमान बिन अब्दुल्लाह अल सनाद ने ऐसा भी कहा की कहा की जो कोई व्यक्ति पीडिता से जो माँगता है वोह उसे नहीं मिलता.जिसके वजह उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है.उन्होंने कहा की ज्यादातर ९९ % केसेस में ऐसा होता है. वे कहते है की पीड़ितों को ब्लैकमेल करने में औरत व पुरुष दोनों शामिल हैं, कई महिलाओं को खुद महिलाएं ही ब्लैकमेल करती हैं.

गल्फ न्यूज़ के अनुसार, 57 प्रतिशत मामलों में, ब्लैकमेलर्स द्वारा यौन उत्पीडन के लिए मना किये जाने पर पीड़ित को नगदी जुटाने के लिए धमकी दी जाती है, इन धमकियों को दिए जाने के लिए सबसे ज्यादा सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल किया जाता है.”सऊदी अरब की महिलाओं की शादी कम उम्र में होती है.सऊदी जनरल प्राधिकारियों के आंकड़ों से पता चला है जो राज्य के कई जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक विशेषताओं को दर्शाया गया है. इस सर्वे से कुछ दिलचस्प बातें सामने आयीं है. जिनमें से एक तथ्य यह है कि सऊदी पुरुष 25 साल की उम्र में शादी करना पसंद करते हैं, जबकि सऊदी महिलाओं की शादी 20 साल की उम्र में ही हो जाती है.रिपोर्ट में एक चौकाने वाली बात सामने आई है, सऊदी महिलाए जिनकी शादी बहुत कम उम्र में ही हो जाती है उनमें ज़्यादातर महिलाएं तलाकशुदा और विधवा होती है.

 

सऊदी अरब में महिलाओं का ड्रेस कोड इस्लामी धर्म के अनुसार होता है. सऊदी अरब में महिलाओं के द्वारा बुर्का(अबाया) पहना जाता है। जिससे उनका पूरा शरीर ढ़का रहे. सिर पर लगाए जाने वाले दुपट्टे से चेहरे को ढ़कना अनिवार्य नहीं है. लेकिन कुछ कट्टरपंथियों के द्वारा इसे मजबूरन ढ़कवाया जाता है.पिछले साल, सऊदी अरब ने महिलाओं के बिना ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की पेशकश की थी. इस पर ओलंपिक खेल समिति के एक अधिकारी ने कहा था कि हमारा समाज महिलाओं के इस खेल में भाग लेने पर कठोर रूढ़िवादी हो सकता है. सऊदी अरब ने पहली बार साल 2012 में ओलंपिक खेलों में महिला एथलीटों को लंदन भेजा था. जब कट्टरपंथी मौलवियों ने इन्हें वेश्या कहा था.शॉपिंग मॉल में महिलाओं को पुरूषों के साथ कपडो की खरीददारी करने पर कई प्रतिबंध लगाए हुए है. इसके अलावा अन्य प्रतिबंधों में महिलाएं बिना सेंसर वाली फैशन पत्रिका को भी नहीं पढ़ सकती है.

सऊदी अरब के रिपोर्ट के मुताबिक़ अविवाहित व्यक्तियों की संख्या 10.3% है. रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक हर सौ सऊदी महिलाओं में से जिनकी शादी शादी हो चुकी है  उनमें से 46% महिलाएं ऐसी है जिनकी 20 साल की उम्र में ही पहली शादी हो जाती है.सर्वे में एक और बेहद चौकाने वाली बात सामने आई है वो यह है कि अगर किसी सऊदी महिला की उम्र 32 हो जाएगे और अगर उसकी शादी न हुई हो तो उसके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है क्योंकि २० का आकड़ा पार करने के बाद ज्यादातर उनकी शादी होने की उम्मीद घट जाती है. शादी न होने के मामले में 2.95% महिलाएं शामिल है. जो महिलाऐं 20 साल की उम्र में पहली बार शादी करती है उन महिलाओं की संख्या 46% है.

पिछले आंकड़ों के मुताबिक, 2,237,983 सऊदी महिलाओं (2.24 मिलियन) से 230,512 सऊदी महिलाओं की शादी नहीं हुई है, जिनकी उम्र 15 साल है और इन्होने कभी शादी नहीं की है. लकिन अब सऊदी में महिलाओं को स्वतंत्रता मिल रही है. सऊदी अरब में शुरू हो रहे महिला निवेशक प्रदर्शनी में 600 महिला प्रदर्शनकारियों के आने की उम्मीद है, यह कार्यक्रम 21 दिसम्बर से रियाद सरकार के तहत शुरू किया जायेगा.आयोजन समिति के प्रमुख हुदा अल-जेरासी ने कहा कि 1,000 से ज्यादा महिलाएं इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना चाहती हैं, परन्तु इसमें सिर्फ 600 लोग ही शामिल हो सकते हैं.आयोजन समिति के प्रमुख हुदा अल-जेरासी ने कहा कि 1,000 से ज्यादा महिलाएं इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना चाहती हैं, परन्तु इसमें सिर्फ 600 लोग ही शामिल हो सकते हैं.अल-जेरासी ने कहा की इस प्रकार की प्रदर्शनी जो महिलाओं द्वारा घर में बनाये गए उत्पाद हों, इससे सरकार द्वारा महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता है.