Home विदेश चीन जाकर कोरिया के सनकी तानाशाह ने दे डाला ये बड़ा बयान

चीन जाकर कोरिया के सनकी तानाशाह ने दे डाला ये बड़ा बयान

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उत्तर कोरिया के नेता तानाशाह किम जोंग-उन चीन की यात्रा पर गए हुए है. वे बुधवार से रविवार तक चीन क दौरे पर रहेंगे. वे यहाँ अपनी पत्नी री-सोल-जू के साथ पहुंचे है. चीन के सरकारी माध्यमो ने इस बात पर मोहोर लगा डी है की यह खबर सच है. खबर है की किम जोंग उन ने चीन के राष्ट्रपति सही जिन पिंग से मुलाक़ात की है. चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने इन दो नेताओं के मुलाकात की तस्वीर भी प्रकाशित की है. इस एजेंसी के मुताबिक इन दोनों ने परमाणु प्रसार को रोकने का संकल्प किया है.

इसके बदले चीन ने उत्तर कोरिया से अपने सम्बन्ध मजबूत बनाने का वादा किया है. इस मुलाक़ात के दौरान किम जोंग-उन ने कहा कि उत्तर कोरिया संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए और दोनों देशों की एक शिखर बैठक के लिए तैयार है. मुलाकात के दौरान तानाशाह ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को उत्तर कोरिया आने का निमंत्रण भी दिया. जिसे शी जिनपिंग ने स्वीकर भी कर लिया है.शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम के चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी जिन पिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने अपने मेहमानों का जोरदार स्वागत किया और किम और उनकी पत्नी के लिए बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ पीपल’ में शाही भोजन का आयोजन भी किया. चीन की सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी पर इस मुलाकात की तस्वीरें दिखाई गई.

इन तस्वीरों में किम जोंग-उन, उनकी पत्नी री सोल जू, शी जिनपिंग और दूसरे बाक़ी अधिकारी एक साथ नज़र आ रहे है. दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ बातचीत से पहले किम जोंग-उन का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है. चीन और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों में सुधार लाने के इरादे से किम जोंग चीन के दौरे पर गए हुए हैं. चीन और उत्तर कोरिया के सम्बन्ध काफी लम्बे समय से अच्छे रह चुके थे, किन्तु उत्तरी कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के दौरान उनके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों पर चीन के समर्थन के चलते इन दो देशों के संबंधों में थोड़ा तनाव निर्माण हो गया था. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम को अपने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे वाला बताया था.

चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा सहयोगी देश है. अमेरिका के साथ हाल के दिनों में तनाव बढ़ने का प्रमुख कारण उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम रहे हैं. उत्तर कोरिया की केसीएनए समाचार एजेंसी ने उत्तर कोरिया के ख़ास सहयोगी चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए इस यात्रा को “ऐतिहासिक” बताया है. २०११ में सत्ता में आने के बाद यह किम जोंग उन का पहला विदेश दौरा है. इसे अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच होने वाली वार्ता की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है. उनके पिता किम जोंग इल चीन की यात्रा करते थे, तब भी उनके वापस जाने के बाद ही यात्रा की पुष्टि की जाती थी. किम जोंग इल अपनी निजी ट्रेन से चीन और रूस की यात्रा किया करते थे, वह भी कड़ी सुरक्षा के बीच.

राजनयिकों और अन्य सूत्रों ने बताया कि किम जोंग इल विमान से विदेश यात्रा इसलिए नहीं करते थे क्योंकि उन्हें सुरक्षा का खतरा होता था. उनके बेटे किम जोंग उन ने स्विट्जरलैंड से पढ़ाई की है और कई बार प्लेन में बैठी उनकी तस्वीरें मीडिया में भी आई हैं. लेकिन साल २०११ में अपने पिता के निधन के बाद सत्ता संभालने के वक्त से वह देश से बाहर नहीं गए हैं. चीन के प्रसार माध्यमो से मंगलवार को इस बात की सुर्खियाँ जोरों पर थी कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन चीन की राजधानी बीजिंग में मौजूद हैं. चीन और उत्तर कोरिया की सीमा पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बाद यह अनुमान लगाये जा रहे थे. किम जोंग उन की चीन यात्रा के बारे में कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी थी.

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसे इस मामले के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है. लेकिन हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में आई एक खबर के अनुसार, चीन- उत्तर कोरिया सीमा और बीजिंग में विदेशी मेहमानों के बीच लोकप्रिय एक होटल पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के मौजूद रहने के बाद से किम जोंग की यात्रा के बारे में प्रसार माध्यमो में खबरे आना शुरू हुआ. इस अखबार ने कहा था की इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि यह नेता किम हैं लेकिन सुरक्षा इंतजामों को देखकर ऐसा लग रहा है कि यह जरूर कोई बड़ा नेता है जो चीन में आया हुआ है. चीन के प्रसार माध्यम पर डैन्डॉन्ग में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर रेलवे के आसपास बेहद कड़ी सुरक्षा थी, जिसकी वजह से भी यह माना जा रहा था कि किम यहां से गुजरे थे.

सोमवार दोपहर को पुलिस ने पेइचिंग में पूर्व से लेकर पश्चिम तक कड़ी सुरक्षा रखी. कुछ इमारतों में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गयी थी. पुलिस ने तियानमन स्क्वॉयर से सभी पर्यटकों को भी हटा दिया था. ज्यादातर ऐसा तभी होता है जब ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में कोई महत्वपूर्ण बैठक होनी हो, ये वही जगह है जहां चीन के वरिष्ठ नेता दूसरे देश के नेताओं से मुलाकात करते हैं. सोमवार शाम को ग्रेट हॉल के बाहर भी भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती दिखी गयी थी.टोक्यो स्थित निपॉन न्यूज़ नेटवर्क ने हरे डिब्बों पर पीली धारियों वाली एक ट्रेन की तस्वीरें प्रसारित की थी. इस चैनल का कहना था कि किम जोंग-उन के पिता और उत्तर कोरिया के नेता रहे किम जोंग-इल २०११ में जिस ट्रेन से बीजिंग पहुंचे थे, वह ट्रेन भी कुछ ऐसी ही दिखती थी. अमेरिका के व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका किम जोंग उन की चीन यात्रा की पुष्टि नहीं कर सकता. दक्षिण कोरिया के विश्लेषकों ने आशंका जताई है कि ये संभव है कि वह व्यक्ति किम जोंग उन न हो.