Home देश क्या देश को अलग करनेकी कांग्रेस की साजिश चल रही है ?

क्या देश को अलग करनेकी कांग्रेस की साजिश चल रही है ?

SHARE

जम्मू कश्मीर और असम, देश के दो ऐसे राज्य है जो देश को सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है.लेकिन कांग्रेस की साजिश की वजह से दोनों क्षेत्र को बंदरंग कर दिया।इन दोनों क्षेत्र के बदनसीबी के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ है,जो देश के पूर्व प्रधानमत्री जवाहरलाल नेहरू की विरासत है.

कांग्रेस ने आजादी के समय भारत का विभाजन कर दो देशों को जन्म दिया।आजादी के बाद पार्टी ने मुसलमानो का हर तरीके से तुष्टिकरण किया।इसके कारन कांग्रेस हर साल सत्ता में आता रहा.सत्ता के लिए कांग्रेस ने मुसलामानों के तुष्टिकरण की साजिश में जम्मू कश्मीर और असम को जकड लिया।

इस दायरे से मुक्त होने के लिए देश आज भी छटपटा रहा है.देश के विभाजन के समय पूर्वी पाकिस्तान से बड़ी संख्या में कई लोग असम में आना शुरू हो चुके थे.जिसका असर असम के अर्थव्यवस्था पर होने लगा.उस वक्त १९५० में तत्कालीन प्रधानमत्री नेहरू ने एक्ट पारित किया जिसके तहत अवैध रूप से आये लोग बाहर नहीं जाए सकते।क़ानून के तहत सरकार को अवैध रूप से आनेवाले लोगो को बाहर निकालने का पूरा हक़ था ,लेकिन सब कुछ जानते हुए भी सरकार ने कुछ नहीं किया।

१९८३ में इंदिरा गाँधी ने IMDT नाम का अध्यादेश सिर्फ असम के लिए पारित करवा लिया।जिसके तहत अवैधवासी साबित करने की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की थी.इस क़ानून के तहत अवैध रूप से आये बांग्लादेशियों का जाना मुश्किल हो गया.लेकिन १९८५ में राजिव गाँधी के सामने इस IMDT अध्यादेश को ख़त्म करने की शर्त भी थी.लेकिन कांग्रेस ने क़ानून को ख़त्म करने के लिए कोई उपाय नहीं किया।

२००३ में इस क़ानून को ख़त्म करने के लिए प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने विधेयक पेश किया।लेकिन कांग्रेस के विरोध के कारण विधेयक संसदीय समिति को भेजना पड़ा.संसदीय समिति में कांग्रेस का वर्चस्व होने के कारण प्रस्ताव को खारिज कर दिया।कांग्रेस ने दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर के साथ भी कुछ ऐसा किया,जम्मू कश्मीर को दूसरे राज्यों से अधिक अधिकार दिए और इस के मुताबिक़ दूसरे राज्य का व्यक्ति कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकता।देश के विभाजन के बाद भारत की आतंरिक सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने लचर और अहितकारी नीतियों को अपनाया।

नीचे विडियो में देखिए – क्यों मोदी का यह भाषण संसद से हटाया गया