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एक्शन में आया ये अरब देश, भारतीय लोगों के नोकरियों को लेकर लिया ये बड़ा फैसला

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सऊदी अरब में हाल ही में निकाले नए नियम के अनुसार,सऊदी में १२ क्षेत्रों में प्रवासी काम नहीकर सकेंगे.जिसमें अब सऊदी के नागरिक ही काम करेंगे.इसी तरह ओमान ने भी अपना विज़न रखा है.जिसके कारण वह भी वहा के प्रवासियों को बाहर निकालकर अपने नागरिकों को रोजगार देना चाहता है.

सऊदी अरब में हलाखी में नए निकले नए नियम के तहत सऊदी में अब प्रवासियों को नौकरी मिलना अब मुश्किल हो जाएगा.अब नए १२ क्षेत्रों में सऊदी अरब के नागरिक ही काम करेंगे.इसके कारण बड़ी मात्रा में सऊदी अरब के प्रवासियों को निकाला जा रहा है.जिसके कारण सिर्फ सऊदी लोगों को ही काम पर रखा जाएगा.सऊदी के प्रशासन ने २०३० तक विज़न तय किया है.अब प्रवासियों की बजाए सऊदी नागरिकों को नौकरी दी जाएगी.इसी तरह ओमान में भी ओमानीकरण किया जा रहा है, जिसके तहत ओमान में प्रवासियों को हटाकर ओमान नागरिकों को नौकरी दी जा रही है.स्थानीय दैनिक टाइम्स ऑफ ओमान ने बताया कि जनशक्ति मंत्रालय (एमओएम) की एक घोषणा के मुताबिक स्थानीय लोगों के बीच उच्च बेरोजगारी संख्या को कम करने के उद्देश्य से 26,000 से ज्यादा ओमानियों को देश की प्रमुख भर्ती अभियान के हिस्से के रूप में नौकरियां मिली हैं.

ओमान के जनशक्ति मंत्रालय (एमओएम) ने खुलासा किया है कि 26,103 नागरिकों को ओमान की निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों नौकरियां दी गयी है. इस घोषणा के मुताबिक, दिसम्बर में ओमान ने प्रवासियों को निकालना शुरू किया था. अब वहा की प्रवासियों की भी मुश्किलें बढ़ गयी है. इस पहल के शुरू होने के बाद से 8,447 महिलाओं और 17,656 पुरुषों को नौकरिया दी गयी है.अरब न्यूज़ के मुताबिक, ओमान में 4.5 मिलियन लोग रहते हैं, जिनमें से 2.4 मिलियन ओमानी हैं. बाकी के लोग प्रवासी है. ओमानीकरण ड्राइव अपने नागरिकों की भर्ती के लिए सरकार की पहेल का हिस्सा है. जिस तरह सऊदी अरब और कुवैत जैसे देश रोज़गार में स्थानीय लोगों की संख्या में वृद्धि करने की कोशिश कर रहे हैं. अब ओमान भी इस पहल में पूरी तरह शामिल हो चुका है.

सऊदी अरब ने गैरकानूनी ढंग से रहने वाले विदेशियों को पकड़ने के लिए इस साल की शुरूआत से सख्त अभियान छेड़ा है. सऊदी अरब ने निताकत नीति को सख्ती से लागू किया है जिसके तहत सऊदी नागरिकों को रोजगार का अधिकार मिलता है. इस अभियान से सऊदी अरब में काम करने वाले करीब 90 लाख मजदूर घेरे में हैं. दशकों से लचर प्रवासी कानून की वजह से विदेशी कामगार सस्ती मजदूरी और सेवा से जुड़े काम करते आ रहे हैं. आरामपसंद सऊदी नागरिक आम तौर पर इन कामों को नहीं करते.अब अधिकारियों का कहना है कि विदेशी मजदूरों को निकाल देने से नागरिकों के लिए नई नौकरियां पैदा होंगी. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुताबिक अभी तक सऊदी अरब में बेरोजगारी दर 12.1 फीसदी है. लेकिन राष्ट्रवादी इस कदम से बेहद जोश में हैं. इस साल जब सऊदी सरकार ने विदेशी मजदूरों को लेकर चेतावनी जारी की तब से लाखों विदेशी मजदूरों को देश से निकाल दिया गया.

