Home देश चुनाव नजदीक आने के कारण तेजप्रताप ने किया ये नया ढोंग

चुनाव नजदीक आने के कारण तेजप्रताप ने किया ये नया ढोंग

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दलितों को लुभाने के लिए उनके घर जाकर खाना खाने की रवायत पुरानी पड़ चुकी है. दलित भी उकता चुके हैं कि जब देखो एक न एक नेता टपक पड़ता है. होता तो कुछ नहीं है बस फालतू का फुटेज नेताओं को जरूर मिल जाता है.  अभी तक राजनीतिक दल के नेता दलितों के घर जाकर खाना खाते थे.लेकिन लालू के लाल ने दलितों के घर स्नान कर साबित कर दिया कि बिहार की राजनीति में वही उनके असली वारिश हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चाय पे चर्चा को टक्कर देने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने महुआ में सोमवार को सत्तू पर चर्चा की. वह अपने क्षेत्र में लोगों की समस्या सुन रहे हैं. इस दौरान उन्हों एक दलित के घर के बार लगे चापाकल पर स्नान भी किया. एक न्यूज पोर्टल के मुताबिक वहां बच्चों ने तेज प्रताप से खूब मजाक किया.

उन्होंने नहा रहे तेजप्रताप को मजाक-मजाक बॉडी दिखाने को कहा. इस पर तेज प्रताप ने भी अपने अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अपने घर में कभी बॉडी नहीं दिखाई जाती है.सत्तू पर चर्चा के दौरान उन्होंने महुआ के करहटिया बुजुर्ग पंचायत के लोगों की शिकायतें भी सुनी. उन्होंने उनकी समस्याओं को उसी समय निवारण करने की कोशिश भी की. अपने विस क्षेत्र में पद यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि महुआवासियों ने उन्हें अपना बेटा बनाया था.

अब वह बेटे का हर फर्ज निभाने की कोशिश कर रहे हैं. हम तो किसानों के घर में पिसा हुआ सत्तू खाते हैं और खुब खुश रहते हैं.जानकारी के मुताबिक तेजप्रताप अपने विधान सभा क्षेत्र में सिक्शा चलाते हुए पहुंचे थे. इस दौरान वह काफी खुश नजर आए.उन्होंने कहा कि रिक्शा चलाकर मैं पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का विरोध कर रहा हूं. पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ने से लोगों को भारी परेशानी होती है.

हम बिहार की जनता के साथ सत्तू पर चर्चा करेंगे. हर क्षेत्र में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे. रिक्शा चलाने को लेकर तेज प्रताप ने कहा कि मैं एक नया कॉन्सेप्ट लेकर आया हूं. रिक्शा में पेट्रोल-डीजल नहीं भरवाना पड़ता है और इससे पैर की एक्सरसाइज भी हो जाती है. रिक्शा चलाने का अनुभव अच्छा रहा और मुझे बहुत मजा आया। रिक्शा से चलने पर धूप, हवा, पानी सभी का मजा ले सकते हैं.