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चीन और पाकिस्तान की नापाक हरकतों को देख इंडियन आर्मी ने आखिरकार उठाया ये बड़ा कदम

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भारत देश जनता है पाकिस्तान हो या चीन कभी भी हमला कर सकते है इसके लिए भारत अब पुरे जोरों से जंग की तयारी कर रहा है.भारत ऐसी तकनिकी अपना रहा है जिसके कारण पाकिस्तान और चीन से कोई भी सीमा के पास घुसपैठी नहीं कर सकता.भारतीय सेना को और ताकतवर बनाने के लिए एक भारत ने बड़ा कदम उठाया है.

एक महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजना के तहत सरकार ने सुरक्षा बलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल पर काम करना शुरू कर दिया है.इस परियोजना का मकसद सुरक्षा बलों को मानव रहित टैंकों, पोत, विमानों, रोबोटिक हथियारों से लैस करना और ऑपरेशन संबंधी तैयारियों को महत्वपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाना है. दरअसल, यह परियोजना अपनी सेना के लिए आर्टिफिशल इंटेलीजेंस के व्यापक इस्तेमाल की खातिर चीन के बढ़ते निवेश के बीच देश की थल सेना, वायु सेना और नौसेना को भविष्य के युद्धों के लिहाज से तैयार करने की एक व्यापक नीतिगत पहल का हिस्सा है.इस परियोजना की जानकारी देते हुए रक्षा सचिव (उत्पादन) अजय कुमार ने कहा है कि सरकार ने रक्षा बलों के तीनों अंगों में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस की शुरूआत करने का फैसला किया है. उनके मुताबिक दुनिया की दूसरी शक्तियों की तरह ही भारत ने भी अपने सशस्त्रों बलों की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल को लेकर काम करना शुरू कर दिया है. यह भविष्य की लड़ाई की जरूरत को देखते हुए काफी अहम कदम होगा.उन्होंने कहा कि टाटा संस के प्रमुख एन चंद्रशेखरन की अध्यक्षता वाली कमेटी इस परियोजना की बारीकियों और संरचना को अंतिम रूप दे रही है.

इसको सशस्त्र बल और निजी क्षेत्र की भागीदारी के मॉडल के तहत कार्यान्वित किया जाएगा.भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही है। हमें अगली पीढ़ी के युद्ध के लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है, जो ज्यादा से ज्यादा तकनीक आधारित, स्वचालित और रोबोटिक प्रणाली पर आधारित होगी. कुमार ने कहा, दुनिया के प्रमुख देश रक्षा बलों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की संभावना तलाशने की खातिर रणनीतियों पर काम कर रहे हैं. हम भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इस पहल में खास बात यह है कि इसके लिए हमारे उद्योग एवं रक्षा बल दोनों मिलकर काम कर रहे हैं.उन्होंने बताया, कार्यबल की सिफारिशें जून तक आ जाएंगी और तब सरकार परियोजना को आगे ले जाएगी. परियोजना को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे कुमार ने कहा कि एक संरचना को अंतिम रूप दिया जा रहा है. परियोजना के तहत रक्षा प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए मजबूत आधार के निर्माण की खातिर उद्योग एवं रक्षा बल साथ काम कर सकते हैं.