रोजमर्रा के कामों नहीं होने के बावजूद सऊदी नागरिक पुलिस की कार्रवाई से उत्साहित हैं. अब नागरिक मामलों को अपने हाथों में लेने लगे हैं. हालांकि पुलिस ने जनता से अपील की है कि वो इस तरह के कदम ना उठाएं. पिछले हफ्ते रियाद के मनहाऊफा इलाके में स्थानीय लोगों ने इथोपियाई नागरिकों से झगड़ा कर लिया. कुछ लोगों को बंधक भी बनाकर रखा. हालांकि पुलिस दो घंटे देर से पहुंची. इंटरनेट पर जारी एक वीडियो में देखा सकता है कि जनता ने इथोपिया के एक नागरिक के घर पर हमला बोल दिया और उसे सड़क पर खींचकर मारने पीटने लगी. इस झड़प में एक सऊदी नागरिक और एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई. जबकि दर्जनों घायल हो गए.कुगल कहते हैं, ”सऊदी अरब जिस प्रणाली के तहत विदेशी मजदूरों को नियंत्रित करता है वो विफल हो रही है.’

ओमान में रहने वाले प्रवासियों को ओमान में रहने के लिए कड़े से कड़े नियमों का पालन करना होगा, अब ओमान के प्रवासियों को श्रमिक आवासीय आवासों में रहने के लिए कड़े से कड़े नियमों का पालन करना होगा.टाइम्स ऑफ़ ओमान की एक रिपोर्ट एक अनुसार ओमान में रहने वाले अविवाहित प्रवासियों को मस्कट नगरपालिका ने उनके आवासों को अधिकारिक तौर पर रजिस्टर करने के लिए मात्र तीन दिन का समय दिया है, जो लोग ऐसा करने में नाकाम रहेंगे उन्हें आवासीय बेदखली का सामना करना पड़ सकता है. इस कदम से पता चलता है की ओमान में एक्सपेट्स और श्रमिकों को अब पूर्व नगरपालिका की अनुमति लेनी होगी अगर वे आवासीय क्षेत्रों में रहना चाहते हैं.इसके अलावा इस साल की शुरुआत में नगरपालिका ने कई अविवाहित प्रवासियों के घरों में छापा मारा था, जिन्होंने कुछ नियमों का उल्लंघन किया था.

मध्य पूर्व के व्यापार, उद्योग और अर्थशास्त्र महासंघ के अध्यक्ष खलफ अल उतैबी के मुताबिक, ”सऊदी अरब में करीब 40 फीसदी निर्माण कंपनियों को अपना काम सिर्फ इसलिए रोकना पड़ा क्योंकि विदेशी मजदूरों को समय पर वीजा नहीं मिल पाया.” सऊदी अरब के नागरिकों के मुताबिक बेकरी, सुपर बाजार, पेट्रोल पंप और कॉफी शॉप जैसे दर्जनों कारोबार बंद हैं. उनके मुताबिक मिस्त्री, बिजली मिस्त्री और नलकार की सेवाएं महंगी हो गई है. मध्य पूर्व में ह्यूमन राइट्स वॉच के एडम कुगल के मुताबिक, ”अगर सरकार को इस समस्या को लेकर गंभीर होना है तो अधिकारियों को श्रम कानून को देखना चाहिए न कि मजदूरों को.”ओमान ने भी ओम्निकरण करने का तय किया है इसलिए वह अपने नागरिकों को सक्षम करना चाहता है.अब विदेशीप्रवासियो को निकालकर सऊदी अरब की तरह अपने नागरिकों के लिए रास्ता खुला करना चाहता है.