Home देश जिंदगी में पहली बार पाक ने अमेरिका पर लिया ये ताबडतोब एक्शन

जिंदगी में पहली बार पाक ने अमेरिका पर लिया ये ताबडतोब एक्शन

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अमेरिका ने पकिस्तान के राजनायिको पर लगाये कुछ कड़े प्रतिबंधों के कारण पाकिस्तान ने भी अपना कदम आगे बढ़ा लिया है.पकिस्तान ने भी अमेरिकी राजनायिको पर कड़े प्रतिबन्ध लगाकर करारा जवाब दिया है.पाकिस्तान के विशेषज्ञों का मानना है की अमेरिकी और पाकिस्तान के बिच ऐसे बिघडे सबंध पहले कभी नहीं रहे.

पहले अमेरिका ने पाक के राजनायिको पर प्रतिबन्ध लागू किये.इसके कारन पकिस्तान ने अमेरिका को जवांब देने के कारण अमेरिकी राजनायिको पर प्रतिबन्ध पारस्परिक तौर पर लगाए.अमेरिका में पाक राजनयिकों से लगे प्रतिबंध अब शुक्रवार से लागु होंगे.अभी बने सबंध से पाक विशेषज्ञों  का कहना है की इससे पहले   अमेरिका और पाक के रिश्हते कभी बुरे नहीं थे.पाकिस्तान ने भी अमेरिकी दूतावास को चेतावनी दी है की अमेरिका में भी प्रतिबंध लागु होने से पाकिस्तान में भी  प्रतिबन्ध शुरू हो जायेंगे.इसके साथ पाकिस्तान ने कहा की यहाँ भी अमेरिकी राजनायिको को किसी भी तरह की छुट नहीं दी जाएगी.अमेरिकी प्रशासन के अनुसार  वाशिंगटन स्थित दूतावास और न्यूयॉर्क दूतावास में नियुक्त पाकिस्तानी राजनयिकों को बाहर जाने से पहले अनुमति लेनी होगी और पकिस्तान में भी  अमेरिकी राजनायिको को आवाजावी पर प्रतिबन्ध लगाये जायेंगे.

अमेरिका प्रशासन ने पाक राजनायिको की हालचाल को सिमित किया है.पाक राजनयिक जिस  शहर में पोस्टेड है उसके ४० किलोमीटर की दायरे  में ही आना जाना कर सकते है.इसकी प्रतिक्रिया ऐसी की पाकिस्तान ने भी इसी तरह से प्रतिबन्ध लगाये है.बातचीत चलने के कारण अमेरिका ने ऐसे प्रतिबन्ध को १० दिन के लिए टाला था.अमेरिका में पाक राजदूत के मुताबिक पाक राजनयिकों और उनके परिवारों को 25 मील (40किमी) से बाहर की यात्रा के लिए पांच दिन पहले अनुमति लेनी होगी.उधर, पाकिस्तान ने अपने एयरपोर्टों पर अमेरिकी राजनयिकों के फास्ट ट्रैक्ट लगेज क्लियरेंस और एक से अधिक पासपोर्ट रखने की सुविधा ख़त्म कर दी है और वीज़ा तारीख पर सख़्त अमल करने का फ़ैसला लिया है. पाकिस्तान के प्रतिबंधो के तहत अमेरिकी डिप्लोमैट अपनी कारों पर टिंटेड ग्लास भी नहीं लगा सकेंगे.

