Home देश चीनी राजदूत ने PM मोदी को लेकर दी ये चौकाने वाली खबर

चीनी राजदूत ने PM मोदी को लेकर दी ये चौकाने वाली खबर

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वुहान में अनौपचारिक शिखर बैठक के दौरान भारत और चीन के बीच हुई दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस वर्ष तीन बार और मुलाकात कर सकते हैं ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है.भारत में चीन के राजदूत लुओ झाउहुई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

दिल्ली के एक कार्यक्रम में वुहान शिखर बैठक के दोरान कहा की चीन – भारत संबंध और उसके आगे के रास्ते ‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले हफ्ते हुई दो दिवसीय शिखर बैठक के दौरान मोदी और शी के बीच वैश्विक और द्विपक्षीय महत्व के व्यापक , दीर्घकालिक और रणनीतिक मुद्दों पर आम सहमति बनी.७३ दिनों से चल रही डोकलाम विवाद के बाद भारत और चीन के संबंधों में कटुता आ गई थी. वुहान में आयोजित शिखर बैठक को संबंधों में सुधार और आपसी विश्वास के पुर्निनर्माण के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.कार्यक्रम में संभोधन के दौरान चीनी राजदूत ने बताया की वुहान के मुलाकात काफी खास थी.और ये भी कहा की ये पहली बार था जब चीनी राष्ट्रपति ने किसी विदेशी नेता की अपनी राजधानी से बहार आ कर आगवायी की हो.

उन्होंने शिखर बैठक को चीनी कूटनीति में अत्यधिक विशिष्ट कार्यक्रम बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति शी ने कभी चीन की राजधानी बीजिंग के बाहर किसी विदेशी नेता की दो बार मेजबानी नहीं की है.इससे पहले २०१५ में चिनफिंग ने भी चीन के शिआन शहर में मोदी की मेजबानी की थी. उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत अधिक महत्व देता है.चीनी राजदूत ने कहा कि अनौपचारिक शिखर बैठक का विचार सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शी के साथ २०१७ में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से इतर रखा था. बाद में दोनों पक्षों ने इसे मुमकिन बनाने के लिए कड़ी मेहनत की.उन्होंने कहा की दोनों नेताओं के पास तीन और ऐसे मौके है जब उनकी मुलाकात की संभावना है.

राजदूत ने कहा कि शी और मोदी के वुहान में अपनी उपयोगी और व्यापक बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए इस वर्ष और मुलाकात करने की उम्मीद हैं. उन्होंने कहा कि दोनों नेता चीन में जून में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की बैठक , दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स के शिखर सम्मेलन और अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में होने वाले जी २० शिखर सम्मेलन में मुलाकात कर सकते हैं.उन्होंने कहा है की दोनों देशों के अधिकारियोने इस मुलाकात पर अपनी नज़र केन्द्रित की है.इसके बाद दोनो पक्षों की तरफ से बैठक को लेकर कई स्तरों पर तैयारियां की गई. चीन के प्रशासन ने इस बात का खास तौर पर ख्याल रखा कि मोदी और उनके दल के स्वागत में कोई कमी नहीं हो. चीन के राजदूत स्वयं इसके लिए गुजरात से टेबल क्लाथ और असम चाय ले कर गये थे.