Home देश इस देश पर जल्द ही आक्रमण करेगा रूस, दी ये बड़ी धमकी

इस देश पर जल्द ही आक्रमण करेगा रूस, दी ये बड़ी धमकी

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रूस और अमेरिका के बिच संबंध वक़्त के साथ बिगड़ते नजर आ रहे है. इन दो देशों के सम्बन्ध शुरू से ही अच्छे नहीं रहे है. और हाल ही में रुसी जासूस पर हुए जहर हमले के बाद से दोनों देशो में एक नए विवाद शुरुवात हो चुकी है. ब्रिटेन में रुसी जासूस पर पर जहर प्रयोग के बाद अमेरिका समेत पश्चिमी देशो ने ब्रिटेन का समर्थन करते हुए अपने देश में स्ठित रुसी एजेंटों को अपने देश से बहार निखालना शुरू कर दिया था. इस पर गुस्से में आ कर रूस ने भी अपने देश से अमेरिकी राजदूतों को निकाल बहार कर दिया है.

अमेरिका ने अब रूस के सात प्रभावशाली व्यापारियों और रईसों पर प्रतिबंध लगा दिया है. ये प्रतिबंध रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद किरिल शामालोव के अलावा १२ कंपनियों, १७ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और हथियारों का निर्यात करने वाली एक रुसी सरकारी कंपनी पर लगाए गए हैं. अमेरिका के इस निर्णय पर रूस ने करारा जवाब देने की चेतावनी दे दी है. रूसी विदेश मंत्रालय ने रूस के खिलाफ अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाए जाने पर कहा है कि रूस नए अमेरिकी प्रतिबंधों और भविष्य में किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई को नजरअंदाज न करते हुए इसका जवाब सख्ती से देगा. रूस ने कहा है कि पहले ५० चरणों के प्रतिबंधों से कुछ हासिल नहीं हो सका है और इसलिए अब अमेरिका वीजा जारी न करके लोगो में डर फैला रहा है.

रूस की समाचार एजेंसी सिन्हुआ से मिली जानकारी के मुताबिक, मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा है कि प्रशासनिक कदम उठाकर प्रतिस्पर्धियों को हटाने सहित अंतहीन प्रतिबंधों के साथ अमेरिका वास्तव में बाजार अर्थव्यवस्था और मुक्त, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के खिलाफ हो गया है. रूस मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि कोई भी दबाव रूस को उसके चुने गए मार्ग से हटा नहीं सकता है. अमेरिका के ऐसे कदम केवल अपने लक्ष्यों को हासिल करने में अमेरिका की अयोग्यता को दर्शाते हैं. मंत्रालय ने कहा, हम वॉशिंगटन को अपना यह भ्रम दूर करने की सलाह देना चाहेंगे कि प्रतिबंधों की भाषा से हमें डराया जा सकता है. रूस के मंत्रालय ने कहा है की अमेरिका रूस के उद्योगों की कंपनियों की संपत्ति जब्त करने की धमकी दे रहा है.

किंतु अमेरिका यह बात भूल गया है कि निजी संपत्ति और अन्य लोगों के धन को अधिग्रहण करना चोरी मानी जाता है. रूस के मंत्रालय ने आगे कहा है कि ऐसे प्रतिबंध अमेरिका को बाजार अर्थव्यवस्था और स्वतंत्र प्रतियोगिता के दुश्मनों की श्रेणी में रखते हैं. तो वही दूसरी तरह रूस की इस चेतावनी पर व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन रूस के साथ सकारात्मक संबंध चाहता है. लेकिन इसके लिये रूस को अपने बर्ताव में उल्लेखनीय बदलाव लाने की आवश्यकता होगी. अमेरिकी प्रशासन द्वारा रूस के सात कुलीनों, १२ कंपनियों और १७ सरकारी अधिकारियों और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाये जाने के कुछ ही घंटे बाद व्हाइट हाउस द्वारा यह बयान सामने आया है. वाइट हाउस द्वारा कुछ ही समय में इस पर प्रेस सचिव ने बयान दिया.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कल अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा की ‘रूसी सरकार के साथ हम सकारात्मक संबंध चाहते हैं लेकिन इसके लिये उन्हें निश्चित रूप से अपने बर्ताव में उल्लेखनीय बदलाव लाने की आवश्यकता है’ साराह ने आगे कहा की ‘अमेरिकी कांग्रेस की इच्छा को ध्यान में रखते हुए ये प्रतिबंध एवंपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई यह साबित करती है कि राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रम्प) का यह कहना बिल्कुल सही है कि कोई भी रूस पर सख्त नहीं रहा है.’ उन्होंने कहा कि अब गेंद रूसी अदालत के पाले में है क्योंकि उनकी कार्रवाई ही यह फैसला करेगी कि निकट भविष्य में रूस के साथ अमेरिकी संबंध का स्वरूप क्या होगा. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा कि वह रूस के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं लेकिन यह रूस की कुछ कार्रवाइयों पर निर्भर करने वाला है.’

अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने रूस पर लगाये गए इन प्रतिबंधों का स्वागत किया है. अमेरिका द्वारा की गयी इस लगातार दूसरी कार्यवाही से रूस काफी क्रोधित है. रूस के सात सबसे प्रभावशाली कुलीनों पर अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाए जाने पर रूस ने शनिवार ७ अप्रैल को कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है. रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा ‘‘हम मौजूदा हमले या रूस के खिलाफ किसी भी नए हमले का कड़ा जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे.’’ अमेरिका के प्रतिबंधों में १२ कंपनियों, १७ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और हथियारों का निर्यात करने वाली एक सरकारी कंपनी को निशाना बनाया गया है. गौरतलब है कि पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रिपल को जहर देने के मामले से रूस और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक संकट पैदा हो गया है.

रूसी जासूस सर्गेई स्कि्रपल उम्र ६६ साल और उनकी बेटी यूलिया उम्र ३३ साल पर चार मार्च को जहर से हमला हुआ था. इस हमले के बाद इन घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ. दोनों पीड़ितों को ब्रिटेन के अस्पताल में इलाज के लिए भारती किया गया है, उनकी हालत काफी गंभीर है. ब्रिटेन ने इस हमले के लिए रूस पर आरोप लगाया है. रूस ने इन आरोपों को सिरे से साफ़ इनकार किया गया है. रूस के पूर्व जासूस सर्गेइ स्क्रिपल और उनकी बेटी यूलिया ४ मार्च को दक्षिणी इंग्लैंड में एक शॉपिंग सेंटर के बाहर एक बेंच पर बेहोशी की हालत में मिले. पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई. वहां पता चला कि उन्हें जहर दिया गया है. स्क्रिपल इससे पहले भी विवादों में रहे है. रूस के सेवानिवृत सैन्य खुफिया अधिकारी स्क्रिपल को ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में रूस ने साल २००६ में १३ साल की सजा सुनाई गयी थी.