पाक में कांसुलेट के गैर राजनयिक कर्मचारियों की कार को अब डिप्लोमैटिक नंबर नहीं मिलेगा, लोकल नंबर लेना होगा. सुरक्षा भी वापस ली जाएगी. सभी अमेरिकी डिप्लोमैट को अपने मोबाइल सिम के इस्तेमाल के लिए बायोमैट्रिक्स कराना होगा. किराए के घर के लिए भी सरकार से नो आब्जेक्शन लेना होगा.डॉग न्यूज़ के रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद में बृहस्पतिवार को मंत्रालय ने एक सूचना जारी की.जारी किये इस सुचना के तहत अमेरिका को चेतावनी दी की अमेरिका में प्रतिबन्ध लागु होने के तुरंत पकिस्तान में भी प्रतिबद्ध लागु कर दिए जायेंगे.इसके साथ-साथ पाक हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर अमेरिकी राजनयिक कार्गो को भी विएना संधि के अनुच्छेद 27 के मुताबिक जांच में छूट नहीं दी जाएगी.अधिसूचना में कहा गया है कि विदेशी राजनयिकों व पाक अधिकारियों के बीच वार्ता नियंत्रण वाले नियम भी प्रभावित हो जाएंगे.

अधिसूचना में अमेरिकी राजनयिकोंको दी गई सात सुविधाएं वापस ले ली गई हैं.इनमें अधिकृत वाहनों पर गैर-राजनयिक नंबर प्लेटों का उपयोग, एक से अधिक पासपोर्ट और ओवरशूटिंग वीजा अवधि का उपयोग शामिल है. अमेरिकी दूतावास अब पाक में न तो वाहनों पर टिंटेड विंडो का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और न ही बायोमेट्रिक सत्यापित सिम के बिना उसका प्रयोग कर पाएंगे. पाक स्थित अमेरिकी दूतावास को अब आवास पर रेडियो संचार स्थापित करने या संपत्ति किराए पर लेने अथवा किसी एक संपत्ति से दूसरी में जाने के लिए भी मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा.हले यह प्रतिबंध एक मई से लागू होने थे लेकिन बाद में इन्हें 11 मई तक स्थगित कर दिया गया था.अमेरिका में पाक राजदूत एजाज चौधरी ने कहा कि मेरे विचार से अमेरिका का फैसला सही नहीं है

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पाकिस्तानी अधिकारियों का तर्क था कि यह पाबंदियां नहीं हैं बल्कि अमेरिकी राजनयिकों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया कदम है. डॉन न्यूज ने विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा कि अमेरिका ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि इस्लामाबाद पाकिस्तान में अमेरिकी राजनयिकों पर इसी तरह की पाबंदियां लगा चुका है. वॉइस ऑफ अमेरिका की उज्बेक सेवा को दिए साक्षात्कार में राजनीतिक मामलों के अवर विदेश मंत्री थॉमस शैनन ने कहा , ‘‘ विशिष्ट रूप से इस तरह की पाबंदियों की प्रकृति परस्पर होती है , मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा. ’’डॉन के मुताबिक शैनन ने अमेरिका के फैसले के प्रभाव को कमतर करके दिखाने का प्रयास करते हुए कहा कि यह तो कूटनीति में आम चलन है. और इसके बजाए जरूरत है दोनों देशों के बीच लगातार जारी बातचीत को देखने की.

मीडिया में पहले आई खबरों के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को हाल में यह सूचित किया है कि एक मई से वाशिंगटन में उसके दूतावास और अन्य शहरों में वाणिज्य दूतावास में पदस्थ राजनयिक अपने कार्यालय से 40 किमी से आगे बिना इजाजत यात्रा नहीं कर सकेंगे. इस अधिसूचना के मुताबिक 40 किमी के दायरे से आगे की यात्रा करने से कम से कम पांच दिन पहले राजनयिकों के आवेदन कर इजाजत लेनी होगी. बता दें कि पाकिस्तान में अमेरिकी राजनयिक कर्नल जोसेफ इमैनुअल हॉल की गाड़ी से टकराकर एक बाइक सवार की मौत के बाद जोसेफ को नो फ्लाय लिस्ट में डालने की तैयारी की जा रही है. कर्नल हॉल पर आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है. हालांकि, राजनयिक को उनकी राजनयिक प्रतिरक्षा के कारण हिरासत में नहीं लिया गया था.